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Hapur News: 30 हजार लेकर कनेक्शन देने और ट्रांसफार्मर लगवाने पर जेई निलंबित
Fri, 04 Oct 2024 10:57 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 04 Oct 2024 10:57 PM IST
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हापुड़। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता ने उपभोक्ता से 30 हजार रुपये रिश्वत लेकर बिना एस्टीमेट के कनेक्शन दे दिया, फर्जीवाड़ा कर दस केवीए का ट्रांसफार्मर भी लगवा दिया। एक अन्य नलकूप कनेक्शन में भी घोर अनियमितता मिलने पर मुख्य अभियंता ने जेई मुकेश कुमार को निलंबित कर दिया है।
दरअसल, हरौड़ा बिजलीघर से जुड़े गांव सिंगरपुर में एक उपभोक्ता ने घरेलू कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। पहले उपभोक्ता को परेशान किया गया। इसके बाद अवर अभियंता मुकेश कुमार ने 10 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाकर देने और दो किलोवाट का कनेक्शन कराने के एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। उपभोक्ता ने यह धनराशि जेई को दे दी, जिसके बाद उसका कनेक्शन कर दिया गया। अधीक्षण अभियंता ने इस मामले की जांच की, जिसमें आरोप सिद्ध हुआ। इतना ही नहीं 10केवीए का ट्रांसफार्मर कहां से लाकर लगाया गया, जेई इसका जवाब भी नहीं दे सका। ऐसे में किसी बड़े घपले की भी आशंका है।
इसके अलावा अवर अभियंता मुकेश कुमार ने एक किसान को भी नलकूप कनेक्शन देने में अनियमितता बरती। एस्टीमेट में एक खंभा लिया गया था, जबकि मौके पर दो खंभे लगाए गए। इस मामले में जेई मुकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
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इस सप्ताह में सात पर हुई कार्रवाई
हापुड़ के ऊर्जा निगम ने इस सप्ताह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई झेली है। हाल ही में अधीक्षण अभियंता अवनीश कुमार, एसडीओ तृतीय देवेंद्र कुमार, अवर अभियंता आनंद मौर्य, लेखराज सिंह, संतोष दिवाकर, आशुलिपिक संजीव आनंद निलंबित हुए हैं और अब जेई मुकेश कुमार को भी निलंबित कर दिया है।
ईबीएस बाबूगढ़ प्रकरण में भी गिर सकती है गाज
ईबीएस बाबूगढ़ के एस्टीमेट में लाखों की गड़बड़ी के मामले में कभी भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। एस्टीमेट में करीब 26 लाख का झोल पाया गया था। प्रकरण के दौरान संबंधित क्षेत्र में कार्यरत तत्कालीन अवर अभियंता ईश्वर प्रसाद का जिक्र एमडी कार्यालय से जारी अधीक्षण अभियंता के निलंबन आदेश में हुआ है, जिसमें आरोप लगा है कि जेई को एक ही उपकेंद्र पर बार-बार स्थानांतरित कर नियुक्त किया गया।
प्रपत्र-4 में करोड़ों का खुल सकता है घोटाला
गढ़ डिवीजन से बिजली चोरी के बाद जारी प्रपत्र-4 में नोटिसों के जरिए करोड़ों के खेल में संबंधित पटल के तत्कालीन अधिकारी पर गाज गिर सकती है। तत्कालीन अधीक्षण अभियंता यूके सिंह के हस्तक्षेप के बाद उक्त अधिकारी को पिलखुवा डिवीजन क्षेत्र में एसडीओ नियुक्त कर दिया गया था। इस प्रकरण की विजिलेंस ने उच्चस्तरीय शिकायत की थी।
कोट -
दो मामलों में हरौड़ा बिजलीघर का अवर अभियंता मुकेश कुमार दोषी पाया गया। जिस पर उसे निलंबित कर दिया गया है। गलत कार्य करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - राजीव अग्रवाल, मुख्य अभियंता।
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दरअसल, हरौड़ा बिजलीघर से जुड़े गांव सिंगरपुर में एक उपभोक्ता ने घरेलू कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। पहले उपभोक्ता को परेशान किया गया। इसके बाद अवर अभियंता मुकेश कुमार ने 10 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाकर देने और दो किलोवाट का कनेक्शन कराने के एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। उपभोक्ता ने यह धनराशि जेई को दे दी, जिसके बाद उसका कनेक्शन कर दिया गया। अधीक्षण अभियंता ने इस मामले की जांच की, जिसमें आरोप सिद्ध हुआ। इतना ही नहीं 10केवीए का ट्रांसफार्मर कहां से लाकर लगाया गया, जेई इसका जवाब भी नहीं दे सका। ऐसे में किसी बड़े घपले की भी आशंका है।
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इसके अलावा अवर अभियंता मुकेश कुमार ने एक किसान को भी नलकूप कनेक्शन देने में अनियमितता बरती। एस्टीमेट में एक खंभा लिया गया था, जबकि मौके पर दो खंभे लगाए गए। इस मामले में जेई मुकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
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इस सप्ताह में सात पर हुई कार्रवाई
हापुड़ के ऊर्जा निगम ने इस सप्ताह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई झेली है। हाल ही में अधीक्षण अभियंता अवनीश कुमार, एसडीओ तृतीय देवेंद्र कुमार, अवर अभियंता आनंद मौर्य, लेखराज सिंह, संतोष दिवाकर, आशुलिपिक संजीव आनंद निलंबित हुए हैं और अब जेई मुकेश कुमार को भी निलंबित कर दिया है।
ईबीएस बाबूगढ़ प्रकरण में भी गिर सकती है गाज
ईबीएस बाबूगढ़ के एस्टीमेट में लाखों की गड़बड़ी के मामले में कभी भी बड़ी कार्रवाई हो सकती है। एस्टीमेट में करीब 26 लाख का झोल पाया गया था। प्रकरण के दौरान संबंधित क्षेत्र में कार्यरत तत्कालीन अवर अभियंता ईश्वर प्रसाद का जिक्र एमडी कार्यालय से जारी अधीक्षण अभियंता के निलंबन आदेश में हुआ है, जिसमें आरोप लगा है कि जेई को एक ही उपकेंद्र पर बार-बार स्थानांतरित कर नियुक्त किया गया।
प्रपत्र-4 में करोड़ों का खुल सकता है घोटाला
गढ़ डिवीजन से बिजली चोरी के बाद जारी प्रपत्र-4 में नोटिसों के जरिए करोड़ों के खेल में संबंधित पटल के तत्कालीन अधिकारी पर गाज गिर सकती है। तत्कालीन अधीक्षण अभियंता यूके सिंह के हस्तक्षेप के बाद उक्त अधिकारी को पिलखुवा डिवीजन क्षेत्र में एसडीओ नियुक्त कर दिया गया था। इस प्रकरण की विजिलेंस ने उच्चस्तरीय शिकायत की थी।
कोट -
दो मामलों में हरौड़ा बिजलीघर का अवर अभियंता मुकेश कुमार दोषी पाया गया। जिस पर उसे निलंबित कर दिया गया है। गलत कार्य करने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। - राजीव अग्रवाल, मुख्य अभियंता।