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कोरोना संक्रमित मरीज का पड़ोसी शिक्षक पहुंचा स्कूल, हड़कंप
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कोरोना संक्रमित मरीज का पड़ोसी शिक्षक पहुंचा स्कूल, हड़कंप
हापुड़। कोरोना महामारी में कंटेनमेंट व बफर जोन में स्थित स्कूलों को खोलकर शिक्षकों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को एक शिक्षक जो संक्रमित मरीज का पड़ोसी है वह अधिकारियों का आदेश मानकर स्कूल पहुंच गया। इससे वहां हड़कंप मच गया, आनन फानन में अधिकारियों ने स्कूल को बंद कर, शिक्षकों को घरों पर ही क्वारंटीन रहने के मौखिक आदेश कर दिए। इस तरह की अनदेखी से शिक्षकों में रोष व्याप्त है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री श्रीकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि अधिकारी शिक्षकों पर बिन वजह स्कूल आने का दबाव बना रहे हैं, जबकि कई स्कूल कंटेनमेंट जोन में आ रहे हैं। मंगलवार को पिलखुवा के ऐसे ही एक कॉलेज में अधिकारियों के आदेश के चलते ऐसे शिक्षक को आना पड़ा जो खुद एक संक्रमित मरीज का पड़ोसी है।
उनके स्कूल आने से अन्य शिक्षकों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा गया है। यह भी बताया कि कॉलेज के प्रधानाचार्य ने इसकी सूचना विभाग के अधिकारियों को दी । आनन फानन में कॉलेज को बंद करा दिया गया। इतना ही नहीं शिक्षकों को 48 घंटे तक घर पर ही क्वारंटीन रहने के मौखिक आदेश दिए गए।
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कुल मिलाकर कंटेनमेंट व बफर जोन में स्थित स्कूलों में आने को लेकर पहले ही शिक्षक बचते नजर आए हैं। क्योंकि वहां उनकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन अधिकारियों के दबाव के कारण उन्हें स्कूल आना पड़ रहा है। इस मामले में पदाधिकारियों ने डीआईओएस को ज्ञापन भी सौंपा है।
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हापुड़। कोरोना महामारी में कंटेनमेंट व बफर जोन में स्थित स्कूलों को खोलकर शिक्षकों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को एक शिक्षक जो संक्रमित मरीज का पड़ोसी है वह अधिकारियों का आदेश मानकर स्कूल पहुंच गया। इससे वहां हड़कंप मच गया, आनन फानन में अधिकारियों ने स्कूल को बंद कर, शिक्षकों को घरों पर ही क्वारंटीन रहने के मौखिक आदेश कर दिए। इस तरह की अनदेखी से शिक्षकों में रोष व्याप्त है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री श्रीकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि अधिकारी शिक्षकों पर बिन वजह स्कूल आने का दबाव बना रहे हैं, जबकि कई स्कूल कंटेनमेंट जोन में आ रहे हैं। मंगलवार को पिलखुवा के ऐसे ही एक कॉलेज में अधिकारियों के आदेश के चलते ऐसे शिक्षक को आना पड़ा जो खुद एक संक्रमित मरीज का पड़ोसी है।
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उनके स्कूल आने से अन्य शिक्षकों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा गया है। यह भी बताया कि कॉलेज के प्रधानाचार्य ने इसकी सूचना विभाग के अधिकारियों को दी । आनन फानन में कॉलेज को बंद करा दिया गया। इतना ही नहीं शिक्षकों को 48 घंटे तक घर पर ही क्वारंटीन रहने के मौखिक आदेश दिए गए।
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कुल मिलाकर कंटेनमेंट व बफर जोन में स्थित स्कूलों में आने को लेकर पहले ही शिक्षक बचते नजर आए हैं। क्योंकि वहां उनकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन अधिकारियों के दबाव के कारण उन्हें स्कूल आना पड़ रहा है। इस मामले में पदाधिकारियों ने डीआईओएस को ज्ञापन भी सौंपा है।