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प्रधान पति समेत किसान से रंगदारी लेने आए 6 बदमाश पकड़ में आए
Updated Sun, 30 Sep 2018 11:41 PM IST
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संगीन आपराधिक वारदातों में संलिप्त रहे हैं पकड़े गए बदमाश
गढ़मुक्तेश्वर। प्रधान पति समेत किसान से रंगदारी लेने आने के दौरान पुलिस द्वारा पकड़े गए बदमाश संगीन आपराधिक वारदातों में संलिप्त रह चुके हैं। बहादुरगढ़ थाने में शनिवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस में सीओ पवन कुमार और इंस्पेक्टर मनु चौधरी ने इस बाबत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गांव पलवाड़ा के प्रधान पति शब्बू खान और इसी गांव के किसान वसीम से रंगदारी वसूलने आए जिन बदमाशों को रंगे हाथों दबोचा गया है, उनके कब्जे से तीन बाइक, छह तमंचे, आठ जिंदा कारतूस, दो खोखे और 80 हजार की रकम बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि रंगदारी वसूलने के दौरान रंगे हाथों पकड़ में आए सभी बदमाशों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें अदालत के आदेश पर जूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए बदमाश इससे पहले भी कई संगीन अपराधिक वारदातों में संलिप्त रह चुके हैं। इंस्पेक्टर मनु चौधरी ने बताया कि पलवाड़ा प्रधान के पति शहाबुद्दीन खान और इसी गांव के किसान वसीम से लाखों की रंगदारी वसूलने के दौरान रंगे हाथों पकड़े गए बदमाशों में जरीफ, राजेंद्र, जीशान, दिलशाद, इमरान और अहसान निवासी बहादुरगढ़ शामिल हैं, जिनका सातवां साथी मुकेश हरियाणा जंगल में खड़ी फसलों में छिपकर फरार हो गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में इमरान, जरीफ और जीशान पर इससे पहले भी कई संगीन आपराधिक वारदातों में शामिल रह चुका है, जबकि उनके शेष साथियों से जुड़ा अपराधिक ब्यौरा भी जुटाने की कवायद की जा रही है।
बदमाशों को दबोचने वाली टीम होगी सम्मानित
- सीओ पवन बालियान ने बताया कि प्रधान पति शब्बू समेत किसान वसीम से रंगदारी वसूलने के दौरान छह बदमाशों को रंगे हाथों दबोचने वाली पुलिस टीम में इंस्पेक्टर मनु चौधरी, एसआई ब्रह्मपाल, रामनिवास, एचसीपी उदयवीर, मुख्य आरक्षी सतीश, सिपाही राहुल चिकारा, बबलू, रवि, रणवीर, सचिन सैनी, शिवकुमार शामिल रहे, जिन्हें शाबाशी देने के साथ ही विभागीय स्तर से पुरस्कृत कराने की संस्तुति की गई है।
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पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा था बदमाशों को
- बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव पलवाड़ा की प्रधान शबनम के पति शब्बू खान और इसी गांव के किसान वसीम के मोबाइल पर 20 सितंबर से लगातार अजनबी लोगों की कॉल आ रही थीं, जो प्रधान पति से तीस लाख और किसान वसीम से पांच लाख की रंगदारी न मिलने पर उन्हें परिजनों समेत मौत के घाट उतारने की धमकी देते आ रहे थे। शुक्रवार की रात को कॉल आई तो किसान वसीम ने अपनी हैसियत के मुताबिक तीन लाख की रकम अदा करने की बात कही थी, जिस पर रंगदारी मांगने वाले अजनबी लोगों ने रकम मिलने का स्थान तय करते हुए बहादुरगढ़ के जंगल से होकर निकल रहे रजवाहे की पटरी पर पहुंचने का फरमान दिया था। सब कुछ तय होने पर किसान वसीम ने थाने में पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई, जिस पर पुलिस ने वसीम को उसके भाई सलीम के साथ रजवाहे की सुनसान पटरी पर थैले में रकम लेकर भेज दिया और खुद आसपास के जंगल में पहुंचकर घेराबंदी करने में जुट गई थी। देर शाम करीब चार बजे रंगदारी मांगने वाले दो लोग जैसे ही रजवाहे की पटरी पर मौजूद वसीम और सलीम के पास पहुंचे तो घेराबंदी कर पुलिस ने उन्हें दबोच लिया था। सख्ती के साथ पूछताछ किए जाने पर पकड़ में आए दोनों युवक पुलिस को अपने साथ चुपचाप ढंग से जंगल में बने एक नलकूप पर ले गए थे, जहां मौजूद उनके चार लोग भनक लगते ही वहां से भाग निकले। लेकिन पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया था।
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गढ़मुक्तेश्वर। प्रधान पति समेत किसान से रंगदारी लेने आने के दौरान पुलिस द्वारा पकड़े गए बदमाश संगीन आपराधिक वारदातों में संलिप्त रह चुके हैं। बहादुरगढ़ थाने में शनिवार को हुई प्रेस कांफ्रेंस में सीओ पवन कुमार और इंस्पेक्टर मनु चौधरी ने इस बाबत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि गांव पलवाड़ा के प्रधान पति शब्बू खान और इसी गांव के किसान वसीम से रंगदारी वसूलने आए जिन बदमाशों को रंगे हाथों दबोचा गया है, उनके कब्जे से तीन बाइक, छह तमंचे, आठ जिंदा कारतूस, दो खोखे और 80 हजार की रकम बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि रंगदारी वसूलने के दौरान रंगे हाथों पकड़ में आए सभी बदमाशों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें अदालत के आदेश पर जूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए बदमाश इससे पहले भी कई संगीन अपराधिक वारदातों में संलिप्त रह चुके हैं। इंस्पेक्टर मनु चौधरी ने बताया कि पलवाड़ा प्रधान के पति शहाबुद्दीन खान और इसी गांव के किसान वसीम से लाखों की रंगदारी वसूलने के दौरान रंगे हाथों पकड़े गए बदमाशों में जरीफ, राजेंद्र, जीशान, दिलशाद, इमरान और अहसान निवासी बहादुरगढ़ शामिल हैं, जिनका सातवां साथी मुकेश हरियाणा जंगल में खड़ी फसलों में छिपकर फरार हो गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों में इमरान, जरीफ और जीशान पर इससे पहले भी कई संगीन आपराधिक वारदातों में शामिल रह चुका है, जबकि उनके शेष साथियों से जुड़ा अपराधिक ब्यौरा भी जुटाने की कवायद की जा रही है।
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बदमाशों को दबोचने वाली टीम होगी सम्मानित
- सीओ पवन बालियान ने बताया कि प्रधान पति शब्बू समेत किसान वसीम से रंगदारी वसूलने के दौरान छह बदमाशों को रंगे हाथों दबोचने वाली पुलिस टीम में इंस्पेक्टर मनु चौधरी, एसआई ब्रह्मपाल, रामनिवास, एचसीपी उदयवीर, मुख्य आरक्षी सतीश, सिपाही राहुल चिकारा, बबलू, रवि, रणवीर, सचिन सैनी, शिवकुमार शामिल रहे, जिन्हें शाबाशी देने के साथ ही विभागीय स्तर से पुरस्कृत कराने की संस्तुति की गई है।
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पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा था बदमाशों को
- बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव पलवाड़ा की प्रधान शबनम के पति शब्बू खान और इसी गांव के किसान वसीम के मोबाइल पर 20 सितंबर से लगातार अजनबी लोगों की कॉल आ रही थीं, जो प्रधान पति से तीस लाख और किसान वसीम से पांच लाख की रंगदारी न मिलने पर उन्हें परिजनों समेत मौत के घाट उतारने की धमकी देते आ रहे थे। शुक्रवार की रात को कॉल आई तो किसान वसीम ने अपनी हैसियत के मुताबिक तीन लाख की रकम अदा करने की बात कही थी, जिस पर रंगदारी मांगने वाले अजनबी लोगों ने रकम मिलने का स्थान तय करते हुए बहादुरगढ़ के जंगल से होकर निकल रहे रजवाहे की पटरी पर पहुंचने का फरमान दिया था। सब कुछ तय होने पर किसान वसीम ने थाने में पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई, जिस पर पुलिस ने वसीम को उसके भाई सलीम के साथ रजवाहे की सुनसान पटरी पर थैले में रकम लेकर भेज दिया और खुद आसपास के जंगल में पहुंचकर घेराबंदी करने में जुट गई थी। देर शाम करीब चार बजे रंगदारी मांगने वाले दो लोग जैसे ही रजवाहे की पटरी पर मौजूद वसीम और सलीम के पास पहुंचे तो घेराबंदी कर पुलिस ने उन्हें दबोच लिया था। सख्ती के साथ पूछताछ किए जाने पर पकड़ में आए दोनों युवक पुलिस को अपने साथ चुपचाप ढंग से जंगल में बने एक नलकूप पर ले गए थे, जहां मौजूद उनके चार लोग भनक लगते ही वहां से भाग निकले। लेकिन पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी कर उन्हें दबोच लिया था।