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Hapur News: भू-उपयोग बदलने के मामलों में जांच की मांग
Wed, 09 Apr 2025 10:34 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 09 Apr 2025 10:34 PM IST
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हापुड़। भारतीय किसान यूनियन किसान सेना ने बुधवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। साथ ही एचपीडीए पर भू-उपयोग बदलने के मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
जिलाध्यक्ष शहानाबाज खान ने कहा कि एचपीडीए ने बिल्डरों को नीलामी में बड़े भूखंडों को बेचा था, जिसमें ग्रुप हाउसिंग व व्यावसायिक भूखंडों बनाए जाने थे। लेकिन बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए 72 वीं बोर्ड बैठक में उन भूखंडों के भू-उपयोग में बदलाव कर आवासीय प्लॉट में बेचने का प्रस्ताव पास कर शासन को भेज दिया है। जिससे प्राधिकरण को बड़ा नुकसान हो रहा है। यदि प्लॉट ही बेचने थे तो प्राधिकरण जमीन का आवंटन निरस्त कर स्वयं ही इसके विकसित कर सकता था। अभी तक काफी आवंटियों के प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं हुई है। आनंद विहार योजना को लगभग 15 वर्ष हो चुके हैं। आवंटी प्लॉट प्राप्त करने की आस लगाए बैठे हैं। इस भूमि से प्राधिकरण ऐसे आवंटियों को प्लाट दे सकता था और शेष बचे प्लॉटों को नीलामी के माध्यम से बेच सकता था। इस तरह से प्राधिकरण को करोड़ों रुपये का फायदा होता, लेकिन प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलीभगत करके बिल्डरों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। प्राधिकरण में इससे पूर्व भी काफी अनियमितताएं बरती गई हैं। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान अलीमुद्दीन, मुक्कमील, अरसद, अदनान, कमिल, महबूब आदि मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष शहानाबाज खान ने कहा कि एचपीडीए ने बिल्डरों को नीलामी में बड़े भूखंडों को बेचा था, जिसमें ग्रुप हाउसिंग व व्यावसायिक भूखंडों बनाए जाने थे। लेकिन बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए 72 वीं बोर्ड बैठक में उन भूखंडों के भू-उपयोग में बदलाव कर आवासीय प्लॉट में बेचने का प्रस्ताव पास कर शासन को भेज दिया है। जिससे प्राधिकरण को बड़ा नुकसान हो रहा है। यदि प्लॉट ही बेचने थे तो प्राधिकरण जमीन का आवंटन निरस्त कर स्वयं ही इसके विकसित कर सकता था। अभी तक काफी आवंटियों के प्लॉट की रजिस्ट्री नहीं हुई है। आनंद विहार योजना को लगभग 15 वर्ष हो चुके हैं। आवंटी प्लॉट प्राप्त करने की आस लगाए बैठे हैं। इस भूमि से प्राधिकरण ऐसे आवंटियों को प्लाट दे सकता था और शेष बचे प्लॉटों को नीलामी के माध्यम से बेच सकता था। इस तरह से प्राधिकरण को करोड़ों रुपये का फायदा होता, लेकिन प्राधिकरण के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलीभगत करके बिल्डरों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए। प्राधिकरण में इससे पूर्व भी काफी अनियमितताएं बरती गई हैं। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। इस दौरान अलीमुद्दीन, मुक्कमील, अरसद, अदनान, कमिल, महबूब आदि मौजूद रहे।
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