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शिक्षकों के कार्य निर्धारित समय सीमा में होगें पूरे
Updated Thu, 26 Jul 2018 10:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में अब पटल सहायक मनमानी नहीं कर सकेंगे। उन्हें शिक्षकों के कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने होंगे। इससे शिक्षकों को राहत मिलेगी। विभाग के चक्कर नहीं काटने होंगे।
शिक्षा विभाग में शिक्षकों के कार्य काफी समय तक लंबित रहने, पटल सहायकों और जिम्मेदारों के कार्यों को लंबित रखने और शिक्षकों का आर्थिक शोषण करने की लगातार शिकायतें मिलने पर अपर शिक्षा सचिव की ओर से विभागीय कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई है।
अपर सचिव के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व पटल सहायकों को पत्र जारी किया गया है। इसमें कार्य की समय सीमा का निर्धारण किया गया है। इसके तहत शिक्षकों के उपार्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश को सात से तीस दिन के अंदर स्वीकृत करना होगा। शिक्षकों व कर्मचारियों की वेतन वृद्धि निर्धारित तिथि पर लगाई जाएगी। एसीपी की स्वीकृति जुलाई व जनवरी में प्रतिवर्ष की जाएगी। डीपीसी निर्धारित समय पर, जीपीएफ सात दिन के अंदर, अन्य अवशेष का आदेश निर्गत होने के सात दिन के अंदर, सेवानिवृत्त कर्मियों के देयकों का भुगतान सेवानिवृत्त तिथि पर व टीए बिल का भुगतान सात दिन के अंदर होगा।
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चिकित्सीय प्रतिपूर्ति के बिल का भुगतान सीएमओ के सत्यापन के सात दिन के अंदर किया जाएगा। शिक्षकों का समय से भुगतान न होने और उनके कार्य में विलंब होने पर संबंधित पटल सहायक और जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों के कार्य निर्धारित समय सीमा में होंगे पूरे
- अब शिक्षकों को नहीं लगाने होगे चक्कर
- पटल सहायक नहीं लटका सकेंगे पत्रावली
हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में अब पटल सहायक मनमानी नहीं कर सकेंगे। उन्हें शिक्षकों के कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे करने होंगे। इससे शिक्षकों को राहत मिलेगी। विभाग के चक्कर नहीं काटने होंगे।
शिक्षा विभाग में शिक्षकों के कार्य काफी समय तक लंबित रहने, पटल सहायकों और जिम्मेदारों के कार्यों को लंबित रखने और शिक्षकों का आर्थिक शोषण करने की लगातार शिकायतें मिलने पर अपर शिक्षा सचिव की ओर से विभागीय कार्य के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई है।
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अपर सचिव के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव की ओर से सभी खंड शिक्षा अधिकारियों व पटल सहायकों को पत्र जारी किया गया है। इसमें कार्य की समय सीमा का निर्धारण किया गया है। इसके तहत शिक्षकों के उपार्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश को सात से तीस दिन के अंदर स्वीकृत करना होगा। शिक्षकों व कर्मचारियों की वेतन वृद्धि निर्धारित तिथि पर लगाई जाएगी। एसीपी की स्वीकृति जुलाई व जनवरी में प्रतिवर्ष की जाएगी। डीपीसी निर्धारित समय पर, जीपीएफ सात दिन के अंदर, अन्य अवशेष का आदेश निर्गत होने के सात दिन के अंदर, सेवानिवृत्त कर्मियों के देयकों का भुगतान सेवानिवृत्त तिथि पर व टीए बिल का भुगतान सात दिन के अंदर होगा।
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चिकित्सीय प्रतिपूर्ति के बिल का भुगतान सीएमओ के सत्यापन के सात दिन के अंदर किया जाएगा। शिक्षकों का समय से भुगतान न होने और उनके कार्य में विलंब होने पर संबंधित पटल सहायक और जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों के कार्य निर्धारित समय सीमा में होंगे पूरे
- अब शिक्षकों को नहीं लगाने होगे चक्कर
- पटल सहायक नहीं लटका सकेंगे पत्रावली