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गन्ना भुगतान न करने वाली शुगर मिलों से किनारा कर रहे किसान
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भुगतान करने वाली चीनी मिलों का जिले में खुले केंद्र - भाकियू
हापुड़। गन्ना भुगतान न करने वाली शुगर मिलों से किसान किनारा करने में ही भलाई समझ रहे हैं। बृहस्पतिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने डीसीओ को ज्ञापन सौंपकर, ऐसे मिलों के केंद्र जिले में लगवाने की मांग उठाई जो समय से ही भुगतान कर देते हैं। इसके अलावा समय से बेसिक कोटा पूरा कराने की भी मांग उठाई।
भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि गन्ना सर्वेक्षण की लखनऊ में हुई बैठक में गन्ना आयुक्त ने आदेश दिए थे कि जो शुगर मिल शासनादेशानुसार गन्ना भुगतान नहीं कर रही हैं। उनका क्षेत्रफल काटकर भुगतान करने वाली मिलों को दे दिया जाए।
जिले में भी गन्ना भुगतान की समस्या से किसान परेशान हैं। लेकिन जिले में दो चीनी मिलें हैं जिनपर किसानों का गन्ना डाला जाता है। ये चीनी मिलें किसानों का समय से भुगतान नहीं कर रही हैं। चार नवंबर से पेराई सत्र शुरू होने का दावा किया जा रहा है लेकिन अभी तक दोनों मिलों ने किसानों का भुगतान नहीं किया है। गन्ना आयुक्त द्वारा जो आदेश दिए गए थे, उनपर जिले में भी अमल किया जाना चाहिए। गन्ना विभाग के अधिकारी सख्ती करते हुए जल्द ही गांवों में ऐसे शुगर मिलों के केंद्र लगवाएं जो समय से भुगतान कर दें। इसके अलावा सट्टा निति के नियमानुसार पर्ची (60-40) के हिसाब से समय पर वितरित की जाएं और किसानों का बेसिक कोटा भी पूरा किया जाए।
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ज्ञापन सौंपने वालों में योगेश त्यागी, डा.ओंमकार सिंह, आशुतोष, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। गन्ना भुगतान न करने वाली शुगर मिलों से किसान किनारा करने में ही भलाई समझ रहे हैं। बृहस्पतिवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने डीसीओ को ज्ञापन सौंपकर, ऐसे मिलों के केंद्र जिले में लगवाने की मांग उठाई जो समय से ही भुगतान कर देते हैं। इसके अलावा समय से बेसिक कोटा पूरा कराने की भी मांग उठाई।
भाकियू भानु के जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि गन्ना सर्वेक्षण की लखनऊ में हुई बैठक में गन्ना आयुक्त ने आदेश दिए थे कि जो शुगर मिल शासनादेशानुसार गन्ना भुगतान नहीं कर रही हैं। उनका क्षेत्रफल काटकर भुगतान करने वाली मिलों को दे दिया जाए।
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जिले में भी गन्ना भुगतान की समस्या से किसान परेशान हैं। लेकिन जिले में दो चीनी मिलें हैं जिनपर किसानों का गन्ना डाला जाता है। ये चीनी मिलें किसानों का समय से भुगतान नहीं कर रही हैं। चार नवंबर से पेराई सत्र शुरू होने का दावा किया जा रहा है लेकिन अभी तक दोनों मिलों ने किसानों का भुगतान नहीं किया है। गन्ना आयुक्त द्वारा जो आदेश दिए गए थे, उनपर जिले में भी अमल किया जाना चाहिए। गन्ना विभाग के अधिकारी सख्ती करते हुए जल्द ही गांवों में ऐसे शुगर मिलों के केंद्र लगवाएं जो समय से भुगतान कर दें। इसके अलावा सट्टा निति के नियमानुसार पर्ची (60-40) के हिसाब से समय पर वितरित की जाएं और किसानों का बेसिक कोटा भी पूरा किया जाए।
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ज्ञापन सौंपने वालों में योगेश त्यागी, डा.ओंमकार सिंह, आशुतोष, वीरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।