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Hapur News: श्रम कानून के विरोध में हड़ताल, जगह-जगह विरोध-प्रदर्शन

Thu, 12 Feb 2026 10:30 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Thu, 12 Feb 2026 10:30 PM IST
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strickes in goverment offices
हापुड़। नए श्रम कानूनों के विरोध में बृहस्पतिवार को भारत बंद का आह्वान हुआ। जिले में इसका आंशिक असर दिखाई दिया। सरकारी बैंकों, एलआईसी, ऊर्जा निगम सहित अन्य विभागों के एसोसिएशन से जुड़े कर्मचारियों ने पूरे दिन हड़ताल रखी और कार्य बहिष्कार किया, जबकि शेष अन्य कर्मचारियों ने कार्य किया। जगह-जगह विभिन्न एसोसिएशन की ओर से विरोध-प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की गई। इसके साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा गया।
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ऑल इंडिया बैंक एंप्लाॅयज एसोसिएशन, ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन एवं बैंक एंप्लॉयज फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने नगर के रेलवे रोड पर एकत्र होकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। मनोज भारद्वाज की अध्यक्षता में इंडियन बैंक रेलवे रोड के बाहर सुबह करीब 10.30 बजे यूपीबीईयू के बैनर तले प्रदर्शन किया। हड़ताल में शामिल होने के कारण बैंक कर्मचारियों ने कार्य नहीं किया। इसके कारण बैंकों में नकद लेन-देन नहीं हुआ। हालांकि, आरटीजीएस सहित कुछ अन्य कार्य हुए। मनोज भारद्वाज ने कहा कि सरकार के घमंड एवं मजदूर विरोधी नीतियों को वापस लेने की पुरजोर आवाज उठाई जाती रहेगी। कर्मचारियों ने कहा कि हम तब तक लड़ेंगे, जब तक हम जीत हासिल न कर लें।
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जिला कस्टोडियन एलआर गुप्ता ने पूर्ववर्ती नारों के बीच आईबीए के द्वारा आउटसोर्सिंग एवं प्राइवेट कार्यकर्ताओं को बैंक की नौकरी में स्थायी करने पर जोर दिया। यूएफबीयू के जिला संयोजक आरके माहेश्वरी ने बताया कि नए कानून पूरी तरह से श्रम विरोधी हैं एवं पूंजीपतियों के तथाकथित सरलीकरण के लिए किए गए हैं। उन्हें सरकार को तुरंत वापस लेना चाहिए।
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इस दौरान दीपक कुमार, सुनील, निर्दोष, प्रेमशंकर सिंह, सौरभ सिंह, मनीष भारद्वाज, सनी, रोहित, सतीश, विजय, लोकेश,अक्षय दीक्षित, विनोद, राहुल, महेश, बाबू ,गीता देवी आदि मौजूद रहे।
वहीं, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारत की जनवादी नौजवान सभा एवं भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र द्वारा देश की प्रमुख ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल का पूर्ण समर्थन किया। सभी ने कलक्ट्रेट पर एकत्र होकर नारेबाजी की और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम अंकित सिंह को सौंपा।
सीपीआईएम व डीवाईएफआई के सचिव कुणाल ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां श्रमिकों के अधिकारों को कमजोर करने, सार्वजनिक संस्थाओं के निजीकरण और रोजगार के अवसरों को समाप्त करने की दिशा में हैं। चारों श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं और इन्हें तत्काल रद्द किया जाना चाहिए।इस दौरान हसरत अली, मुकुल, मनोज, मोहित, कंचन, पुनीत शर्मा, नानक चंद, गौरव कुमार, सुरेंद्र त्यागी, ऋषिपाल, गोपाल, अरमान और नमन उपस्थित रहे।




एलआईसी व अन्य कार्यालयों में रही हड़ताल --
भारतीय जीवन बीमा निगम के कार्यालय पर मेरठ डिविजन इंश्योरेंस एंप्लायज यूनियन की ओर से प्रदर्शन किया गया। केंद्र सरकार के श्रम विरोधी कानून, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी में नई भर्ती, एफडीआई में वृद्धि और एफपीओ के विरोध में पूरे दिन हड़ताल रखी। इस दौरान कुलदीप सिंह, मोहित कुमार त्यागी, विकास कुमार, अमित कुमार, संजय कुमार, पुनीत शर्मा, प्रवीण कुमार, पंकज जैन, देवेंद्र शर्मा, प्रीति रानी, संजय त्यागी आदि मौजू रहे। यूपी-उत्तराखंड मेडिकल एवं सेल्स एसोसिएशन द्वारा भी कार्यालय पर प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। इस दौरान वीरपाल, अर्जुन सिंह, सुनील सैनी, सतेंद्र पुंडीर, अमरेश सिंह, राहुल कुमार, केशव, शिवम प्रजापति, हेमंत कुमार, सिद्धार्थ स्वामी और संदीप कुमार मौजूद रहे। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति और राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ की ओर से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन विकास भवन में सहायक श्रमायुक्त सर्वेश कुमारी को सौंपा गया। इस दौरान हेमंत प्रताप सिंह, महेंद्र कुमार प्रजापति, लोकेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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