दो साल में 50 हजार ग्राम पंचायतें होंगी गरीबी से मुक्त
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हरदोई। गाय, गांव, गंगा और गरीबी लोकसभा चुनाव के दौरान भारतीय जनता पार्टी के एजेंडे में शामिल था। इन मुद्दों पर मतदाताओं ने भाजपा पर या यूं कहें कि नरेंद्र मोदी पर जमकर वोट बरसाए। इसी कड़ी में अब देश भर के 50 हजार गांवों को गरीबी मुक्त गांव के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इन 50 हजार गांवों में 10,783 ग्राम पंचायतें उत्तर प्रदेश की होंगी। चयनित ग्राम पंचायतों को 2 अक्तूबर 2019 तक पीएफवी (पावर्टी फ्री विलेजेस) यानी गरीबी से मुक्त गांव बनाए जाने का लक्ष्य है। पूरी योजना को मिशन अंत्योदय का नाम दिया गया है।
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने भारत को विकासशील देश से विकसित देश की शृंखला में शामिल कराने की कवायद शुरू की। इस कवायद को न सिर्फ सरकारी स्तर पर बल्कि सामाजिक स्तर पर आम जनता से जोड़ कर रफ्तार दी गई। स्वच्छ भारत मिशन शुरू हुआ तो ओडीएफ विलेजेस यानी खुले में शौच से मुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया गया। जनपद में भी 31 दिसंबर तक सभी गांवों को ओडीएफ करने का लक्ष्य है।
ओडीएफ की तर्ज पर ही अब पीएफवी की शुरुआत करने का निर्णय लिया गया है। मिशन अंत्योदय के तहत शुरू हो रही गांवों को गरीबी मुक्त बनाने की योजना में पूरे देश से 50 हजार गांवों को चिह्नित किया जाएगा। इन गांवों में उत्तर प्रदेश के 10,783 गांव शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने इस संबंध में सभी डीएम और सीडीओ को गांवों का चयन करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
ऐसे गांवों को दी जाएगी प्राथमिकता
खुले में शौच से मुक्त ग्राम पंचायतें, स्वरोजगार और समूह गठन में उल्लेखनीय कार्य करने वाली ग्राम पंचायतें, जल संरक्षण के क्षेत्र मेें अच्छा कार्य करने वाली ग्राम पंचायतें, सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतें, अपराध/विवाद मुक्त ग्राम पंचायतें, किसी भी क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए पुरस्कार प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतें
30 जुलाई तक करना होगा चयन
प्रमुख सचिव के निर्देशों के मुताबिक मिशन अंत्योदय के तहत गरीबी मुक्त गांव बनाने के लिए ग्राम पंचायतों का चयन 30 जुलाई तक हर हाल में किया जाना है। चयनित गांवों की सूची डीएम को शासन मेें तैनात आयुक्त ग्राम्य विकास को सौंपनी होगी।
जीपीडीपी करनी होगी तैयार
पीएफवी बनाने के लिए चयनित होने वाली ग्राम पंचायतों की जीपीडीपी यानी ग्राम पंचायत डेवलपमेंट प्लान भी जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। चयनित गांवों में केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को प्राथमिकता से लागू करने के निर्देश भी हैं।