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सपा नेता ने जताया जान का खतरा, नरेश और आशू पर आरोप
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हरदोई। सपा नेता सुभाष पाल ने भाजपा के कद्दावर नेता नरेश अग्रवाल और बिलग्राम मल्लावां के विधायक आशीष सिंह आशू पर सत्ता का दुरुपयोग कर झूठे मुकदमे में फंसाने और अपनी हत्या की आशंका जताई है। रविवार को सपा के जिला कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सुभाष पाल ने कहा कि इस संबंध में मुख्य निर्वाचन आयुक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्यपाल, पुलिस महानिदेशक, मुख्य सचिव और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग में भी शिकायत भेजी है।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष पाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि 22 मार्च की शाम उन्होंने सेमरा चौराहा पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया था। समारोह में भीड़ आने के बाद सुरसा के प्रभारी निरीक्षक संतोष तिवारी पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे। घर पर मौजूद मां और पत्नी को धमकाया कि किसी मामले में फंसाकर सुभाष पाल को जेल में डाल दिया जाएगा। सुभाष पाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2006-07 में नरेश अग्रवाल ने उनके एनकाउंटर का षड्यंत्र रचा था। इसी तरह 2017-18 में आशीष सिंह ने फर्जी मुकदमे लगवाए और उन्हीं के आधार पर अपराधी घोषित करा दिया। ऐसा उन्हें लोकसभा चुनाव से दूर रखने के लिए किया जा रहा है।
प्रेसवार्ता में सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली, पूर्व जिलाध्यक्ष पद्मराग सिंह यादव, सपा-बसपा गठबंधन की हरदोई सीट से प्रत्याशी सपा की पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र की प्रभारी बसपा नेता नीलू सत्यार्थी, बसपा जिलाध्यक्ष मेवाराम वर्मा भी मौजूद रहे।
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पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि वह सुभाष पाल जैसे आपराधिक तत्वों को नहीं जानते और न ही उन पर कोई टिप्पणी करते हैं।
विधायक आशीष सिंह आशू ने कहा कि हर कोई जानता है कि सुभाष पाल क्या हैं। अब से नहीं वर्ष 1994 से सुभाष पाल के विरुद्ध मामले थाने में दर्ज हैं। विधायक ने कहा कि कोई अपने को बचाने के लिए किसी पर भी आरोप लगा सकता है और इन आरोपों का जवाब देने की जरूरत नहीं समझते।
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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बिलग्राम-मल्लावां विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी रहे पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुभाष पाल ने पत्रकार वार्ता में कहा कि 22 मार्च की शाम उन्होंने सेमरा चौराहा पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया था। समारोह में भीड़ आने के बाद सुरसा के प्रभारी निरीक्षक संतोष तिवारी पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे। घर पर मौजूद मां और पत्नी को धमकाया कि किसी मामले में फंसाकर सुभाष पाल को जेल में डाल दिया जाएगा। सुभाष पाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2006-07 में नरेश अग्रवाल ने उनके एनकाउंटर का षड्यंत्र रचा था। इसी तरह 2017-18 में आशीष सिंह ने फर्जी मुकदमे लगवाए और उन्हीं के आधार पर अपराधी घोषित करा दिया। ऐसा उन्हें लोकसभा चुनाव से दूर रखने के लिए किया जा रहा है।
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प्रेसवार्ता में सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष शराफत अली, पूर्व जिलाध्यक्ष पद्मराग सिंह यादव, सपा-बसपा गठबंधन की हरदोई सीट से प्रत्याशी सपा की पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, मिश्रिख लोकसभा क्षेत्र की प्रभारी बसपा नेता नीलू सत्यार्थी, बसपा जिलाध्यक्ष मेवाराम वर्मा भी मौजूद रहे।
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पूर्व सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि वह सुभाष पाल जैसे आपराधिक तत्वों को नहीं जानते और न ही उन पर कोई टिप्पणी करते हैं।
विधायक आशीष सिंह आशू ने कहा कि हर कोई जानता है कि सुभाष पाल क्या हैं। अब से नहीं वर्ष 1994 से सुभाष पाल के विरुद्ध मामले थाने में दर्ज हैं। विधायक ने कहा कि कोई अपने को बचाने के लिए किसी पर भी आरोप लगा सकता है और इन आरोपों का जवाब देने की जरूरत नहीं समझते।