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Hapur News: पहाड़ों में हो रही बारिश से खादर क्षेत्र के किसान परेशान
Fri, 20 Jun 2025 10:48 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Fri, 20 Jun 2025 10:48 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। पहाड़ों में झमाझम बारिश होने से गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण खादर क्षेत्र से जुड़े हजारों किसान परेशान हैं। क्योंकि निचले जंगल में हजारों बीघा फसलों को काफी नुकसान हो रहा है।
पश्चिमी उप्र और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में भले ही मानसून ने अभी तक अपनी दस्तक नहीं दी है, लेकिन दूसरी तरफ उत्तराखंड के पहाड़ों में झमाझम बारिश होने से गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी का क्रम एक सप्ताह से निरंतर चल रहा है। पिछले 24 घंटों में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने से गढ़-ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 197.49 मीटर के निशान पर पहुंच चुका है। जलस्तर में बढ़ोतरी होने से गंगा नदी के तटीय क्षेत्र से जुड़े निचले जंगल में पानी भरने से मौसमी फल, सब्जी के साथ ही हरे चारे की सैकड़ों बीघा फसल को नुकसान हुआ है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सोलंकी का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से फसलों में नुकसान के साथ ही पशुओं के चारे की किल्लत बढ़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी शाह आलम का कहना है कि पहाड़ों में ग्लेशियर पिघलने के साथ ही बारिश होने के कारण गढ़ ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में चौबीस घंटों के भीतर पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। वही, एसडीएम अंकित कुमार वर्मा का कहना है कि अभी क्षेत्र में बाढ़ की संभावना नहीं है। लेकिन प्रशासनिक स्तर से बाढ़ आपदा नियंत्रण को लेकर तैयारी की जा चुकी हैं।
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पश्चिमी उप्र और दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में भले ही मानसून ने अभी तक अपनी दस्तक नहीं दी है, लेकिन दूसरी तरफ उत्तराखंड के पहाड़ों में झमाझम बारिश होने से गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी का क्रम एक सप्ताह से निरंतर चल रहा है। पिछले 24 घंटों में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी होने से गढ़-ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर बढ़कर समुद्रतल से 197.49 मीटर के निशान पर पहुंच चुका है। जलस्तर में बढ़ोतरी होने से गंगा नदी के तटीय क्षेत्र से जुड़े निचले जंगल में पानी भरने से मौसमी फल, सब्जी के साथ ही हरे चारे की सैकड़ों बीघा फसल को नुकसान हुआ है। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सोलंकी का कहना है कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से फसलों में नुकसान के साथ ही पशुओं के चारे की किल्लत बढ़ने लगी है। केंद्रीय जल आयोग के गेज अधिकारी शाह आलम का कहना है कि पहाड़ों में ग्लेशियर पिघलने के साथ ही बारिश होने के कारण गढ़ ब्रजघाट गंगा के जलस्तर में चौबीस घंटों के भीतर पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। वही, एसडीएम अंकित कुमार वर्मा का कहना है कि अभी क्षेत्र में बाढ़ की संभावना नहीं है। लेकिन प्रशासनिक स्तर से बाढ़ आपदा नियंत्रण को लेकर तैयारी की जा चुकी हैं।
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