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Hapur News: मेरठ-गढ़ हाईवे के लिए 963.12 करोड़ मंजूर
Mon, 06 Oct 2025 09:36 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
Updated Mon, 06 Oct 2025 09:36 PM IST
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गढ़मुक्तेश्वर। क्षेत्रवासियों के लिए राहत भरी खबर है। लगभग 10 महीने से बंद पड़ा मेरठ-गढ़ 709ए हाईवे चौड़ीकरण और सुंदरकीकरण का कार्य फिर से शुरू होने जा रहा है। सांसद कंवर सिंह तंवर के पत्र पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संज्ञान लेते हुए 963.12 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। हाईवे के निर्माण से न केवल यातायात व्यवस्था सुधरेगी,बल्कि जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। इसके साथ वाहनों की रफ्तार भी बढ़ेगी।
जनपद मेरठ के गांव सिसौली से लेकर गढ़मुक्तेश्वर के गांव बदरखा तक हाईवे का निर्माण हो रहा है। इसके लिए टाटा कंपनी को अनुबंध दिया गया था। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 10 अक्तूबर 2021 से लेकर 10 अक्तूबर 2023 तक समय दिया गया था। करीब 50 किलोमीटर के इस हाईवे के निर्माण में करीब 955 करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन परियोजना की समीक्षा में पाया गया कि वर्तमान में करीब 462 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी केवल 48 प्रतिशत कार्य ही हुआ है। कार्यदायी संस्था की इस लापरवाही को देखते हुए एनएचएआई के अधिकारियों ने पत्राचार किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद एनएचएआई ने 23 दिसंबर 2024 को अनुबंध समाप्त करने के लिए टाटा कंपनी को नोटिस भेजा। उस समय भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर 30 दिसंबर 2024 को कंपनी का अनुबंध खत्म कर दिया गया। इसके बाद से हाईवे का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है।
बाद में विभागीय अधिकारियों ने दोबारा टेंडर डालने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन टाटा कंपनी के संबंधित अधिकारी ने न्यायालय में टेंडर निरस्त होने पर वाद दायर कर दिया। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया फिर रुक गई। हाईवे का निर्माण न होने के कारण मेरठ से गढ़ तक करीब 50 से अधिक स्थानों पर रूट को एक लेन से दूसरी लेन के लिए डायवर्ट किया गया है। इस कारण लोगों को भारी असुविधा हो रही है। वहीं, दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। इस मामले को लेकर सांसद कंवर सिंह तंवर ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा था। जिसके बाद अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाईवे 709ए के चौड़ीकरण, सुदंरीकरण के लिए 963.12 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई है।
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लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी--
निर्माण कार्य अटकने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इस धनराशि की स्वीकृति के बाद विवाद खत्म होने की उम्मीद है। जिससे शीघ्र ही चौड़ीकरण कार्य में तेजी आ सकेगी।
इस प्रकार हो रहा निर्माण--
यह हाईवे किठौर, शाहजहांपुर, हसनपुर, नानपुर बाईपास होते हुए नानपुर के निकट पुराने हाईवे से मिलेगा। जहां से गांव पौपाई, दौताई के मध्य से होते हुए नहर पुल के जरिए गढ़ क्षेत्र के गांव बदरखा के निकट हाईवे 9 से मिलेगा। इससे हसूपुरा, मानक चौक, हिरनपुरा, शाहपुर चौधरी, भगवंतपुर, झड़ीना, लोदीपुर, हिरनपुर चौकी, अटूटा, कनिया, मतनौरा आदि को हाईवे से जोड़ेगा। बता दें कि गढ़-मेरठ मार्ग से प्रतिदिन करीब 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इस हाईवे के चौड़ीकरण का काम पूरा होने के बाद हजारों लोगों को मेरठ से हापुड़ आने-जाने में आसानी होगी। साथ ही किठौर-शाहजहांपुर की फल मंडी में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। वहीं, करीब डेढ़ घंटे का गढ़ से मेरठ तक का सफर 45 मिनट का रह जाएगा।
कोट -
मेरठ-गढ़ हाईवे 709ए पर हो रहे निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते कार्यदायी संस्था के अनुबंध को निरस्त कर दिया गया है। दूसरा टेंडर जारी करने के लिए विभागीय कार्रवाई की जा रही है। हालांकि अभी मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वहां से आदेश आने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा। सरकार की ओर से सुंदरीकरण और चौड़ीकरण के लिए 963.12 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई है।- अमित प्रणव, परियोजना निदेशक एनएचएआई मेरठ
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जनपद मेरठ के गांव सिसौली से लेकर गढ़मुक्तेश्वर के गांव बदरखा तक हाईवे का निर्माण हो रहा है। इसके लिए टाटा कंपनी को अनुबंध दिया गया था। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 10 अक्तूबर 2021 से लेकर 10 अक्तूबर 2023 तक समय दिया गया था। करीब 50 किलोमीटर के इस हाईवे के निर्माण में करीब 955 करोड़ रुपये खर्च होने थे, लेकिन परियोजना की समीक्षा में पाया गया कि वर्तमान में करीब 462 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी केवल 48 प्रतिशत कार्य ही हुआ है। कार्यदायी संस्था की इस लापरवाही को देखते हुए एनएचएआई के अधिकारियों ने पत्राचार किया, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद एनएचएआई ने 23 दिसंबर 2024 को अनुबंध समाप्त करने के लिए टाटा कंपनी को नोटिस भेजा। उस समय भी कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर 30 दिसंबर 2024 को कंपनी का अनुबंध खत्म कर दिया गया। इसके बाद से हाईवे का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है।
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बाद में विभागीय अधिकारियों ने दोबारा टेंडर डालने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन टाटा कंपनी के संबंधित अधिकारी ने न्यायालय में टेंडर निरस्त होने पर वाद दायर कर दिया। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया फिर रुक गई। हाईवे का निर्माण न होने के कारण मेरठ से गढ़ तक करीब 50 से अधिक स्थानों पर रूट को एक लेन से दूसरी लेन के लिए डायवर्ट किया गया है। इस कारण लोगों को भारी असुविधा हो रही है। वहीं, दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। इस मामले को लेकर सांसद कंवर सिंह तंवर ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा था। जिसके बाद अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने हाईवे 709ए के चौड़ीकरण, सुदंरीकरण के लिए 963.12 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई है।
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लोगों को झेलनी पड़ रही परेशानी
निर्माण कार्य अटकने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, इस धनराशि की स्वीकृति के बाद विवाद खत्म होने की उम्मीद है। जिससे शीघ्र ही चौड़ीकरण कार्य में तेजी आ सकेगी।
इस प्रकार हो रहा निर्माण
यह हाईवे किठौर, शाहजहांपुर, हसनपुर, नानपुर बाईपास होते हुए नानपुर के निकट पुराने हाईवे से मिलेगा। जहां से गांव पौपाई, दौताई के मध्य से होते हुए नहर पुल के जरिए गढ़ क्षेत्र के गांव बदरखा के निकट हाईवे 9 से मिलेगा। इससे हसूपुरा, मानक चौक, हिरनपुरा, शाहपुर चौधरी, भगवंतपुर, झड़ीना, लोदीपुर, हिरनपुर चौकी, अटूटा, कनिया, मतनौरा आदि को हाईवे से जोड़ेगा। बता दें कि गढ़-मेरठ मार्ग से प्रतिदिन करीब 10 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इस हाईवे के चौड़ीकरण का काम पूरा होने के बाद हजारों लोगों को मेरठ से हापुड़ आने-जाने में आसानी होगी। साथ ही किठौर-शाहजहांपुर की फल मंडी में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी। वहीं, करीब डेढ़ घंटे का गढ़ से मेरठ तक का सफर 45 मिनट का रह जाएगा।
कोट -
मेरठ-गढ़ हाईवे 709ए पर हो रहे निर्माण कार्य में लापरवाही के चलते कार्यदायी संस्था के अनुबंध को निरस्त कर दिया गया है। दूसरा टेंडर जारी करने के लिए विभागीय कार्रवाई की जा रही है। हालांकि अभी मामला न्यायालय में विचाराधीन है। वहां से आदेश आने के बाद ही कार्य शुरू हो सकेगा। सरकार की ओर से सुंदरीकरण और चौड़ीकरण के लिए 963.12 करोड़ की धनराशि मंजूर की गई है।- अमित प्रणव, परियोजना निदेशक एनएचएआई मेरठ