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बैंच की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे अधिवक्ता
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:35 AM IST
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हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर हड़ताल पर रहे अधिवक्ता
हापुड़। पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर शनिवार को हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता एक बार फिर हड़ताल पर रहे। अधिवक्ता जिला एवं सत्र न्यायालय से नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
ज्ञापन में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल और सचिव चौधरी जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश की जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है। जिसमें जनसंख्या व क्षेत्र के आधार पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद स्थापित है। इलाहाबाद से केवल दो सौ किमी की दूरी पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ लखनऊ स्थापित है। प्रदेश की जनसंख्या के आधार पर प्रदेश में कम से कम तीन से चार हाईकोर्ट बैंच की स्थापना सुलभ सस्ता न्याय की दृष्टि से आवश्यक है।
प्रदेश से छोटे राज्य महाराष्ट्र आदि में भी मुंबई में हाईकोर्ट तथा दो अन्य बैंच दो अन्य शहरों में स्थापित हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के मुकदमों की सुनवाई का अधिकार इलाहाबाद उच्च न्यायालय को हैं। उच्च न्यायालय इलाहाबाद पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से करीब छह से सात सौ किमी की दूरी पर है। जिस कारण वादकारियों को सुलभ व सस्ता न्याय प्रदान नहीं हो पा रहा है।
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इस मांग को लेकर शनिवार को भी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं किया। जिस कारण वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय से तहसील पहुंचे और ज्ञापन दिया।
ज्ञापन देने वालों में मनोज कुमार शर्मा, वेदप्रकाश कोरी, शाह आलम चौधरी, यतीश शर्मा, आलोक शर्मा, पवन तोमर, इशरार अली, जगदीश प्रसाद शर्मा, मोहम्मद युसूफ अली, पुरुषोत्तम वर्मा, महेंद्र कुमार गोयल, कृष्णचंद चक्रवर्ती, रमेश चंद लोधी आदि मौजूद रहे।
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हापुड़। पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर शनिवार को हापुड़ बार एसोसिएशन के अधिवक्ता एक बार फिर हड़ताल पर रहे। अधिवक्ता जिला एवं सत्र न्यायालय से नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और प्रधानमंत्री को प्रेषित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
ज्ञापन में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कंसल और सचिव चौधरी जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश की जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है। जिसमें जनसंख्या व क्षेत्र के आधार पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद स्थापित है। इलाहाबाद से केवल दो सौ किमी की दूरी पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की खंडपीठ लखनऊ स्थापित है। प्रदेश की जनसंख्या के आधार पर प्रदेश में कम से कम तीन से चार हाईकोर्ट बैंच की स्थापना सुलभ सस्ता न्याय की दृष्टि से आवश्यक है।
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प्रदेश से छोटे राज्य महाराष्ट्र आदि में भी मुंबई में हाईकोर्ट तथा दो अन्य बैंच दो अन्य शहरों में स्थापित हैं। पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के मुकदमों की सुनवाई का अधिकार इलाहाबाद उच्च न्यायालय को हैं। उच्च न्यायालय इलाहाबाद पश्चिम उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से करीब छह से सात सौ किमी की दूरी पर है। जिस कारण वादकारियों को सुलभ व सस्ता न्याय प्रदान नहीं हो पा रहा है।
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इस मांग को लेकर शनिवार को भी अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य नहीं किया। जिस कारण वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए जिला एवं सत्र न्यायालय से तहसील पहुंचे और ज्ञापन दिया।
ज्ञापन देने वालों में मनोज कुमार शर्मा, वेदप्रकाश कोरी, शाह आलम चौधरी, यतीश शर्मा, आलोक शर्मा, पवन तोमर, इशरार अली, जगदीश प्रसाद शर्मा, मोहम्मद युसूफ अली, पुरुषोत्तम वर्मा, महेंद्र कुमार गोयल, कृष्णचंद चक्रवर्ती, रमेश चंद लोधी आदि मौजूद रहे।