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कंपकंपाती सर्दी में भी नहीं डिगा किसानों का हौसला
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कंपकंपाती सर्दी में भी नहीं डिगा किसानों का हौसला
हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का हौसला सर्द मौसम और बारिश में भी नहीं डिग रहा है। जिले से रोजाना बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में भाग ले रहे हैं। सर्द मौसम से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया जा रहा है। कानूनों को वापस न लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
देशभर के किसान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों का कड़ा विरोध कर रहे हैं। दिल्ली में बीते एक महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। सरकार ने किसानों की दो मांगों को मान लिया है। लेकिन किसान कृषि कानून और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं।
जिले से रोजाना बड़ी संख्या में किसान दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हो रहे हैं। भाकियू के मेरठ मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का निस्तारण कराने को लेकर गंभीर नहीं है। किसान जब इस बिल को अपनाना नहीं चाह रहे तो सरकार क्यों इसे किसानों पर थोप रही है।
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उन्होंने बताया कि सरकार चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह कानून लागू कर रही है। किसान एमएसपी का कानून बनवाने की मांग उठा रहे हैं। लेकिन उनकी बात नहीं मानी जा रही है। इससे सरकार की मानसिकता का पता चलता है। सर्दी से बचने के लिए किसान रात में अलाव जलाकर आंदोलन को रफ्तार दे रहे हैं।
हापुड़ से दिल्ली बॉर्डर जाने वालों में बबली सिंह, जीते चौहान, नीलम त्यागी, दिनेश त्यागी, संदीप चौधरी, महिपाल सिंह, बीरबल सिंह, इंसाफ अली, श्याम सुंदर त्यागी, सुंदर सिंह, इंदरपाल सिंह, इफ्तेखार खां, कुंवर पाल सिंह, रोहित, किशन सिंह, रामपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का हौसला सर्द मौसम और बारिश में भी नहीं डिग रहा है। जिले से रोजाना बड़ी संख्या में किसान दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में भाग ले रहे हैं। सर्द मौसम से बचने के लिए अलाव का सहारा लिया जा रहा है। कानूनों को वापस न लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने का एलान किया है।
देशभर के किसान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों का कड़ा विरोध कर रहे हैं। दिल्ली में बीते एक महीने से किसान आंदोलन कर रहे हैं। सरकार ने किसानों की दो मांगों को मान लिया है। लेकिन किसान कृषि कानून और एमएसपी पर कानून बनाने की मांग को लेकर अभी भी अड़े हुए हैं।
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जिले से रोजाना बड़ी संख्या में किसान दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हो रहे हैं। भाकियू के मेरठ मंडल प्रवक्ता दिनेश खेड़ा ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं का निस्तारण कराने को लेकर गंभीर नहीं है। किसान जब इस बिल को अपनाना नहीं चाह रहे तो सरकार क्यों इसे किसानों पर थोप रही है।
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उन्होंने बताया कि सरकार चुनिंदा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए यह कानून लागू कर रही है। किसान एमएसपी का कानून बनवाने की मांग उठा रहे हैं। लेकिन उनकी बात नहीं मानी जा रही है। इससे सरकार की मानसिकता का पता चलता है। सर्दी से बचने के लिए किसान रात में अलाव जलाकर आंदोलन को रफ्तार दे रहे हैं।
हापुड़ से दिल्ली बॉर्डर जाने वालों में बबली सिंह, जीते चौहान, नीलम त्यागी, दिनेश त्यागी, संदीप चौधरी, महिपाल सिंह, बीरबल सिंह, इंसाफ अली, श्याम सुंदर त्यागी, सुंदर सिंह, इंदरपाल सिंह, इफ्तेखार खां, कुंवर पाल सिंह, रोहित, किशन सिंह, रामपाल सिंह आदि मौजूद रहे।