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Hapur News: 36 गांवों के गन्ने को लेकर मेरठ, बुलंदशहर की चीनी मिलों ने किया सर्वे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2026 11:49 PM IST
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Sugar mills from Meerut and Bulandshahr conducted a survey regarding sugarcane from 36 villages
सिंभावली शुगर मिल। संवाद
हापुड़। सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल से पिछले सत्र में हटाए गए 36 गांवों के गन्ने का बुलंदशहर, मेरठ और मोदीनगर की चीनी मिलों ने खरीद के लिए सर्वे किया है। अगले महीने केन कमिश्नर के साथ महत्वपूर्ण बैठक में गन्ना आवंटन को लेकर निर्णय होगा। दरअसल, गन्ना भुगतान समेत कई अन्य मामलों में पिछले पेराई सत्र के दौरान सिंभावली और ब्रजनाथपुर चीनी मिल से 36 गांवों के सेंटर हटा दिए गए थे, इस कारण दोनों मिलें फरवरी में ही नो केन हो गई थीं।
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अब नया पेराई सत्र अगले महीने में शुरू हो जाएगा। गन्ना विभाग ने 15 अक्तूबर से मिल चलाने के निर्देश दिए हैं लेकिन संभावना है कि अगले महीने के अंतिम सप्ताह तक ही मिल चलेंगी। अभी चीनी रिकवरी का सर्वे होना बाकी है। पिछले सत्र में हापुड़ के 36 गांवों का करीब 65 लाख क्विंटल गन्ना, मेरठ के नंगलामल, मोदीनगर के मोदी चीनी मिल, बुलंदशहर के अनामिका और साबितगढ़ चीनी मिलों को सप्लाई हुआ था।
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ऐसे में इन मिलों ने गन्ने का सर्वे इस सत्र को लेकर भी पूरा करा लिया है, जिला गन्ना अधिकारी ने यह जानकारी साझा की है। अगले महीने के मध्य में केन कमिश्नर के यहां महत्वपूर्ण बैठक भी होनी है, जिसमें गन्ना आवंटन को लेकर चर्चा होगी। किस गांव में किस चीनी मिल का सेंटर लगेगा, यह भी वहीं तय होगा। ऐसे में हापुड़ की दोनों चीनी मिलों को नए सत्र में कितना गन्ना आवंटित होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
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रिकवरी को लेकर होगा सर्वे

इस वर्ष चीनी मिलों को जल्द चलाने की तैयारी है लेकिन गन्ने से चीनी की रिकवरी एक बड़ी चुनौती है। अभी गन्ने में इतनी मिठास नहीं है कि औसत के अनुसार चीनी निकासी हो सके। इसका सर्वे मिलों द्वारा अगले महीने के पहले ही सप्ताह से शुरू कराया जाएगा।
इस वर्ष घटी 2386 हेक्टेयर गन्ने की फसल
जिले में इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में 2386 हेक्टेयर गन्ने की फसल कम उगाई गई है। पांच सालों के आंकड़ों पर गौर करें तो यह पांच हजार हेक्टेयर से भी अधिक घटत है। इसका असर चीनी मिलों पर पड़ेगा।





गन्ना आवंटन को लेकर अगले महीने महत्वपूर्ण बैठक होगी, इसमें तय होगा कि किस मिल से कौन से केंद्र जुड़ेंगे। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय ने गन्ने की आपूर्ति पूरी तरह से रोकने पर स्टे किया है। पिछले सत्र में जो केंद्र हटाए थे, उनकी स्थिति आगामी बैठक में ही स्पष्ट होगी। - विजय बहादुर, जिला गन्ना अधिकारी
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