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हत्या के मामले में चार को आजीवन कारावास
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:12 AM IST
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हत्या के मामले में चार को आजीवन कारावास
-अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम ने लगाया 6-6 हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। थाना धौलाना क्षेत्र में वर्ष 2013 में हुई एक हत्या के एक मामले में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम वीना नारायन ने चार युवकों को आजीवन कारावास की सजा के साथ 6-6 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश त्यागी ने बताया कि धौलाना निवासी शाहिद अली ने थाने पर एक मुकदमा पंजीकृत कराया था। उसमें बताया गया था कि उसके पिता अहमद अली धौलाना बस स्टैंड पर किराये की दुकान करते हैं। 22 अगस्त, 2013 को दुकान पर चंद्रमोहन, ललित, पवन और रामकुमार किराया लेने पहुंचे। इस दौरान विवाद होने पर चारों आरोपियों ने उसके पिता के साथ अभद्रता कर दी। तभी दुकान पर उसका छोटा पुत्र वाहिद भी पहुंच गया। उसने गाली-गलौज का विरोध किया तो आरोपियों ने चाकू व अन्य हथियारों से पिता-पुत्र पर हमला कर दिया। हमले में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान वाहिद ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने इस मामले में हत्या का भी मुकदमा पंजीकृत किया था। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम वीना नारायन ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। साथ ही उन्हें इस हत्याकांड के लिए आजीवन कारावास और छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। चारों आरोपियों को जिला कारागार भेज दिया गया है।
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-अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम ने लगाया 6-6 हजार का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
हापुड़। थाना धौलाना क्षेत्र में वर्ष 2013 में हुई एक हत्या के एक मामले में मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम वीना नारायन ने चार युवकों को आजीवन कारावास की सजा के साथ 6-6 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता मुकेश त्यागी ने बताया कि धौलाना निवासी शाहिद अली ने थाने पर एक मुकदमा पंजीकृत कराया था। उसमें बताया गया था कि उसके पिता अहमद अली धौलाना बस स्टैंड पर किराये की दुकान करते हैं। 22 अगस्त, 2013 को दुकान पर चंद्रमोहन, ललित, पवन और रामकुमार किराया लेने पहुंचे। इस दौरान विवाद होने पर चारों आरोपियों ने उसके पिता के साथ अभद्रता कर दी। तभी दुकान पर उसका छोटा पुत्र वाहिद भी पहुंच गया। उसने गाली-गलौज का विरोध किया तो आरोपियों ने चाकू व अन्य हथियारों से पिता-पुत्र पर हमला कर दिया। हमले में पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस दौरान वाहिद ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने इस मामले में हत्या का भी मुकदमा पंजीकृत किया था। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम वीना नारायन ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया। साथ ही उन्हें इस हत्याकांड के लिए आजीवन कारावास और छह-छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। चारों आरोपियों को जिला कारागार भेज दिया गया है।
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