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Hapur News: ढाई महीने में फुंक गए 514 ट्रांसफार्मर, लापरवाही पर अधिकारियों के वेतन से होगी रिकवरी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 11:56 PM IST
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514 transformers burnt out in two and a half months; recovery to be made from officials' salaries due to negligence.
हापुड़। भीषण गर्मी में क्षमता से अधिक भार पड़ने के कारण जिले में 1 अप्रैल से 17 जून तक विभिन्न क्षमता के 514 ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं। जांच में कई मामलों में संबंधित कर्मचारियों की लापरवाही भी सामने आई है। अब ऐसे ट्रांसफार्मरों की मरम्मत में आने वाले खर्च की वसूली अधिकारियों के वेतन से की जाएगी। इस संबंध में नोटिस भी जारी कर दिए गए हैं। नुकसान से बचने के लिए कुछ अवर अभियंता ट्रांसफार्मर बदलने में जानबूझकर देरी कर रहे हैं।
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जिले के 53 बिजलीघरों से करीब सवा तीन लाख उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति होती है। बेहतर सप्लाई के लिए संसाधनों पर 150 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किया गया है। इसके बावजूद कई बिंदुओं पर व्यवस्थाएं पिछड़ी हुई हैं। 1 अप्रैल से 17 जून तक जिले के तीनों डिवीजन में 514 ट्रांसफार्मर फुंक गए। इनकी मरम्मत पर करोड़ों रुपये का खर्च आएगा।
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क्षमतावार आंकड़े देखें तो 10 केवीए के 25, 16 केवीए के 2, 25 केवीए के 323, 63 केवीए के 83 और 100 केवीए के 66 ट्रांसफार्मर फुंके हैं। सबसे अधिक नुकसान देहात अंचल में नलकूप वाले फीडरों पर लगा है।
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रिकवरी के डर से बदलने में देरी
निगम के स्पष्ट निर्देश हैं कि तय संख्या से ज्यादा ट्रांसफार्मर फुंकने पर मरम्मत का खर्च अवर अभियंता, एसडीओ और एक्सईन के वेतन से वसूला जाएगा। हालांकि पहले यह जांच होगी कि ट्रांसफार्मर लापरवाही से तो नहीं फुंका। इसी डर से कई बिजलीघरों के अवर अभियंता नलकूप फीडरों के ट्रांसफार्मर देरी से बदलवा रहे हैं, ताकि उनके क्षेत्र में फुंकने वाले ट्रांसफार्मरों की संख्या रिकॉर्ड में अधिक न दिखे।



पिछले साल से 17 प्रतिशत कम नुकसान

राहत की बात यह है कि पिछले साल इस अवधि में 624 ट्रांसफार्मर फुंके थे। इस बार करीब 17 प्रतिशत कम ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं। अधिकारी अब हर फुंके ट्रांसफार्मर का कारण अवर अभियंताओं से पूछ रहे हैं।



बिजली खपत 3.70 करोड़ यूनिट बढ़ी

इस साल मई महीने में बिजली की खपत में 12 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। पिछले साल मई में 17.3 करोड़ यूनिट का उपयोग जिले में हुआ था, जबकि इस साल मई में करीब 21 करोड़ यूनिट इस्तेमाल की गई हैं। खपत बढ़ने से बिजलीघरों पर लोड बढ़ा है और पावर ट्रांसफार्मर ट्रिप कर रहे हैं।



फ्यूज बॉक्स से ट्रांसफार्मर बचे, कटौती बढ़ी

ट्रांसफार्मरों को फुंकने से बचाने के लिए फ्यूज बॉक्स लगाए गए हैं। इनके लगने से ट्रांसफार्मर फुंकने के मामले तो घटे हैं, लेकिन बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है। ओवरलोड होते ही फ्यूज फुंक जाता है और संबंधित ट्रांसफार्मर से जुड़े इलाके की सप्लाई बाधित हो जाती है। कुछ मोहल्लों में एक ही दिन के अंदर पांच से सात बार फ्यूज फुंकने की शिकायतें भी आई हैं।


अधीक्षण अभियंता सुभाष चंद्र का कहना है कि जिले में जितने ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। जिनमें कर्मचारियों की लापरवाही सामने आ रही है, उनके वेतन से ही रिकवरी होगी। उन्होंने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस साल ट्रांसफार्मर फुंकने की स्थिति में सुधार आया है।
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