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Hapur News: प्रबंधन तंत्र और प्रधानाचार्य के बीच बढ़ा विवाद निलंबन निरस्त होने के बावजूद नहीं मिला चार्ज
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हापुड़। फ्रीगंज रोड स्थित भवानी बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रबंध तंत्र और कार्यवाहक प्रधानाचार्य के बीच चल रहे विवाद में प्रधानाचार्य के निलंबन आदेश को डीआईओएस ने निरस्त कर दिया है। हालांकि इस मामले में प्रबंधन तंत्र की ओर से अपील डालने की बात कही गई है। इस वजह से प्रधानाचार्य को चार्ज नहीं दिया गया है।
दरअसल, स्कूल में आउटसोर्स से कर्मचारियों की नियुक्ति समेत अनेक मामलों को लेकर स्कूल में इन दिनों विवाद चल रहा है। पिछले दिनों प्रबंधक प्रियंका कौशिक ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य उपासना राज को निलंबित कर दिया था। इस दौरान प्रबंधक ने स्कूल में वीडियोग्राफी कराए जाने का भी आरोप लगाया था। यह मामला पुलिस में भी चल रहा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.श्वेता पूठिया ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य के निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताया गया है, साथ ही कर्मचारियों का वेतन का बिल तैयार कर कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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हालांकि इस पत्र के बाद भी स्कूल में विवाद थमा नहीं है, प्रधानाचार्य को अभी तक चार्ज नहीं दिया गया है। मामले में प्रधानाचार्य उपासना राज मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगा रही हैं, वहीं प्रबंधक का कहना है कि स्कूल में शिक्षण कार्य को लेकर प्रधानाचार्य द्वारा कोई कार्य नहीं किया जा रहा और न ही किसी पत्र का वह जवाब देती हैं। बहरहाल, यह मामला तूल पकड़ रहा है, शुक्रवार को आउटसोर्स कर्मचारी व अन्य ने डीआईओएस कार्यालय पर धरना प्रदर्शन भी किया।
-गलत मंशा अपना रहीं प्रबंधक-
प्रबंधक द्वारा मेरा मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है, डीआईओएस द्वारा निलंबन आदेश निरस्त करने के बावजूद मुझे चार्ज नहीं दिया जा रहा है। मेरी पुलिस में झूठी शिकायत भी की हुई है।-- उपासना राज, कार्यवाहक प्रधानाचार्या।
-गलत तरीके से किया निलंबित-
उप प्रधानाचार्या को गलत तरीके से निलंबित किया गया है, निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया गया है। अभी तक उनके चार्ज लेने का पत्र मुझे प्राप्त नहीं हुआ है।-- डॉ.श्वेता पूठिया, जिला विद्यालय निरीक्षक।
-पूरी कमेटी का है निर्णय, अब डाली है अपील-
कार्यवाहक प्रधानाचार्य का निलंबन करना मेरा ही नहीं, बल्कि पूरी कमेटी का निर्णय है। साक्ष्यों के आधार पर ही निलंबन किया गया है, इस प्रकरण में फिलहाल अपील डाली गई है। इसलिए अभी तक चार्ज नहीं दिया है।-- प्रियंका कौशिक, प्रबंधक, भवानी बालिका विद्यालय।
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दरअसल, स्कूल में आउटसोर्स से कर्मचारियों की नियुक्ति समेत अनेक मामलों को लेकर स्कूल में इन दिनों विवाद चल रहा है। पिछले दिनों प्रबंधक प्रियंका कौशिक ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य उपासना राज को निलंबित कर दिया था। इस दौरान प्रबंधक ने स्कूल में वीडियोग्राफी कराए जाने का भी आरोप लगाया था। यह मामला पुलिस में भी चल रहा है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.श्वेता पूठिया ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य के निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई को नियम विरुद्ध बताया गया है, साथ ही कर्मचारियों का वेतन का बिल तैयार कर कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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हालांकि इस पत्र के बाद भी स्कूल में विवाद थमा नहीं है, प्रधानाचार्य को अभी तक चार्ज नहीं दिया गया है। मामले में प्रधानाचार्य उपासना राज मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगा रही हैं, वहीं प्रबंधक का कहना है कि स्कूल में शिक्षण कार्य को लेकर प्रधानाचार्य द्वारा कोई कार्य नहीं किया जा रहा और न ही किसी पत्र का वह जवाब देती हैं। बहरहाल, यह मामला तूल पकड़ रहा है, शुक्रवार को आउटसोर्स कर्मचारी व अन्य ने डीआईओएस कार्यालय पर धरना प्रदर्शन भी किया।
-गलत मंशा अपना रहीं प्रबंधक-
प्रबंधक द्वारा मेरा मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है, डीआईओएस द्वारा निलंबन आदेश निरस्त करने के बावजूद मुझे चार्ज नहीं दिया जा रहा है। मेरी पुलिस में झूठी शिकायत भी की हुई है।
-गलत तरीके से किया निलंबित-
उप प्रधानाचार्या को गलत तरीके से निलंबित किया गया है, निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया गया है। अभी तक उनके चार्ज लेने का पत्र मुझे प्राप्त नहीं हुआ है।
-पूरी कमेटी का है निर्णय, अब डाली है अपील-
कार्यवाहक प्रधानाचार्य का निलंबन करना मेरा ही नहीं, बल्कि पूरी कमेटी का निर्णय है। साक्ष्यों के आधार पर ही निलंबन किया गया है, इस प्रकरण में फिलहाल अपील डाली गई है। इसलिए अभी तक चार्ज नहीं दिया है।