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एटीएम पासवर्ड पूछ खाते से 27 हजार उड़ाए
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एटीएम कार्ड का पासवर्ड पूछ खाते से निकाले 27 हजार
गढ़मुक्तेश्वर। प्रसव के बाद महिला को सरकारी सहायता दिलाने के नाम पर साइबर ठगों ने उसके भाई के खाते से 27 हजार रुपये की रकम उड़ा दी। पीड़िता ने सीएमओ को शिकायत कर जांच की मांग की है।
सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव गोहरा निवासी मारुफ की पत्नी रिहाना ने सोमवार को सिखेड़ा सीएचसी प्रभारी डॉ. शशी भूषण को शिकायती पत्र दिया है, जिसका कहना है कि छह माह पहले बक्सर स्थित पीएचसी में वह प्रसव के लिए भर्ती हुई थी। जहां उसने मृतक बच्ची को जन्म दिया। महिला का कहना है कि प्रसव के बाद जच्चा को मिलने वाली आर्थिक सहायता के तौर पर उसे दो बार में 34 रुपये मिले, लेकिन उसके बाद उसे कोई पैसा नहीं मिला। रविवार को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को चिकित्सा विभाग का अधिकारी बताया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने सरकारी सहायता के तौर पर मिलने वाली तीसरी किस्त दिलाने का झांसा दिया, उसकी बातों में आकर उसने अपने भाई शादाब का खाता नंबर उसे दे दिया, जिसके बाद आरोपी ने एटीएम कार्ड का नंबर और पासवर्ड भी पूछा। पैसे मिलने के लालच में उसने नंबर और पासवर्ड भी बता दिया। इसके कुछ देर बाद ही शादाब के खाते से 27 हजार रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। पीड़िता ने आशा कार्यकर्ता पर भी साइबर ठग से मिलीभगत का आरोप लगाया है। पीड़िता ने सीएचसी प्रभारी से मामले की जांच की गुहार लगाई है। सिखेड़ा सीएचसी प्रभारी डॉ. शशी भूषण ने बताया कि शिकायत के आधार पर विभागीय स्तर पर मामले की जांच कराई जा रही है।
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गढ़मुक्तेश्वर। प्रसव के बाद महिला को सरकारी सहायता दिलाने के नाम पर साइबर ठगों ने उसके भाई के खाते से 27 हजार रुपये की रकम उड़ा दी। पीड़िता ने सीएमओ को शिकायत कर जांच की मांग की है।
सिंभावली ब्लॉक क्षेत्र के गांव गोहरा निवासी मारुफ की पत्नी रिहाना ने सोमवार को सिखेड़ा सीएचसी प्रभारी डॉ. शशी भूषण को शिकायती पत्र दिया है, जिसका कहना है कि छह माह पहले बक्सर स्थित पीएचसी में वह प्रसव के लिए भर्ती हुई थी। जहां उसने मृतक बच्ची को जन्म दिया। महिला का कहना है कि प्रसव के बाद जच्चा को मिलने वाली आर्थिक सहायता के तौर पर उसे दो बार में 34 रुपये मिले, लेकिन उसके बाद उसे कोई पैसा नहीं मिला। रविवार को उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को चिकित्सा विभाग का अधिकारी बताया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने सरकारी सहायता के तौर पर मिलने वाली तीसरी किस्त दिलाने का झांसा दिया, उसकी बातों में आकर उसने अपने भाई शादाब का खाता नंबर उसे दे दिया, जिसके बाद आरोपी ने एटीएम कार्ड का नंबर और पासवर्ड भी पूछा। पैसे मिलने के लालच में उसने नंबर और पासवर्ड भी बता दिया। इसके कुछ देर बाद ही शादाब के खाते से 27 हजार रुपये निकाले जाने का मैसेज आया। पीड़िता ने आशा कार्यकर्ता पर भी साइबर ठग से मिलीभगत का आरोप लगाया है। पीड़िता ने सीएचसी प्रभारी से मामले की जांच की गुहार लगाई है। सिखेड़ा सीएचसी प्रभारी डॉ. शशी भूषण ने बताया कि शिकायत के आधार पर विभागीय स्तर पर मामले की जांच कराई जा रही है।
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