फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hapur News ›   accused of throwing the newborn in dustbin

Hapur News: नवजात को मृत बताकर डस्टबिन में फेंकने का आरोप

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 08 May 2023 10:20 PM IST
विज्ञापन
accused of throwing the newborn in dustbin
हापुड़। कोठीगेट स्थित लाइफ लाइन अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हुई पांच महीने की गर्भवती का प्रसव हो गया। नवजात की गंभीर हालत देख परिजनों ने हंगामा कर दिया। आरोप है कि चिकित्सकों ने बच्चे को मृत बताकर डस्टबिन में फेंक दिया, जबकि उसकी सांस चल रही थी। वहीं, चिकित्सक ने दावा किया है कि बच्चे की हालत नाजुक बताई गई थी। बहरहाल, इस मामले में सीएमओ ने जांच के लिए तीन सदस्य टीम का गठन कर दिया है।
विज्ञापन

गांव सलाई निवासी अब्दुल बातिम की पत्नी पांच महीने की गर्भवती थी। जिसे परिजन कोठीगेट स्थित लाइफ लाइन अस्पताल लेकर आए। महिला की हालत गंभीर थी, अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में पांच महीने का गर्भ आया, चिकित्सकों ने बताया कि जिस समय महिला को लाया गया उसकी बच्चेदानी का मुंह खुला था और रक्तस्राव हो रहा था।
विज्ञापन

कुछ ही देर में महिला का प्रसव हो गया, जांच के दौरान बच्चे का वजन सिर्फ 600 ग्राम मिला। परिजनों ने हंगामा कर आरोप लगाया कि चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया और डस्टबिन में फेंक दिया। हालांकि गांव में जब दफीने की तैयारी की गई तो बच्चे की सांसें चल रही थी। इस पर परिजनों ने काफी हंगामा किया। वहीं, चिकित्सक का कहना था कि पांच महीने के बच्चे के जीने की उम्मीद कम होती है, परिजनों से यह कहा गया था कि बच्चे में सामान्य बच्चों की तरह दम नहीं है। बताया गया है कि महिला को पहले से पांच बेटियां हैं, वहीं पांच महीने का नवजात बेटा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

बहरहाल, इस मामले का संज्ञान सीएमओ ने लिया है, दो एसीएमओ व एक महिला चिकित्सक के नेतृत्व में टीम का गठन कर, जांच के आदेश दिए हैं।
--
निराधार हैं आरोप
हापुड़ के ही एक अस्पताल में महिला का उपचार चल रहा था, रविवार को वहां चिकित्सक नहीं होने के कारण एंबुलेंस से खुद ही परिजन गर्भवती को लाए थे। दो दिन से गर्भवती को रक्तस्त्राव हो रहा था, बच्चेदानी का मुंह भी खुला हुआ था। नवजात को डस्टबिन में नहीं फेंका गया, बल्कि तौलिया में लपेटकर परिजनों को सौंपा गया, साथ ही बच्चे को किसी अच्छी नर्सरी में भर्ती करने की बात कही। - डॉ.नीता शर्मा, स्त्री एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ।
--
उचित कार्रवाई होगी
मामला संज्ञान में आया है, जांच के लिए तीन सदस्य टीम गठित कर दी गई है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।--डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed