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डेढ़ करोड़ की लागत में बनी सड़क तीन साल में टूटी
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डेढ़ करोड़ की लागत में बनी सड़क तीन साल में टूटी
गढ़मुक्तेश्वर। डेढ़ करोड़ की लागत में बनी सड़क तीन साल में टूटने से वाहन चालकों समेत राहगीरों को दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं, लेकिन जांच पड़ताल और कोई कार्रवाई करने की बजाए अपनी विफलता छिपाने को अब गड्ढे भरवाने की औपचारिकता हो रही है।
गढ़ चौपला से होकर जा रही पुरानी दिल्ली रोड गांव बदरखा के सामने नेशनल हाइवे पर पहुंचती है, जिसका रेलवे ओवरब्रिज तक चौड़ीकरण कराने के साथ ही बीच में डिवाइडर बनवाकर एचपीडीए ने दोनों साइडों में डामर रोड का निर्माण भी कराया था। जिसमें डेढ़ करोड़ से भी अधिक की रकम खर्च हुई थी, लेकिन महज तीन साल के भीतर ही सड़क में गड्ढों की भरमार हो गई है। दो सप्ताह पहले अमर उजाला ने इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद अफसर अपनी विफलता को छिपाने की कवायद में जुट गए हैं, लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की बजाए सड़क में हो रहे गड्ढों को भरवाकर महज सरकारी पैसे के दुरुपयोग की हकीकत पर परदा डालने की कोशिश ही हो रही है।
एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी का कहना है कि सरकारी पैसे का कोई भी दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा, इसलिए अविलंब जांच पड़ताल कराकर आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।
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गढ़मुक्तेश्वर। डेढ़ करोड़ की लागत में बनी सड़क तीन साल में टूटने से वाहन चालकों समेत राहगीरों को दिक्कत झेलनी पड़ रही हैं, लेकिन जांच पड़ताल और कोई कार्रवाई करने की बजाए अपनी विफलता छिपाने को अब गड्ढे भरवाने की औपचारिकता हो रही है।
गढ़ चौपला से होकर जा रही पुरानी दिल्ली रोड गांव बदरखा के सामने नेशनल हाइवे पर पहुंचती है, जिसका रेलवे ओवरब्रिज तक चौड़ीकरण कराने के साथ ही बीच में डिवाइडर बनवाकर एचपीडीए ने दोनों साइडों में डामर रोड का निर्माण भी कराया था। जिसमें डेढ़ करोड़ से भी अधिक की रकम खर्च हुई थी, लेकिन महज तीन साल के भीतर ही सड़क में गड्ढों की भरमार हो गई है। दो सप्ताह पहले अमर उजाला ने इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद अफसर अपनी विफलता को छिपाने की कवायद में जुट गए हैं, लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई करने की बजाए सड़क में हो रहे गड्ढों को भरवाकर महज सरकारी पैसे के दुरुपयोग की हकीकत पर परदा डालने की कोशिश ही हो रही है।
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एसडीएम राममूर्ति त्रिपाठी का कहना है कि सरकारी पैसे का कोई भी दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा, इसलिए अविलंब जांच पड़ताल कराकर आगे की कार्रवाई कराई जाएगी।
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