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झोपड़ी में किसान की जिंदा जल कर मौत
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:22 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो।
हरदोई। बघौली थाना क्षेत्र के ग्राम अरमी में खेत की रखवाली कर रहे किसान की झोपड़ी में आग लगने से उसकी जिंदा जल कर मौत हो गई। घटना की जानकारी होने से परिवार में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
बघौली थाना क्षेत्र के ग्राम अरमी निवासी सुरेंद्र (58) सोमवार की शाम को गांव के किनारे खेत में लगी गेहूं की फसल की रखवाली करने के लिए खेत में ही झोपड़ी बनाकर रहता था। वह रात में झोपड़ी में ही सो जाता था। सोमवार को भी वह झोपड़ी में सोया हुआ था। मंगलवार की सुबह चार बजे गांव के लोगों ने उसकी झोपड़ी से लपेटे उठती देखी। वे सब भाग कर खेत तक पहुंचे तब तक सुरेंद्र जल चुका था उसका शव पड़ा हुआ था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम कराया। बड़े भाई ब्रजलाल ने बताया कि सुरेंद्र अक्सर खेत पर ही रुक जाता था।
सोमवार शाम को लोगों ने उसे झोपड़ी के पास ही आग तापते देखा था। उसने अनुमान लगाया कि सर्दी अधिक होने के कारण स़ुरेन्द्र ने आग झोपड़ी के अंदर रख ली होगी और सो गया होगा। उसी की चिंगारी से झोपड़ी में बिछे पुआल में आग लग गई होगी वह जब तक निकलता आग में घिर गया और उसकी जलकर मौत हो गई। उसने बताया कि सुरेन्द्र के दो पुत्र अनिल , पारस और तीन पुत्रियां नीशा,अखिलेशा और रूबी है। थानाध्यक्ष विनोद मिश्र ने बताया कि मामला संज्ञान में है। परिजनों ने आरोप से इनकार किया है।
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हरदोई। बघौली थाना क्षेत्र के ग्राम अरमी में खेत की रखवाली कर रहे किसान की झोपड़ी में आग लगने से उसकी जिंदा जल कर मौत हो गई। घटना की जानकारी होने से परिवार में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
बघौली थाना क्षेत्र के ग्राम अरमी निवासी सुरेंद्र (58) सोमवार की शाम को गांव के किनारे खेत में लगी गेहूं की फसल की रखवाली करने के लिए खेत में ही झोपड़ी बनाकर रहता था। वह रात में झोपड़ी में ही सो जाता था। सोमवार को भी वह झोपड़ी में सोया हुआ था। मंगलवार की सुबह चार बजे गांव के लोगों ने उसकी झोपड़ी से लपेटे उठती देखी। वे सब भाग कर खेत तक पहुंचे तब तक सुरेंद्र जल चुका था उसका शव पड़ा हुआ था। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम कराया। बड़े भाई ब्रजलाल ने बताया कि सुरेंद्र अक्सर खेत पर ही रुक जाता था।
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सोमवार शाम को लोगों ने उसे झोपड़ी के पास ही आग तापते देखा था। उसने अनुमान लगाया कि सर्दी अधिक होने के कारण स़ुरेन्द्र ने आग झोपड़ी के अंदर रख ली होगी और सो गया होगा। उसी की चिंगारी से झोपड़ी में बिछे पुआल में आग लग गई होगी वह जब तक निकलता आग में घिर गया और उसकी जलकर मौत हो गई। उसने बताया कि सुरेन्द्र के दो पुत्र अनिल , पारस और तीन पुत्रियां नीशा,अखिलेशा और रूबी है। थानाध्यक्ष विनोद मिश्र ने बताया कि मामला संज्ञान में है। परिजनों ने आरोप से इनकार किया है।
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