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बैंकों का विलय होने से ग्राहकों के खाते से कट रही धनराशि
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बैंकों का विलय होने से ग्राहकों के खाते से कट रही धनराशि
हापुड़। केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक के विलय होने के बाद हजारों खाताधारकों के खातों से बिना किसी कारण ही दो बार खाते से धनराशि कट गई। रात को अचानक आए मेसेज ने खाताधारकों की नींद उड़ा दी। सुबह खाताधारकों ने बैंकों में संपर्क किया तो पता चला सॉफ्टवेयर बदले जाने से यह समस्या हुई है, जल्द ही कटी धनराशि खातों में वापस भेज दी जाएगी।
सरकार द्वारा बैंकों का विलय किया जा रहा है। इसके तहत सिंडिकेट बैंक को भी केनरा बैंक में मर्ज कर दिया गया है। दोनों बैंकों के आपस में मर्ज होने के बाद खाताधारकों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। वर्तमान में केनरा बैंक से एक लाख से अधिक खाताधारक जुड़े हुए हैं। इस बैंक के खाताधारकों के खाते से एक बार 142 व दूसरी बार 236 रुपये कटने का मेसेज भेजा गया। अधिकांश ग्राहकों के पास यह मेसेज रात में पहुंचा। मेसेज देखकर खाताधारकों की नींद उड़ गई, उन्हें लगा कि किसी साइबर ठग ने उनके खातों से यह धनराशि निकाली है।
सुबह उठते ही सबसे पहले ग्राहक अपने बैंकों की शाखाओं में पहुंचे। जहां बताया गया कि यह एटीएम का सालाना शुल्क काटा गया है, जबकि इनमें बहुत से ग्राहक ऐसे थे, जिनके पास एटीएम ही नहीं था। ऐसे में धनराशि क्यों काटी गई। इसको लेकर उन्होंने रोष जताया। जिसके बाद बैंकों अधिकारियों ने बताया कि सॉफ्टवेयर बदले जाने के कारण यह समस्या बनी है, जल्द ही कटी हुई धनराशि वापस खातों में भेज दी जाएगी। इसके बाद ग्राहकों शांत हुए।
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एलडीएम आशुतोष पांडेय का कहना है कि इस तरह की समस्या गंभीर है। जिन लोगों के खाते से धनराशि काटी गई है। संबंधित बैंक से जानकारी कर राहत दिलाई जाएगी।
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हापुड़। केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक के विलय होने के बाद हजारों खाताधारकों के खातों से बिना किसी कारण ही दो बार खाते से धनराशि कट गई। रात को अचानक आए मेसेज ने खाताधारकों की नींद उड़ा दी। सुबह खाताधारकों ने बैंकों में संपर्क किया तो पता चला सॉफ्टवेयर बदले जाने से यह समस्या हुई है, जल्द ही कटी धनराशि खातों में वापस भेज दी जाएगी।
सरकार द्वारा बैंकों का विलय किया जा रहा है। इसके तहत सिंडिकेट बैंक को भी केनरा बैंक में मर्ज कर दिया गया है। दोनों बैंकों के आपस में मर्ज होने के बाद खाताधारकों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। वर्तमान में केनरा बैंक से एक लाख से अधिक खाताधारक जुड़े हुए हैं। इस बैंक के खाताधारकों के खाते से एक बार 142 व दूसरी बार 236 रुपये कटने का मेसेज भेजा गया। अधिकांश ग्राहकों के पास यह मेसेज रात में पहुंचा। मेसेज देखकर खाताधारकों की नींद उड़ गई, उन्हें लगा कि किसी साइबर ठग ने उनके खातों से यह धनराशि निकाली है।
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सुबह उठते ही सबसे पहले ग्राहक अपने बैंकों की शाखाओं में पहुंचे। जहां बताया गया कि यह एटीएम का सालाना शुल्क काटा गया है, जबकि इनमें बहुत से ग्राहक ऐसे थे, जिनके पास एटीएम ही नहीं था। ऐसे में धनराशि क्यों काटी गई। इसको लेकर उन्होंने रोष जताया। जिसके बाद बैंकों अधिकारियों ने बताया कि सॉफ्टवेयर बदले जाने के कारण यह समस्या बनी है, जल्द ही कटी हुई धनराशि वापस खातों में भेज दी जाएगी। इसके बाद ग्राहकों शांत हुए।
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एलडीएम आशुतोष पांडेय का कहना है कि इस तरह की समस्या गंभीर है। जिन लोगों के खाते से धनराशि काटी गई है। संबंधित बैंक से जानकारी कर राहत दिलाई जाएगी।