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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   There is a possibility of flood in 26 villages of Garh tehsil area, villages divided into three categories

Hapur News: गढ़ तहसील क्षेत्र के 26 गांवों में बाढ़ की आशंका, तीन श्रेणियों में बांटे गांव

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 21 Jun 2025 09:58 PM IST
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There is a possibility of flood in 26 villages of Garh tehsil area, villages divided into three categories
हापुड़। गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में गढ़मुक्तेश्वर तहसील क्षेत्र के 26 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने इन गांवों को तीन श्रेणियों में बांट दिया है, इसमें आठ गांव हाईअलर्ट की श्रेणी में रखे गए हैं। वहीं, पांच स्थानों पर बाढ़ राहत चौकियां और पांच टीमें राजस्व विभाग की बनाई जा रही हैं। एक जुलाई से एनडीआरएफ सहित सभी की ड्यटूी लगाई जाएगी।
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इन 26 गांवों में करीब 25 हजार की आबादी रहती है। हर बार पहाड़ों पर बारिश के बाद जिले में गंगा का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे हजारों ग्रामीणों का जीवन प्रभावित होता है। जलस्तर बढ़ने और बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन व जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय तैयारियों में जुट गया है। ग्रामीणों के लिए लाइव जैकेट, मोटरबोट आदि उपकरण गढ़ क्षेत्र में भेजे जाएंगे। जिससे कि बाढ़ की आशंका पर समय रहते ग्रामीणों को चेताया और सूचना दी जा सके।
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गढ़ तहसील क्षेत्र में गंगा का जलस्तर जिले में 14 जून से तेजी से बढ़ा है। ऐसे में आने वाले दिनों में बाढ़ की आशंका आसपास के गांवों में जताई जा रही है। जलस्तर बढ़ने से अभी से ही लोगों में बेचैनी है। वहीं, प्रशासन एक जुलाई से गांवों में लेखपाल, कानूनगो, ग्राम पंचायत सचिवों सहित अन्य की ड्यूटी लगाएगा।
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बीमारियों से जूझते हैं लोग, पशुओं के चारे की होती है किल्लत

जलस्तर बढ़ने के बाद जब पानी का ठहराव होता है तो फिर कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों की चपेट में ग्रामीण आते हैं। यहां तक कि गड्ढों में पानी भरने के कारण बदबू फैलती है और मच्छर आदि का प्रकोप तेजी से बढ़ता है। वहीं, जलस्तर बढ़ने के कारण पशुओं के चारे की कमी पड़ जाती है। यहां तक कि किसानों की फसल में पानी आने से यह खराब हो जाती हैं। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान भी पहुंचता है। इसके अलावा इस पाने में सांप सहित अन्य जलीय जीव भी बहकर आ जाते हैं। जिनसे जान को भी खतरा रहता है।



हाईअलर्ट श्रेणी में शामिल गांवों के नाम

- झड़ीना
- चित्तोड़ा महीउद्वीनपुर
- मोहम्मदपुर रुस्तमपुर

- बागड़पुर
- सलाहबाद
- पलवाड़ा
- आलमनगर खादर

- नवादा खुर्द



मध्य और निम्न स्तर पर बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांव

मध्य स्तर पर हर साल गांव गडावली (छोटी गडवाली, बड़ी गडावली), नया बास बख्तावपुर, आलमपुर भगवंतपुर, ऐदलपुर प्रसादीपुर,हकीमपुर गावड़ी, कुतुबपुर, जमालपुर, खानपुर माखनपुर, सैदपुर, मुकीमपुर प्रभावित होते हैं। इसके अलावा गांव इनायतपुर, अब्दुल्लापुर, कोथला, रामपुर न्यामतपुर, आलमगीरपुर, मोहम्मदपुर शाकरपुर, लठीरा, गढ़ खादर (शेरावाली मंढ़ैया) निम्न स्तर पर हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं।




पिछले कुछ दिनों की जलस्तर की स्थिति

माह जून व तारीख गंगा का जलस्तर

14


197.00 सेटीमीटर
15


197.17 सेमी
16


197.37 सेमी
17


197.47 सेमी
18


197.30 सेमी
19


197.43 सेमी
20


197.49 सेमी
21


197.35 सेमी


जलस्तर बढ़ने पर आती है बाढ़

येलो अलर्ट



198.075 सेमी
खतरा




199.000 सेमी
बाढ़




199.033 सेमी


एडीएम संदीप कुमार ने बताया कि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। बाढ़ राहत चौकियां बनाने के साथ ही एक जुलाई से लेखपाल, कानूनगो, ग्राम पंचायत सचिवों सहित सभी की ड्यूटी गांवों में लगाई जाएगी। जिससे कि आपातकालीन स्थिति में राहत एवं बचाव का कार्य किया जा सके।
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