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Hapur News: घटना के ढाई महीने बाद कासिम के भाई पर भी हुआ था हमला
Wed, 13 Mar 2024 09:32 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Wed, 13 Mar 2024 09:32 PM IST
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बझेड़ा खुर्द भीड़ हिंसा मामला-
हापुड़। बझेड़ा खुर्द में हुई भीड़ हिंसा में कासिम की मौत के बाद भी आरोपियों के हौंसले बुलंद रहे। मामले में गवाहों और वादी पर दबाव बनाने के लिए घटना के करीब ढाई महीने बाद कासिम के भाई और गनर को कार से कुचलने का प्रयास किया गया था। जिसके बाद तत्कालीन डीएम ने उसे रिवाल्वर का लाइसेंस जारी किया था।
भीड़ हिंसा में मारे गए कासिम के भाई ने 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामला चर्चित होने के कारण जिला प्रशासन ने कासिम के भाई सलीम को गनर मुहैया करा दिया था। लगातार वह उसकी सुरक्षा में तैनात रहता था। लेकिन घटना के ढाई महीने बाद उस पर अज्ञात लोगों ने हमला कर कार से कुचलने का प्रयास किया था।
सलीम ने बताया कि एक सितंबर 2018 को वह बाइक से अपने गनर के साथ साहिबाबाद से घर लौट रहा था। शाम के समय जब वह हाईवे-9 पर डासना टोल के पास पहुंचा तो पीछे से आई एक कार ने बाइक में टक्कर मार दी और दोनों को कुचलने का प्रयास किया। घटना के संबंध में मसूरी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। सलीम ने बताया कि घटना के बाद जिला प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया और तत्कालीन डीएम अदिति सिंह ने तुरंत उसे रिवाल्वर का लाइसेंस जारी किया था। अभी भी उसके पास गनर मौजूद है।
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हापुड़। बझेड़ा खुर्द में हुई भीड़ हिंसा में कासिम की मौत के बाद भी आरोपियों के हौंसले बुलंद रहे। मामले में गवाहों और वादी पर दबाव बनाने के लिए घटना के करीब ढाई महीने बाद कासिम के भाई और गनर को कार से कुचलने का प्रयास किया गया था। जिसके बाद तत्कालीन डीएम ने उसे रिवाल्वर का लाइसेंस जारी किया था।
भीड़ हिंसा में मारे गए कासिम के भाई ने 11 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामला चर्चित होने के कारण जिला प्रशासन ने कासिम के भाई सलीम को गनर मुहैया करा दिया था। लगातार वह उसकी सुरक्षा में तैनात रहता था। लेकिन घटना के ढाई महीने बाद उस पर अज्ञात लोगों ने हमला कर कार से कुचलने का प्रयास किया था।
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सलीम ने बताया कि एक सितंबर 2018 को वह बाइक से अपने गनर के साथ साहिबाबाद से घर लौट रहा था। शाम के समय जब वह हाईवे-9 पर डासना टोल के पास पहुंचा तो पीछे से आई एक कार ने बाइक में टक्कर मार दी और दोनों को कुचलने का प्रयास किया। घटना के संबंध में मसूरी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। सलीम ने बताया कि घटना के बाद जिला प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लिया और तत्कालीन डीएम अदिति सिंह ने तुरंत उसे रिवाल्वर का लाइसेंस जारी किया था। अभी भी उसके पास गनर मौजूद है।
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