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बुखार से बालक की मौत, 15 मरीज भर्ती
Updated Wed, 23 Aug 2017 11:39 PM IST
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सांडी/हरदोई। बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। सांडी में बुखार से एक बालक की मौत हो गई। इसके अलावा 12 घंटों में बुखार से पीड़ित 15 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सांडी थानाक्षेत्र के बंडारी गांव निवासी शिवकुमार के दो बेटों में ऋतिक (4) व ऋषभ (7) को करीब एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। 21 अगस्त को शिव कुमार ऋषभ की जांच कराकर दवा दिलाने जिला अस्पताल लाए थे। जब ऋषभ की हालत ज्यादा बिगड़ी तो शिव कुमार ने दोनों बेटों के पर्चे बनवाकर जांच कराई और दवाएं ली।
शिव कुमार के अनुसार डॉक्टर ने ऋतिक को चार खुराक दवाएं दी थी। उसने तीन खुराक दवा खाई थी। जबकि मंगलवार शाम करीब चार बजे बची खुराक भी खाई। दवा खाने के करीब एक घंटे बाद ही ऋतिक की हालत बिगड़ गई। हालत गंभीर होते देख परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे तब तक उसकी मौत हो गई।
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बुधवार को परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इधर 12 घंटे में जिला अस्पताल में बुखार के 15 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।
मरीजों में श्रीकांत (16) पुत्र सीताराम निवासी परचोरी थाना हरपालपुर, कल्लू (40) पुत्र घसीटे बावन कस्बा लोनार, राम प्रकाश (21) पुत्र के शव निवासी महोलिया शिवपार, गुड्डी (35) पत्नी कमलेश निवासी टड़ियावां, अशोक (34) पुत्र प्रभात निवासी खेरवा थाना टड़ियावां, अखिलेश (20) पुत्र विशंभर निवासी हसनापुर शहर कोतवाली, मुन्नू (60) मुनेश्वर निवासी बावन चुंगी, विक्रांत (65) निवासी बालामऊ,
शिवम (7) पुत्र सोनेलाल निवासी नीभी सुरसा, रामवीर (10) पुत्र पप्पू निवासी पचदेवरा, प्रीती (27) पुत्र शैलेंद्र निवासी दुलारपुर, कांता (70) पत्नी राजबहादुर निवासी कस्बा लोनार, शिवदेवी (45) पत्नी राम किशोर निवासी महोलिया शिवपार, अनुज (14) पुत्र सोनेलाल निवासी आदमपुर, रूपेश (10) पुत्र मोहन निवासी पिहानी चुंगी हैं।
इलाज में लापरवाही पर तीमारदारों का हंगामा
हरदोई। जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों के इलाज में लापरवाही आम हो गई है। अभी दो दिन पहले इलाज में लापरवाही से बच्चे की मौत का मामला शांत नही हो पाया था कि बुधवार को फिर इमरजेंसी वार्ड में स्टाप की बड़ी लापरवाही सामने आई। सर्प काटने से युवक कोे वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने को कहा, उसके बाद भी नहीं लगाया गया। उसकी हालत गंभीर होने पर परिजनों ने डॉक्टर को जानकारी दी और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। इसके बाद उसे लखनऊ रेफ र कर दिया गया।
लोनार थानाक्षेत्र के बावन कस्बा निवासी कल्लू (35) पुत्र घसीटे ने मवेशी पाल रखे हैं। बुधवार की सुबह 10 बजे वह खेत पर घास काटने गया था। उसी दौरान उसे जहरीलेे कीड़े ने काट लिया। जिसकी जानकारी होने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इमरजेंसी में डॉक्टर शेर सिंह ने इलाज किया। उन्हाेंने उसकी बीएसटी पर दवाएं और इंजेक्शन लिख दिए, उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। इसके करीब दो घंटे के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी।
परिजनों ने डॉक्टर को जानकारी दी। इमरजेंसी वार्ड पहुंचकर मरीज का हाल जाना। इस दौरान स्टाफ की लापरवाही सामने आई कि दो घंटे बीतने के बाद भी उसे इंजेक्शन नहीं लगाया गया। इस स्टाफ की लापरवाही पर आक्रोशित परिजनों ने स्टाफ कक्ष में घुसकर हंगामा शुरू कर दिया। तब जाकर मरीज को इंजेक्शन लगाया गया। वहीं हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे लखनऊ रेफ र किया। इस बारे में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी गौतम ने बताया इस तरह किसी घटना की जानकारी उन्हें नहीं है। मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-सांडी थानाक्षेत्र के बंडारी गांव का निवासी था बालक
अमर उजाला ब्यूरो
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सांडी थानाक्षेत्र के बंडारी गांव निवासी शिवकुमार के दो बेटों में ऋतिक (4) व ऋषभ (7) को करीब एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। 21 अगस्त को शिव कुमार ऋषभ की जांच कराकर दवा दिलाने जिला अस्पताल लाए थे। जब ऋषभ की हालत ज्यादा बिगड़ी तो शिव कुमार ने दोनों बेटों के पर्चे बनवाकर जांच कराई और दवाएं ली।
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शिव कुमार के अनुसार डॉक्टर ने ऋतिक को चार खुराक दवाएं दी थी। उसने तीन खुराक दवा खाई थी। जबकि मंगलवार शाम करीब चार बजे बची खुराक भी खाई। दवा खाने के करीब एक घंटे बाद ही ऋतिक की हालत बिगड़ गई। हालत गंभीर होते देख परिजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे तब तक उसकी मौत हो गई।
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बुधवार को परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इधर 12 घंटे में जिला अस्पताल में बुखार के 15 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं।
मरीजों में श्रीकांत (16) पुत्र सीताराम निवासी परचोरी थाना हरपालपुर, कल्लू (40) पुत्र घसीटे बावन कस्बा लोनार, राम प्रकाश (21) पुत्र के शव निवासी महोलिया शिवपार, गुड्डी (35) पत्नी कमलेश निवासी टड़ियावां, अशोक (34) पुत्र प्रभात निवासी खेरवा थाना टड़ियावां, अखिलेश (20) पुत्र विशंभर निवासी हसनापुर शहर कोतवाली, मुन्नू (60) मुनेश्वर निवासी बावन चुंगी, विक्रांत (65) निवासी बालामऊ,
शिवम (7) पुत्र सोनेलाल निवासी नीभी सुरसा, रामवीर (10) पुत्र पप्पू निवासी पचदेवरा, प्रीती (27) पुत्र शैलेंद्र निवासी दुलारपुर, कांता (70) पत्नी राजबहादुर निवासी कस्बा लोनार, शिवदेवी (45) पत्नी राम किशोर निवासी महोलिया शिवपार, अनुज (14) पुत्र सोनेलाल निवासी आदमपुर, रूपेश (10) पुत्र मोहन निवासी पिहानी चुंगी हैं।
इलाज में लापरवाही पर तीमारदारों का हंगामा
हरदोई। जिला अस्पताल में इन दिनों मरीजों के इलाज में लापरवाही आम हो गई है। अभी दो दिन पहले इलाज में लापरवाही से बच्चे की मौत का मामला शांत नही हो पाया था कि बुधवार को फिर इमरजेंसी वार्ड में स्टाप की बड़ी लापरवाही सामने आई। सर्प काटने से युवक कोे वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने को कहा, उसके बाद भी नहीं लगाया गया। उसकी हालत गंभीर होने पर परिजनों ने डॉक्टर को जानकारी दी और स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। इसके बाद उसे लखनऊ रेफ र कर दिया गया।
लोनार थानाक्षेत्र के बावन कस्बा निवासी कल्लू (35) पुत्र घसीटे ने मवेशी पाल रखे हैं। बुधवार की सुबह 10 बजे वह खेत पर घास काटने गया था। उसी दौरान उसे जहरीलेे कीड़े ने काट लिया। जिसकी जानकारी होने पर परिजन उसे सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां इमरजेंसी में डॉक्टर शेर सिंह ने इलाज किया। उन्हाेंने उसकी बीएसटी पर दवाएं और इंजेक्शन लिख दिए, उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। इसके करीब दो घंटे के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी।
परिजनों ने डॉक्टर को जानकारी दी। इमरजेंसी वार्ड पहुंचकर मरीज का हाल जाना। इस दौरान स्टाफ की लापरवाही सामने आई कि दो घंटे बीतने के बाद भी उसे इंजेक्शन नहीं लगाया गया। इस स्टाफ की लापरवाही पर आक्रोशित परिजनों ने स्टाफ कक्ष में घुसकर हंगामा शुरू कर दिया। तब जाकर मरीज को इंजेक्शन लगाया गया। वहीं हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने उसे लखनऊ रेफ र किया। इस बारे में जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी गौतम ने बताया इस तरह किसी घटना की जानकारी उन्हें नहीं है। मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-सांडी थानाक्षेत्र के बंडारी गांव का निवासी था बालक
अमर उजाला ब्यूरो