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Hapur News: 37 करोड़ के पेयजल योजना अटकी, 14 मोहल्लों में पानी की संकट
Mon, 17 Mar 2025 09:59 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Mon, 17 Mar 2025 09:59 PM IST
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हापुड़। पेयजल पाइप योजना की टेंडर प्रक्रिया में देरी के कारण हजारों लोगों को पानी की किल्लत से जूझना पड़ेगा। लगभग 37 करोड़ की इस योजना के तहत 77 किलोमीटर पेयजल लाइन को बिछाकर कनेक्शन दिए जाने थे। लेकिन जल निगम नगरीय के लखनऊ मुख्यालय की सुस्ती के कारण काम शुरू होने में ही अभी दो माह का समय लग जाएगा।
जल निगम नगरीय की अमृत योजना 2.0 के तहत करीब 80 हजार लोगों को लाभ मिलना है। करीब 77 किलोमीटर नई पेयजल पाइप लाइन डालने के साथ ही कई जगह जर्जर हो चुकी पुरानी लाइन को भी बदला जाना है। इससे करीब 10 हजार घरों को पानी के कनेक्शन भी मिलेंगे। योजना के तहत ही ओवरहेड टैंक और नलकूप भी लगाए जाएंगे। इसके साथ 12 वार्डों के 14 मोहल्लों में काम भी होंगे।
इन क्षेत्रों में पानी की किल्लत
शहर के वार्ड संख्या दो, छह, नौ, 12, 15, 18, 20, 21, 24, 26, 39 व 40 में यह काम होगा। इन वार्डों के मोहल्ला लज्जापुरी, आदर्शनगर कॉलोनी, गणेशपुरा, शिवगढ़ी, राजीव विहार, चमरी, रामगढ़ी, गांधी विहार, अली नगर, करीमपुरा, आवास विकास संजय विहार, मजीदपुरा, त्रिलोकपुरी, रफीकनगर न्यू आदि में कार्य होंगे। इन मोहल्लों में पेयजल की किल्लत है। इस कारण हर दिन लोगों को परेशान होना पड़ता है। पानी का कम प्रेशर भी लोगों के लिए आए दिन परेशानी का सबब बनता है।
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100 करोड़ की योजना को जल्द मिलेगी हरी झंडी
शहर में तीन चरणों में पेयजल की समस्या को दूर किया जाएगा। इसके लिए शेष भाग के करीब 100 करोड़ की योजना और बनाकर भेजी गई है। डीपीआर की स्वीकृति के लिए 21 मार्च को लखनऊ में बैठक होगी। योजना की सफलता से पूरे शहर के वासियों की पेयजल की समस्या का समाधान हो जाएगा। ऐसे में लोगों को बड़ा लाभ भी मिलेगा। इसके अलावा सीवर पाइप लाइन बिछाने के लिए भी करीब 150 करोड़ का अलग से प्रस्ताव बनाया जा रहा है। पूरे शहर में करीब 400 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बदलने की भी तैयारी है। अभी चौक पड़ी सीवर लाइन के कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
कोट -
टेंडर खुल गया है, लेकिन अभी दस्तावेज आदि की जांच मुख्यालय स्तर से चल रही है। कम से कम दो माह का समय काम शुरू होने में लग सकता है। लखनऊ मुख्यालय के बाद फाइल शासन स्तर पर भी जाएगी। - अमीरुल हसन, अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय
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जल निगम नगरीय की अमृत योजना 2.0 के तहत करीब 80 हजार लोगों को लाभ मिलना है। करीब 77 किलोमीटर नई पेयजल पाइप लाइन डालने के साथ ही कई जगह जर्जर हो चुकी पुरानी लाइन को भी बदला जाना है। इससे करीब 10 हजार घरों को पानी के कनेक्शन भी मिलेंगे। योजना के तहत ही ओवरहेड टैंक और नलकूप भी लगाए जाएंगे। इसके साथ 12 वार्डों के 14 मोहल्लों में काम भी होंगे।
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इन क्षेत्रों में पानी की किल्लत
शहर के वार्ड संख्या दो, छह, नौ, 12, 15, 18, 20, 21, 24, 26, 39 व 40 में यह काम होगा। इन वार्डों के मोहल्ला लज्जापुरी, आदर्शनगर कॉलोनी, गणेशपुरा, शिवगढ़ी, राजीव विहार, चमरी, रामगढ़ी, गांधी विहार, अली नगर, करीमपुरा, आवास विकास संजय विहार, मजीदपुरा, त्रिलोकपुरी, रफीकनगर न्यू आदि में कार्य होंगे। इन मोहल्लों में पेयजल की किल्लत है। इस कारण हर दिन लोगों को परेशान होना पड़ता है। पानी का कम प्रेशर भी लोगों के लिए आए दिन परेशानी का सबब बनता है।
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100 करोड़ की योजना को जल्द मिलेगी हरी झंडी
शहर में तीन चरणों में पेयजल की समस्या को दूर किया जाएगा। इसके लिए शेष भाग के करीब 100 करोड़ की योजना और बनाकर भेजी गई है। डीपीआर की स्वीकृति के लिए 21 मार्च को लखनऊ में बैठक होगी। योजना की सफलता से पूरे शहर के वासियों की पेयजल की समस्या का समाधान हो जाएगा। ऐसे में लोगों को बड़ा लाभ भी मिलेगा। इसके अलावा सीवर पाइप लाइन बिछाने के लिए भी करीब 150 करोड़ का अलग से प्रस्ताव बनाया जा रहा है। पूरे शहर में करीब 400 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बदलने की भी तैयारी है। अभी चौक पड़ी सीवर लाइन के कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।
कोट -
टेंडर खुल गया है, लेकिन अभी दस्तावेज आदि की जांच मुख्यालय स्तर से चल रही है। कम से कम दो माह का समय काम शुरू होने में लग सकता है। लखनऊ मुख्यालय के बाद फाइल शासन स्तर पर भी जाएगी। - अमीरुल हसन, अधिशासी अभियंता, जल निगम नगरीय