{"_id":"68616981cd6b4734e5078304","slug":"there-is-uneasiness-in-the-khadar-region-due-to-the-rise-in-the-water-level-of-ganga-hapur-news-c-306-1-gha1001-115763-2025-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hapur News: गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से खादर क्षेत्र में बेचैनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hapur News: गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी से खादर क्षेत्र में बेचैनी
विज्ञापन
ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट की सीढि़यों तक पहुंचा पानी। संवाद
ब्रजघाट। पहाड़ों पर झमाझम बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़ने की वजह से गंगा में जलस्तर से खादर क्षेत्र में रहने वाले हजारों परिवारों में बेचैनी बढ़ती जा रही है।
नयागांव इनायतपुर के प्रधान सुशील राणा का कहना है कि पहाड़ों की बारिश से जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर गंगा में तेजी से उफान बढ़ता जा रहा है। जिससे खादर क्षेत्र के निचले जंगल में उग रही मौसमी फल सब्जी के साथ ही हरे चारे की हजारों बीघा फसलों में बड़े स्तर पर बर्बादी हो रही है।
पूर्व प्रधान बबलू राणा का कहना है कि निचले जंगल में पानी भरने से चारा संक्रमित होने लगा है। जिसके खाने से पशुओं में बीमारी के साथ ही मक्खी मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा भी बढ़ता जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण आयोग के मेरठ कार्यालय के अनुसार शनिवार के बाद रविवार की दोपहर में भी 30 हजार क्यूसिक से अधिक पानी गंगा में छोड़ा गया है, जिसके सोमवार की सुबह तक आने से गढ़ ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में और भी अधिक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों में बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 197.96 मीटर के निशान पर पहुंच चुका है।
विज्ञापन
नयागांव इनायतपुर के प्रधान सुशील राणा का कहना है कि पहाड़ों की बारिश से जलस्तर में बढ़ोतरी होने पर गंगा में तेजी से उफान बढ़ता जा रहा है। जिससे खादर क्षेत्र के निचले जंगल में उग रही मौसमी फल सब्जी के साथ ही हरे चारे की हजारों बीघा फसलों में बड़े स्तर पर बर्बादी हो रही है।
विज्ञापन
पूर्व प्रधान बबलू राणा का कहना है कि निचले जंगल में पानी भरने से चारा संक्रमित होने लगा है। जिसके खाने से पशुओं में बीमारी के साथ ही मक्खी मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारी फैलने का अंदेशा भी बढ़ता जा रहा है। बाढ़ नियंत्रण आयोग के मेरठ कार्यालय के अनुसार शनिवार के बाद रविवार की दोपहर में भी 30 हजार क्यूसिक से अधिक पानी गंगा में छोड़ा गया है, जिसके सोमवार की सुबह तक आने से गढ़ ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में और भी अधिक बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी आबाद आलम का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों में बारिश और बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 197.96 मीटर के निशान पर पहुंच चुका है।