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Hapur News: वायरल के साथ मरीजों में चिकनगुनिया के लक्षण
Tue, 12 Nov 2024 10:40 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Tue, 12 Nov 2024 10:40 PM IST
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हापुड़। बुखार के मरीजों में इन दिनों चिकनगुनिया जैसे लक्षण आ रहे हैं। आमतौर पर पांच से छह दिनों में ठीक होने वाले मरीज 10 से 12 दिन तक जूझ रहे है। डेंगू के मरीजों को बुखार के साथ ही पेट संक्रमण समेत कई अन्य परेशानियों हो रही हैं।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.प्रदीप मित्तल बताते हैं कि इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल का सबसे ज्यादा प्रकोप होता है। बीते एक सप्ताह में वायरल के मरीजों की संख्या डेढ़ गुना तक बढ़ी है। जिला अस्पताल में रोजाना वायरल के 200 से 250 मरीज पहुंच रहे हैं। इनको बुखार के साथ ही हाथ-पैर, कमर, गर्दन, पीठ और मांसपेशियों में दर्द भी था। ऐसा चिकनगुनिया में होता है। सीएचसी के फिजिशियन डॉ.अशरफ अली ने बताया कि रोजाना बुखार 300 से 350 मरीज आ रहे हैं, जो मरीज समय पर उपचार लेना शुरू कर देते हैं उन्हें 4-5 दिन में कुछ आराम मिल रहा है। खांसी और खराश कई दिनों तक परेशान कर रही है। अगर बुखार आ रहा है और दर्द है, लेकिन जुकाम-खांसी नहीं है तो डेंगू का खतरा हो सकता है। ऐसे मरीजों की जांच कराई जा रही है।
बाल रोग विभाग में आए 110 बच्चे
सीएचसी के बाल रोग विभाग में 110 से ज्यादा बच्चे वायरल से पीड़ित आए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में तेज बुखार और पेट दर्द की समस्या सबसे अधिक है। तेज बुखार में बच्चे का शरीर गुनगुने पानी से साफ करें। इससे रक्त कोशिकाओं की सिकुड़न कम होती है। रक्त संचार तेजी से होता है। तापमान भी कम कम होता है। बच्चों को प्रदूषण से दूर रखें। तरल पदार्थों का सेवन करें।
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इसका रखें ख्याल-
* ठंडे पदार्थ खाने पीने से बचें।
* मच्छरों से बचाव करें।
* पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
* बुखार आने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
* चिकित्सीय परामर्श से ही दवा लें।
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जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ.प्रदीप मित्तल बताते हैं कि इस मौसम में डेंगू, मलेरिया और वायरल का सबसे ज्यादा प्रकोप होता है। बीते एक सप्ताह में वायरल के मरीजों की संख्या डेढ़ गुना तक बढ़ी है। जिला अस्पताल में रोजाना वायरल के 200 से 250 मरीज पहुंच रहे हैं। इनको बुखार के साथ ही हाथ-पैर, कमर, गर्दन, पीठ और मांसपेशियों में दर्द भी था। ऐसा चिकनगुनिया में होता है। सीएचसी के फिजिशियन डॉ.अशरफ अली ने बताया कि रोजाना बुखार 300 से 350 मरीज आ रहे हैं, जो मरीज समय पर उपचार लेना शुरू कर देते हैं उन्हें 4-5 दिन में कुछ आराम मिल रहा है। खांसी और खराश कई दिनों तक परेशान कर रही है। अगर बुखार आ रहा है और दर्द है, लेकिन जुकाम-खांसी नहीं है तो डेंगू का खतरा हो सकता है। ऐसे मरीजों की जांच कराई जा रही है।
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बाल रोग विभाग में आए 110 बच्चे
सीएचसी के बाल रोग विभाग में 110 से ज्यादा बच्चे वायरल से पीड़ित आए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. समरेंद्र राय ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में तेज बुखार और पेट दर्द की समस्या सबसे अधिक है। तेज बुखार में बच्चे का शरीर गुनगुने पानी से साफ करें। इससे रक्त कोशिकाओं की सिकुड़न कम होती है। रक्त संचार तेजी से होता है। तापमान भी कम कम होता है। बच्चों को प्रदूषण से दूर रखें। तरल पदार्थों का सेवन करें।
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इसका रखें ख्याल-
* ठंडे पदार्थ खाने पीने से बचें।
* मच्छरों से बचाव करें।
* पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
* बुखार आने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
* चिकित्सीय परामर्श से ही दवा लें।