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32 हजार महिलाओं को मिला मातृ वंदना योजना का लाभ
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32 हजार महिलाओं को मिला मातृ वंदना योजना का लाभ
हापुड़। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम बार गर्भवती हुई महिलाओं को शासन द्वारा तीन किस्तों में पांच हजार की राशि दी जा रही है। जिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग 32441 पात्रों के खातों में 16.22 करोड़ की धनराशि भेज चुका है। विभाग ने सुविधा की दृष्टि से हेल्पलाइन नंबर 104 भी जारी कर दिया है। इस पर संपर्क कर योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को अलग अलग शर्तों के साथ पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। इन शर्तों को पूरा करने से गर्भवती व प्रसव के बाद शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं की मुख्य धारा से जुड़ जाते हैं और उन्हें सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल जाता है।
यह योजना 2017 में लागू की गई थी, जिसके तहत अब तक 32441 महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा चुका है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक परीक्षित तेवतिया ने बताया कि योजना की पहली शर्त में एक हजार रुपये की धनराशि गर्भवती का पंजीकरण होने पर दिया जाता है, ताकि सभी स्वास्थ्य सेवाएं उन्हें समय से मुहैया कराई जा सकें। दूसरी शर्त में दो हजार रुपये की धनराशि गर्भ के दूसरे तिमाही में गर्भवती की सेहत की जांच होने पर दी जाती है। जांच में जटिलता पाए जाने पर गर्भवती को विशेषज्ञ चिकित्सक के पास इलाज के लिए भेजा जाता है। तीसरी शर्त में दो हजार की धनराशि जन्में शिशु का पंजीकरण कराने व पहले चक्र का टीकाकरण पूर्ण करने पर दी जाती है। इससे शिशु को जानलेवा बीमारी टीबी, काली खांसी, टिटनेस, गलघोंटू, पोलियो व लीवर की बीमारी, हेपेटाइटिस बी से सुरक्षा मिलती है।
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नोडल अधिकारी डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि आर्थिक व सामाजिक कारणों से कई महिलाएं गर्भावस्था के आखिरी दिनों तक परिवार के लिए जीविका अर्जित करना जारी रखती है। इसके अलावा वह बच्चे के जन्म देने के बाद वक्त से पहले काम करना शुरू कर देती है, जबकि उनका शरीर इसके लिए तैयार नहीं होता है। ऐसे में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उन्हें पर्याप्त विश्राम करने के अवसर के साथ ही जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया हो जाती है।
कोट -
महिलाएं 104 नंबर डायल कर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी ले सकती हैं। प्रथम बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को योजना से जुड़कर लाभ लेना चाहिए। पात्रों के खातों में पैसा भेजा जा रहा है।--डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।
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हापुड़। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम बार गर्भवती हुई महिलाओं को शासन द्वारा तीन किस्तों में पांच हजार की राशि दी जा रही है। जिले में अब तक स्वास्थ्य विभाग 32441 पात्रों के खातों में 16.22 करोड़ की धनराशि भेज चुका है। विभाग ने सुविधा की दृष्टि से हेल्पलाइन नंबर 104 भी जारी कर दिया है। इस पर संपर्क कर योजना से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को अलग अलग शर्तों के साथ पांच हजार रुपये दिए जाते हैं। इन शर्तों को पूरा करने से गर्भवती व प्रसव के बाद शिशु स्वास्थ्य सुविधाओं की मुख्य धारा से जुड़ जाते हैं और उन्हें सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल जाता है।
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यह योजना 2017 में लागू की गई थी, जिसके तहत अब तक 32441 महिलाओं को योजना का लाभ दिया जा चुका है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक परीक्षित तेवतिया ने बताया कि योजना की पहली शर्त में एक हजार रुपये की धनराशि गर्भवती का पंजीकरण होने पर दिया जाता है, ताकि सभी स्वास्थ्य सेवाएं उन्हें समय से मुहैया कराई जा सकें। दूसरी शर्त में दो हजार रुपये की धनराशि गर्भ के दूसरे तिमाही में गर्भवती की सेहत की जांच होने पर दी जाती है। जांच में जटिलता पाए जाने पर गर्भवती को विशेषज्ञ चिकित्सक के पास इलाज के लिए भेजा जाता है। तीसरी शर्त में दो हजार की धनराशि जन्में शिशु का पंजीकरण कराने व पहले चक्र का टीकाकरण पूर्ण करने पर दी जाती है। इससे शिशु को जानलेवा बीमारी टीबी, काली खांसी, टिटनेस, गलघोंटू, पोलियो व लीवर की बीमारी, हेपेटाइटिस बी से सुरक्षा मिलती है।
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नोडल अधिकारी डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि आर्थिक व सामाजिक कारणों से कई महिलाएं गर्भावस्था के आखिरी दिनों तक परिवार के लिए जीविका अर्जित करना जारी रखती है। इसके अलावा वह बच्चे के जन्म देने के बाद वक्त से पहले काम करना शुरू कर देती है, जबकि उनका शरीर इसके लिए तैयार नहीं होता है। ऐसे में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत उन्हें पर्याप्त विश्राम करने के अवसर के साथ ही जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया हो जाती है।
कोट -
महिलाएं 104 नंबर डायल कर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी ले सकती हैं। प्रथम बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं को योजना से जुड़कर लाभ लेना चाहिए। पात्रों के खातों में पैसा भेजा जा रहा है।--डॉ.सुनील कुमार, सीएमओ।