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सीसीएसयू से फैसला आने तक डॉ. पंकज पाठक रहेंगे एसएसवी कॉलेज के प्राचार्य
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सीसीएसयू से फैसला आने तक डॉ. पंकज पाठक रहेंगे एसएसवी कॉलेज के प्राचार्य
हापुड़। दिल्ली रोड स्थित एसएसवी पीजी कॉलेज में प्राचार्य पद को लेकर बीते कई महीने से चल रही खींचतान के बीच शनिवार को प्रबंध समिति की बैठक हुई। बैठक में डॉ. पंकज पाठक का इस्तीफा नामंजूर कर सीसीएसयू से निर्णय आने तक उनके प्राचार्य पद पर बने रहने का प्रस्ताव पास हुआ। वहीं डॉ. मधुसूदन त्रिपाठी को प्राचार्य की अनुपस्थिति में चार्ज न दिए जाने के पूर्व प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।
एसएसवी कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों के लगातार हंगामे और कुछ शिक्षकों द्वारा ऐसे छात्रों को संरक्षण दिए जाने के विरोध में डॉ. पंकज पाठक ने प्राचार्य पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन वित्तीय प्रभार जैसे वेतन का निस्तारण, दैनिक कार्यों के बिलों का भुगतान, यूजीसी की ग्रांट आदि को वह देखते रहे। इस इस्तीफे को विचाराधीन रखा गया था। इसी बीच डॉ. मधुसूदन त्रिपाठी को कार्यवाहक प्राचार्य का चार्ज सौंप दिया गया। जबकि डॉ. त्रिपाठी को प्राचार्य की अनुपस्थिति में चार्ज न दिए जाने का प्रस्ताव सदन की बैठक में पहले ही पास हो चुका था। इस चार्ज के बाद से प्रबंध समिति में भी गहमागहमी शुरू हो गई थी। समिति के उप मंत्री अमित अग्रवाल जोनी छावनी वालों ने समिति के प्रधान विजय कुमार गोयल को पत्र लिखकर अवगत कराया कि 27 जनवरी 2020 की बैठक के प्रस्ताव संख्या 02 में पास प्रस्ताव (प्राचार्य अवकाश पर जाएं तो अपना चार्ज डॉ. मधु सूदन त्रिपाठी को न दिया जाए) के उल्लंघन का हवाला दिया और डॉ. मधुसूदन त्रिपाठी को डॉ. पंकज पाठक द्वारा अवकाश लिए जाने पर कार्यवाहक प्राचार्य का चार्ज दिए जाने पर आपत्ति दर्ज की।
शनिवार को कॉलेज सभागार में 14 एजेंडों को लेकर प्रबंध समिति की बैठक हुई। बैठक में डॉ. पंकज पाठक का इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया। साथ ही सीसीएसयू से वरिष्ठता सूची को लेकर चल रहे मामले में फैसला आने तक डॉ. पंकज पाठक के ही प्राचार्य पद पर बने रहने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि पूर्व में पास हुए प्रस्ताव के अनुसार डॉ. मधूसूदन त्रिपाठी को प्राचार्य की अनुपस्थिति में चार्ज नहीं दिया जाएगा।
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इसके अलावा बैठक में डॉ. सूदर्शन त्यागी, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. अनुज कुमार गर्ग, डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह, शिवकुमार आदि प्राध्यापकों का एक वर्ष का परिविक्षा काल पूर्ण होने पर इनकी सेवाओं का स्थायीकरण कर दिया गया। चयन आयोग द्वारा आए असिस्टेंट प्रोफेसरों के नवीन सृजित पदों पर चार नियुक्तियों की स्वीकृति की गई। जिनमें जयप्रताप सिंह, राकेश कुमार, विपिन कुमार मलिक, विकास कुमार थे। बैठक में कुल 14 प्रस्तावों में आठ पर फैसला हुआ। छह अन्य प्रस्तावों पर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
प्रबंध समिति के सचिव सुरेश चंद संपादक ने बताया कि सदन की बैठक में निर्णय लिया गया है कि यूनिवर्सिटी से फैसला आने तक डॉ. पंकज पाठक प्राचार्य रहेंगे। इसके अलावा बैठक में शेष रहे प्रस्तावों पर आगामी बैठक में निर्णय होगा।
इस दौरान प्रबंध समिति के प्रधान विजय गोयल, मंत्री सुरेश चंद संपादक, उप मंत्री अमित अग्रवाल जोनी छावनी वाले, ऑडिटर सुशांत बंसल, बिजेंद्र गर्ग लोहे वाले, उत्तम चंद गोयल, प्रोफेसर आरके गुप्ता, आरडी शर्मा, जयभगवान गौतम, जगदीश प्रसाद जग्गी, दिनेश शर्मा व चार शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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हापुड़। दिल्ली रोड स्थित एसएसवी पीजी कॉलेज में प्राचार्य पद को लेकर बीते कई महीने से चल रही खींचतान के बीच शनिवार को प्रबंध समिति की बैठक हुई। बैठक में डॉ. पंकज पाठक का इस्तीफा नामंजूर कर सीसीएसयू से निर्णय आने तक उनके प्राचार्य पद पर बने रहने का प्रस्ताव पास हुआ। वहीं डॉ. मधुसूदन त्रिपाठी को प्राचार्य की अनुपस्थिति में चार्ज न दिए जाने के पूर्व प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।
एसएसवी कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया के दौरान छात्रों के लगातार हंगामे और कुछ शिक्षकों द्वारा ऐसे छात्रों को संरक्षण दिए जाने के विरोध में डॉ. पंकज पाठक ने प्राचार्य पद से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन वित्तीय प्रभार जैसे वेतन का निस्तारण, दैनिक कार्यों के बिलों का भुगतान, यूजीसी की ग्रांट आदि को वह देखते रहे। इस इस्तीफे को विचाराधीन रखा गया था। इसी बीच डॉ. मधुसूदन त्रिपाठी को कार्यवाहक प्राचार्य का चार्ज सौंप दिया गया। जबकि डॉ. त्रिपाठी को प्राचार्य की अनुपस्थिति में चार्ज न दिए जाने का प्रस्ताव सदन की बैठक में पहले ही पास हो चुका था। इस चार्ज के बाद से प्रबंध समिति में भी गहमागहमी शुरू हो गई थी। समिति के उप मंत्री अमित अग्रवाल जोनी छावनी वालों ने समिति के प्रधान विजय कुमार गोयल को पत्र लिखकर अवगत कराया कि 27 जनवरी 2020 की बैठक के प्रस्ताव संख्या 02 में पास प्रस्ताव (प्राचार्य अवकाश पर जाएं तो अपना चार्ज डॉ. मधु सूदन त्रिपाठी को न दिया जाए) के उल्लंघन का हवाला दिया और डॉ. मधुसूदन त्रिपाठी को डॉ. पंकज पाठक द्वारा अवकाश लिए जाने पर कार्यवाहक प्राचार्य का चार्ज दिए जाने पर आपत्ति दर्ज की।
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शनिवार को कॉलेज सभागार में 14 एजेंडों को लेकर प्रबंध समिति की बैठक हुई। बैठक में डॉ. पंकज पाठक का इस्तीफा नामंजूर कर दिया गया। साथ ही सीसीएसयू से वरिष्ठता सूची को लेकर चल रहे मामले में फैसला आने तक डॉ. पंकज पाठक के ही प्राचार्य पद पर बने रहने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि पूर्व में पास हुए प्रस्ताव के अनुसार डॉ. मधूसूदन त्रिपाठी को प्राचार्य की अनुपस्थिति में चार्ज नहीं दिया जाएगा।
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इसके अलावा बैठक में डॉ. सूदर्शन त्यागी, डॉ. अंशु अग्रवाल, डॉ. अनुज कुमार गर्ग, डॉ. देवेंद्र प्रताप सिंह, शिवकुमार आदि प्राध्यापकों का एक वर्ष का परिविक्षा काल पूर्ण होने पर इनकी सेवाओं का स्थायीकरण कर दिया गया। चयन आयोग द्वारा आए असिस्टेंट प्रोफेसरों के नवीन सृजित पदों पर चार नियुक्तियों की स्वीकृति की गई। जिनमें जयप्रताप सिंह, राकेश कुमार, विपिन कुमार मलिक, विकास कुमार थे। बैठक में कुल 14 प्रस्तावों में आठ पर फैसला हुआ। छह अन्य प्रस्तावों पर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।
प्रबंध समिति के सचिव सुरेश चंद संपादक ने बताया कि सदन की बैठक में निर्णय लिया गया है कि यूनिवर्सिटी से फैसला आने तक डॉ. पंकज पाठक प्राचार्य रहेंगे। इसके अलावा बैठक में शेष रहे प्रस्तावों पर आगामी बैठक में निर्णय होगा।
इस दौरान प्रबंध समिति के प्रधान विजय गोयल, मंत्री सुरेश चंद संपादक, उप मंत्री अमित अग्रवाल जोनी छावनी वाले, ऑडिटर सुशांत बंसल, बिजेंद्र गर्ग लोहे वाले, उत्तम चंद गोयल, प्रोफेसर आरके गुप्ता, आरडी शर्मा, जयभगवान गौतम, जगदीश प्रसाद जग्गी, दिनेश शर्मा व चार शिक्षक प्रतिनिधि मौजूद रहे।