{"_id":"594abb144f1c1ba72f8b4790","slug":"91498069780-hapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेखौफ बदमाश: ताबड़तोड़ वारदातों से थर्रा रहा जिला","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बेखौफ बदमाश: ताबड़तोड़ वारदातों से थर्रा रहा जिला
Updated Wed, 21 Jun 2017 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेखौफ बदमाश: ताबड़तोड़ वारदातों से थर्रा रहा जिला
पुलिस ने तीन दिन पहले ही बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर लुटेरों को ग्रामीणों की मदद से जरूर दबोचा है, लेकिन बदमाशों में फिलहाल पुलिस का कोई खौफ नहीं है। जिले में लगातार डकैती और लूट की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस का खुफिया तंत्र बदमाशों तक पहुंचने में नाकाम है।
कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जिले में क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। रोज क्राइम की बड़ी घटना हो रही हैं। हर थाना क्षेत्र लूट की इन बड़ी घटनाओं को रोकने में नाकाम है।
पुलिस का घटनाओं को रोकने से ज्यादा उन्हें दबाने में ध्यान है। यह स्थिति तब है जब दो दिन पहले ही पुलिस और ग्रामीणों की घेरा बंदी में दो बदमाशों को दबोच लिया गया था। जिनमें से पिटाई के कारण एक बदमाश की मौत भी हो चुकी है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस का खौफ बदमाशों में कतई नहीं है।
विज्ञापन
पुलिस का खुफिया तंत्र हो रहा नाकाम
पुलिस सूत्रों की माने तो जिले में बढ़ती वारदातों का कारण पुलिस के खुफिया तंत्र का कमजोर होना है। पुलिस के पास मुखबिरों की कमी है। जिसके कारण जिले में बदमाश लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस के पास उनका कोई सुराग नहीं है।
हाल ही में जिले में हुई बड़ी वारदात
-19 जून को गढ़ में कारोबारी के घर डकैती
-19 जून को ही हापुड़ में बिजली घर पर कैशियर से 4.56 लाख की लूट
-18 जून को हापुड़ में बीड़ी व्यापारी से हीरे की अंगूठी लूटी
-16 जून को पिलखुवा में किराना व्यापारी से बदमाशों ने 25 हजार व मोबाइल लूटे
-8 जून को पिलखुवा की सरिया फैक्ट्री में कर्मचारियों को बंधक बनाकर लाखों की डकैती
-6 जून को हापुड़ के टियाला में कैंटीन संचालक की हत्या कर ठेके सैल्समैन से 20 हजार लूटे
-दो जून को हापुड़ में महिला को खेत में खींचकर रेप का प्रयास, विफल होने पर कुंडल लूटे
-एक जून बाबूगढ़ में गैस एजेंसी से 25 हजार रुपये व रिवाल्वर लूटा
-छह मई को मेरठ रोड पर गैस कैशियर से दिन दहाड़े 90 हजार लूटे
-छह मई को गढ़ में परिवार को बंधक बनाकर लाखों की डकैती
एसपी हेमंत कुटियाल का कहना है कि बढ़ती आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में अब लापरवाही कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी। अपराध को सख्ती से समाप्त किया जाएगा।
बेखौफ बदमाशों से खौफ में लोग
जिले में बढ़ते अपराध और ताबड़तोड़ वारदात को लेकर लोग खौफ जदा हैं। लोगों का पुलिस से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।
नगर निवासी अक्षय कुमार का कहना है कि बदमाशों में पुलिस का खौफ बिल्कुल भी नहीं है। अब तो दिन में भी घर से निकलने में डर लगता है। पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए।
रेस्टोरेंट संचालक मनोज कर्णवाल का कहना है कि लगातार हो रही वारदातों के कारण हर वर्ग चिंतित है। सरकार अभी तक क्राइम को रोकने में विफल रही है। पुलिस को व्यापारियों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए।
व्यापारी सतीश कुमार का कहना है कि जिले में दिन दहाड़े आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। सुनसान ही नहीं भीड़ भाड़ वाले इलाकों में लुटेरे वारदात कर आराम से बचकर निकल जाते हैं। ऐसे में आम आदमी के मन में भय व्याप्त होना लाजमी है।
सतेंद्र गुप्ता कहते हैं कि जिले की पुलिस क्राइम कंट्रोल करने में पूरी तरह नाकाम है। कप्तान को चाहिए कि ऐसे पुलिस अधिकारियों को थानों का चार्ज दें जो तेज तर्रार हों और बदमाशों को सबक सिखा सकें।
विज्ञापन
पुलिस ने तीन दिन पहले ही बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर लुटेरों को ग्रामीणों की मदद से जरूर दबोचा है, लेकिन बदमाशों में फिलहाल पुलिस का कोई खौफ नहीं है। जिले में लगातार डकैती और लूट की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस का खुफिया तंत्र बदमाशों तक पहुंचने में नाकाम है।
कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो जिले में क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। रोज क्राइम की बड़ी घटना हो रही हैं। हर थाना क्षेत्र लूट की इन बड़ी घटनाओं को रोकने में नाकाम है।
विज्ञापन
पुलिस का घटनाओं को रोकने से ज्यादा उन्हें दबाने में ध्यान है। यह स्थिति तब है जब दो दिन पहले ही पुलिस और ग्रामीणों की घेरा बंदी में दो बदमाशों को दबोच लिया गया था। जिनमें से पिटाई के कारण एक बदमाश की मौत भी हो चुकी है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस का खौफ बदमाशों में कतई नहीं है।
विज्ञापन
पुलिस का खुफिया तंत्र हो रहा नाकाम
पुलिस सूत्रों की माने तो जिले में बढ़ती वारदातों का कारण पुलिस के खुफिया तंत्र का कमजोर होना है। पुलिस के पास मुखबिरों की कमी है। जिसके कारण जिले में बदमाश लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस के पास उनका कोई सुराग नहीं है।
हाल ही में जिले में हुई बड़ी वारदात
-19 जून को गढ़ में कारोबारी के घर डकैती
-19 जून को ही हापुड़ में बिजली घर पर कैशियर से 4.56 लाख की लूट
-18 जून को हापुड़ में बीड़ी व्यापारी से हीरे की अंगूठी लूटी
-16 जून को पिलखुवा में किराना व्यापारी से बदमाशों ने 25 हजार व मोबाइल लूटे
-8 जून को पिलखुवा की सरिया फैक्ट्री में कर्मचारियों को बंधक बनाकर लाखों की डकैती
-6 जून को हापुड़ के टियाला में कैंटीन संचालक की हत्या कर ठेके सैल्समैन से 20 हजार लूटे
-दो जून को हापुड़ में महिला को खेत में खींचकर रेप का प्रयास, विफल होने पर कुंडल लूटे
-एक जून बाबूगढ़ में गैस एजेंसी से 25 हजार रुपये व रिवाल्वर लूटा
-छह मई को मेरठ रोड पर गैस कैशियर से दिन दहाड़े 90 हजार लूटे
-छह मई को गढ़ में परिवार को बंधक बनाकर लाखों की डकैती
एसपी हेमंत कुटियाल का कहना है कि बढ़ती आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस मामले में अब लापरवाही कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी। अपराध को सख्ती से समाप्त किया जाएगा।
बेखौफ बदमाशों से खौफ में लोग
जिले में बढ़ते अपराध और ताबड़तोड़ वारदात को लेकर लोग खौफ जदा हैं। लोगों का पुलिस से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।
नगर निवासी अक्षय कुमार का कहना है कि बदमाशों में पुलिस का खौफ बिल्कुल भी नहीं है। अब तो दिन में भी घर से निकलने में डर लगता है। पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करना चाहिए।
रेस्टोरेंट संचालक मनोज कर्णवाल का कहना है कि लगातार हो रही वारदातों के कारण हर वर्ग चिंतित है। सरकार अभी तक क्राइम को रोकने में विफल रही है। पुलिस को व्यापारियों की सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए।
व्यापारी सतीश कुमार का कहना है कि जिले में दिन दहाड़े आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। सुनसान ही नहीं भीड़ भाड़ वाले इलाकों में लुटेरे वारदात कर आराम से बचकर निकल जाते हैं। ऐसे में आम आदमी के मन में भय व्याप्त होना लाजमी है।
सतेंद्र गुप्ता कहते हैं कि जिले की पुलिस क्राइम कंट्रोल करने में पूरी तरह नाकाम है। कप्तान को चाहिए कि ऐसे पुलिस अधिकारियों को थानों का चार्ज दें जो तेज तर्रार हों और बदमाशों को सबक सिखा सकें।