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ब्रजघाट गंगानगरी में बनने वाला थाना आखिर कहां गया?
Updated Mon, 15 Oct 2018 11:29 PM IST
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फाइलों में गुम हुआ ब्रजघाट में थाना बनाने का प्रस्ताव
गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट गंगानगरी में बनने वाला थाना फाइलों में कहीं गुम हो गया है। हापुड़ के जिला बने सात वर्ष हो गए हैं, यह प्रस्ताव तत्कालीन अधिकारियों ने मांगा था, लेकिन आलम यह है कि प्रस्ताव पर कोई अमल होना तो दूर बल्कि वर्तमान में तैनात पुलिस अफसरों को इस विषय में कोई जानकारी तक नहीं है।
बसपा मुखिया मायावती ने सात वर्ष पूर्व हापुड़ को जिला बनाने की घोषणा की थी। जिसका सृजन होते ही पुलिस महकमे ने नेशनल हाइवे की सुरक्षा बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को चाक चौबंद करने के मकसद से गढ़ की ब्रजघाट तीर्थनगरी में नए थाने का सृजन करने की घोषणा की थी। जिसके तहत गढ़ पुलिस द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में गांव अल्लाबख्शपुर के पास हाईवे किनारे वाली भूमि भी चिन्हित कर ली गई थी, जिसमें गढ़ कोतवाली और ब्रजघाट चौकी क्षेत्र से जुड़े गांव और कस्बों की सूची को भी संलग्न किया था। लेकिन सात साल की अवधि बीतने के बाद भी थाने का निर्माण तो दूर बल्कि इस संबंध में कोई भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
नए थाने का क्षेत्रफल भी हुआ था तय
नए थाने का सृजन करने के लिए निर्धारित मानक के अनुसार 113 वर्गमील क्षेत्रफल होना आवश्यक है, जिसके लिए थाना गढ़ से 65 और बहादुरगढ़ थाने के 55 वर्गमील क्षेत्र में बसे गांवों को नए थाने में शामिल किया जाना प्रस्तावित था। वहीं ब्रजघाट रिपोर्टिंग चौकी को कस्बा चौकी और पलवाड़ा में भी रिपोर्टिंग चौकी बनाई जानी थी।
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प्रस्तावित थाने का सर्किल
स्याना चौपला से बुलंदशहर रोड स्थित सालारपुर गांव से घूमकर गंगा नदी तक नए थाने का सर्किल रहना था। नए थाने में गढ़ के अल्लाबख्शपुर, बागड़पुर, गांवड़ी, नैनापुर, आलमगीरपुर, बलवापुर, भोगापुर, ब्रजघाट कस्बा, बहादुरगढ़ क्षेत्र के सालारपुर, सिकंदरपुर, चित्तौड़ा मोहिउद्दीनपुर, पलवाड़ा, पसवाड़ा, मोहम्मदपुर रुस्तमपुर आदि गांव शामिल किए गए थे।
इतना मिलना था स्टाफ
थानाध्यक्ष एक
दारोगा 5
हेड मोहर्रिर 2
हेड कांस्टेबल 4
महिला कांस्टेबल 4
सिपाही 40
इतना मिलता असलहा
303 की 30 राइफल
एके-47 दो
एसएलआर 10
पिस्टल दो और पांच रिवाल्वर
कोट
इस विषय में मुझे फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। सारी जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।
- पवन कुमार, डीएसपी
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गढ़मुक्तेश्वर। ब्रजघाट गंगानगरी में बनने वाला थाना फाइलों में कहीं गुम हो गया है। हापुड़ के जिला बने सात वर्ष हो गए हैं, यह प्रस्ताव तत्कालीन अधिकारियों ने मांगा था, लेकिन आलम यह है कि प्रस्ताव पर कोई अमल होना तो दूर बल्कि वर्तमान में तैनात पुलिस अफसरों को इस विषय में कोई जानकारी तक नहीं है।
बसपा मुखिया मायावती ने सात वर्ष पूर्व हापुड़ को जिला बनाने की घोषणा की थी। जिसका सृजन होते ही पुलिस महकमे ने नेशनल हाइवे की सुरक्षा बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को चाक चौबंद करने के मकसद से गढ़ की ब्रजघाट तीर्थनगरी में नए थाने का सृजन करने की घोषणा की थी। जिसके तहत गढ़ पुलिस द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में गांव अल्लाबख्शपुर के पास हाईवे किनारे वाली भूमि भी चिन्हित कर ली गई थी, जिसमें गढ़ कोतवाली और ब्रजघाट चौकी क्षेत्र से जुड़े गांव और कस्बों की सूची को भी संलग्न किया था। लेकिन सात साल की अवधि बीतने के बाद भी थाने का निर्माण तो दूर बल्कि इस संबंध में कोई भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है।
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नए थाने का क्षेत्रफल भी हुआ था तय
नए थाने का सृजन करने के लिए निर्धारित मानक के अनुसार 113 वर्गमील क्षेत्रफल होना आवश्यक है, जिसके लिए थाना गढ़ से 65 और बहादुरगढ़ थाने के 55 वर्गमील क्षेत्र में बसे गांवों को नए थाने में शामिल किया जाना प्रस्तावित था। वहीं ब्रजघाट रिपोर्टिंग चौकी को कस्बा चौकी और पलवाड़ा में भी रिपोर्टिंग चौकी बनाई जानी थी।
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प्रस्तावित थाने का सर्किल
स्याना चौपला से बुलंदशहर रोड स्थित सालारपुर गांव से घूमकर गंगा नदी तक नए थाने का सर्किल रहना था। नए थाने में गढ़ के अल्लाबख्शपुर, बागड़पुर, गांवड़ी, नैनापुर, आलमगीरपुर, बलवापुर, भोगापुर, ब्रजघाट कस्बा, बहादुरगढ़ क्षेत्र के सालारपुर, सिकंदरपुर, चित्तौड़ा मोहिउद्दीनपुर, पलवाड़ा, पसवाड़ा, मोहम्मदपुर रुस्तमपुर आदि गांव शामिल किए गए थे।
इतना मिलना था स्टाफ
थानाध्यक्ष एक
दारोगा 5
हेड मोहर्रिर 2
हेड कांस्टेबल 4
महिला कांस्टेबल 4
सिपाही 40
इतना मिलता असलहा
303 की 30 राइफल
एके-47 दो
एसएलआर 10
पिस्टल दो और पांच रिवाल्वर
कोट
इस विषय में मुझे फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। सारी जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।
- पवन कुमार, डीएसपी