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गन्ना भुगतान के लिए किसानों का फूटा गुस्सा
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सिंभावली गन्ना समिति परिसर का घेराव कर गन्ना भुगतान की मांग करते भाकियू भानु कार्यकर्ता।
- फोटो : GARH
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गन्ना भुगतान के लिए किसानों का फूटा गुस्सा
गढ़मुक्तेश्वर। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाकियू भानु कार्यकर्ताओं ने शुगर मिलों द्वारा गन्ना बकाया भुगतान नहीं करने पर गन्ना समिति में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया। एसडीएम, सीओ और जिला गन्नाधिकारी ने किसानों से घंटों वार्ता की। लेकिन किसान मांगे पूरी नहीं होने पर हाईवे जाम करने पर अड़े रहे। देर शाम मिल प्रबंधन द्वारा दस करोड़ रुपये का चेक गन्ना समिति को दे दिया और चीनी बिक्री के बाद शेष भुगतान करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसान शांत हुए और धरना समाप्त किया।
सिंभावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर गत पेराई सत्र के करोड़ों रुपये गन्ना बकाया भुगतान होने के विरोध में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाकियू भानु पदाधिकारियों और किसानों ने सोमवार को सिंभावली गन्ना समिति परिसर में एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया। जिसकी अध्यक्षता इच्छाराम और संचालन दीपक अधाना ने किया। प्रदेश सचिव सरनजीत गुर्जर और जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि सिंभावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिलों पर पर पांच सौ करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। भुगतान की मांग को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन भी किए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरनजीत गुर्जर ने कहा कि किसान आर्थिक संकट से गुजर रहा है, लेकिन मिल प्रबंधक किसानों का भुगतान करने के लिए तैयार नहीं हैं। कोरोना के इस संकट में तो किसानों की हालत काफी खराब है।
किसानों के धरने-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम विजयवर्धन तोमर, सीओ पवन कुमार, जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता, समिति सचिव राकेश पटेल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने भाकियू भानु पदाधिकारियों समेत मिल के सीजेएम करन सिंह, गन्ना महाप्रबंधक सुधीर कुमार, नायब सिंह, दिनेश शर्मा, अमानउल्ला खां को मौके पर बुलाकर वार्ता की। लेकिन किसान बकाया भुगतान नहीं मिलने तक आंदोलन और हाईवे जाम करने पर अड़े रहे। जिसे देखते हुए अधिकारियों ने गढ़ और बहादुरगढ़ से भी बुलाकर मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। लेकिन देर शाम अधिकारियों के प्रयास के चलते किसानों और मिल प्रबंधन के बीच समझौता हुआ। जिसमें मिल द्वारा 10 करोड़ रुपये का चेक गन्ना समिति को सौंपा गया। वहीं शेष भुगतान चीनी बिक्री होने पर करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसान शांत हुए और धरना समाप्त कर दिया। मिल प्रबंधन के अनुसार गत पेराई सत्र का करीब 140 करोड़ रुपये का भुगतान मिल द्वारा किया जा चुका है। शेष भुगतान भी चीनी बिक्री के बाद कर दिया जाएगा। धरना-प्रदर्शन करने वालों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह तोमर, प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णवीर सिंह गब्बर, सुवीश त्यागी, हरीश हुण, अनिल मोरल, डॉ. दया प्रकाश, अजय त्यागी, मनोज, रेशमा राणा, राजबीर सिंह, शाहरूख अली, सुनील शर्मा, राजेंद्र गुर्जर, नीतू शर्मा, योगेंद्र शर्मा, रामवीर सिंह, रामकुमार आर्य समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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गढ़मुक्तेश्वर। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाकियू भानु कार्यकर्ताओं ने शुगर मिलों द्वारा गन्ना बकाया भुगतान नहीं करने पर गन्ना समिति में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया। एसडीएम, सीओ और जिला गन्नाधिकारी ने किसानों से घंटों वार्ता की। लेकिन किसान मांगे पूरी नहीं होने पर हाईवे जाम करने पर अड़े रहे। देर शाम मिल प्रबंधन द्वारा दस करोड़ रुपये का चेक गन्ना समिति को दे दिया और चीनी बिक्री के बाद शेष भुगतान करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसान शांत हुए और धरना समाप्त किया।
सिंभावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर गत पेराई सत्र के करोड़ों रुपये गन्ना बकाया भुगतान होने के विरोध में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाकियू भानु पदाधिकारियों और किसानों ने सोमवार को सिंभावली गन्ना समिति परिसर में एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया। जिसकी अध्यक्षता इच्छाराम और संचालन दीपक अधाना ने किया। प्रदेश सचिव सरनजीत गुर्जर और जिलाध्यक्ष पवन हूण ने कहा कि सिंभावली और ब्रजनाथपुर शुगर मिलों पर पर पांच सौ करोड़ रुपये बकाया चल रहा है। भुगतान की मांग को लेकर कई बार धरना-प्रदर्शन भी किए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सरनजीत गुर्जर ने कहा कि किसान आर्थिक संकट से गुजर रहा है, लेकिन मिल प्रबंधक किसानों का भुगतान करने के लिए तैयार नहीं हैं। कोरोना के इस संकट में तो किसानों की हालत काफी खराब है।
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किसानों के धरने-प्रदर्शन की सूचना मिलने पर एसडीएम विजयवर्धन तोमर, सीओ पवन कुमार, जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता, समिति सचिव राकेश पटेल समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। जिन्होंने भाकियू भानु पदाधिकारियों समेत मिल के सीजेएम करन सिंह, गन्ना महाप्रबंधक सुधीर कुमार, नायब सिंह, दिनेश शर्मा, अमानउल्ला खां को मौके पर बुलाकर वार्ता की। लेकिन किसान बकाया भुगतान नहीं मिलने तक आंदोलन और हाईवे जाम करने पर अड़े रहे। जिसे देखते हुए अधिकारियों ने गढ़ और बहादुरगढ़ से भी बुलाकर मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। लेकिन देर शाम अधिकारियों के प्रयास के चलते किसानों और मिल प्रबंधन के बीच समझौता हुआ। जिसमें मिल द्वारा 10 करोड़ रुपये का चेक गन्ना समिति को सौंपा गया। वहीं शेष भुगतान चीनी बिक्री होने पर करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसान शांत हुए और धरना समाप्त कर दिया। मिल प्रबंधन के अनुसार गत पेराई सत्र का करीब 140 करोड़ रुपये का भुगतान मिल द्वारा किया जा चुका है। शेष भुगतान भी चीनी बिक्री के बाद कर दिया जाएगा। धरना-प्रदर्शन करने वालों में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिवाकर सिंह तोमर, प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्णवीर सिंह गब्बर, सुवीश त्यागी, हरीश हुण, अनिल मोरल, डॉ. दया प्रकाश, अजय त्यागी, मनोज, रेशमा राणा, राजबीर सिंह, शाहरूख अली, सुनील शर्मा, राजेंद्र गुर्जर, नीतू शर्मा, योगेंद्र शर्मा, रामवीर सिंह, रामकुमार आर्य समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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