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Hapur News: घटना के दिन घर पर संजय का इंतजार कर रहे थे रिकवरी एजेंट

Tue, 03 Sep 2024 10:09 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़ Updated Tue, 03 Sep 2024 10:09 PM IST
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recovery agent wait for sanjay
धौलाना (हापुड़)। फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट सपनावत निवासी संजय और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। इसी दबाव में संजय ने पत्नी प्रेमवती और बेटी के साथ जहर खाकर जान दे दी। संजय के बेटे रिंकू ने बताया कि घटना वाले दिन भी दो रिकवरी एजेंट घर पर मौजूद थे। किस्त लेने के लिए संजय के आने का इंतजार कर रहे थे।
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कपूरपुर थाना क्षेत्र के गांव सपनावत में कर्ज में डूबे मजदूर संजय उर्फ टीटू (50) ने पत्नी प्रेमवती (45) व नाबालिग बेटी के साथ जहरीला पदार्थ खा लिया था। तीनों की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। संजय का रविवार को जबकि पत्नी व बेटी का सोमवार शाम पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार कर दिया गया। संजय के बेटे रिंकू ने मंगलवार को बताया कि अलीगढ़ से आने पर पापा, मम्मी और छोटी बहन की जैसे ही तबीयत बिगड़ी घर पर मौजूद दोनों रिकवरी एजेंट भाग खड़े हुए।
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रिंकू का कहना है कि पापा-मम्मी अलीगढ़ में मामा के यहां थे। इस दौरान एजेंटों ने उसको भी बंधक बनाया था। इसके बाद उसने फोन पर पिता संजय अैर चाचा से एजेंटों की बात कराई। तब संजय ने एजेंटों से कहा था कि वह 31 अगस्त को किस्त के 10,300 रुपये का इंतजाम कर लौटेंगे। इस आश्वासन के बाद एजेंटों ने रिंकू को चार घंटे बाद बंधनमुक्त किया था। तय तिथि के अनुसार शनिवार शाम को कंपनी के दो एजेंट संजय के भाई पवन के घर पहुंच गए। इसके बाद रिंकू ने फोन कर पिता संजय को एजेंटों के आने की जानकारी दी थी। रिंकू का कहना है कि किस्त का इंतजाम न हो पाने के कारण पापा अधिक तनाव में आ गए। तनाव में उन्होंने मम्मी और बहन के साथ जहर खा लिया।
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प्रतिदिन 1100 की लग रही थी पेनाल्टी

संजय ने फाइनेंस कंपनी से 28 प्रतिशत की दर से तीन लाख का कर्ज लिया था। इसके लिए छह लाख की कीमत का अपना मकान कंपनी के पास गिरवी रखा था। कर्ज पर 10300 रुपये प्रतिमाह की किस्त पांच साल के लिए बंधी थी। किस्त न देने पर प्रतिदिन करीब 1100 रुपये की पेनाल्टी लगाई जा रही थी। संजय पर कर्ज का बोझ इतना अधिक बढ़ गया था कि वह बिजली का बिल तक जमा नहीं कर पा रहे थे। 20 हजार से अधिक का बकाया होने के कारण ऊर्जा निगम ने करीब एक माह पहले उनके घर का कनेक्शन काट दिया था। इस कारण भाई रामकुमार का परिवार भी अंधेरे में रह रहा था। मृतक संजय के छोटे भाई पवन ने प्रशासन से परिवार की आर्थिक मदद की मांग की है।

तहसील की टीम तैयार कर रही रिपोर्ट

घटना के बाद क्षेत्र के लेखपाल पीड़ित परिवार और गांव के लोगों से पूछताछ कर रहे हैं । मामले में एसडीएम लवी त्रिपाठी का कहना है कि दोनों बच्चों के बयान दर्ज किए गए हैं। तहसील स्तर से रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। जिसे डीएम को सौंपा जाएगा।



कोट

मृतक मां और बेटी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर खाने से मौत की पुष्टि हुई है। इस संबंध में परिजनों से बात की गई है। हालांकि शाम तक परिजनों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। -विनीत भटनागर, एएसपी।
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