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शुगर मिल की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:17 AM IST
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सिंभावली शुगर मिल की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की
गढ़मुक्तेश्वर। बैंक लोन की अदायगी न होने की एवज में सील किए गए चीनी गोदाम के खिलाफ दायर की गई शुगर मिल की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया, कोर्ट ने डीएम हापुड़ को मामले की सुनवाई करने के बाद निस्तारण करने का निर्देश भी दिया।
सिंभावली शुगर मिल ने अपने कामकाज को सुचारु रखने के मकसद से कोऑपरेटिव बैंक से कर्ज लिया था, जिसकी समय पर अदायगी न होने पर बैंक प्रबंधक ने मिल की प्रबंध निदेशक गुर सिमरन कौर मान के खिलाफ 26 करोड़ रुपये की रिकवरी तहसील के संग्रह विभाग को भेज दी थी। संग्रह विभाग ने कर्ज अदायगी में हो रही देरी को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन मिल की प्रबंध निदेशक ने इस संबंध में अपना कोई भी स्पष्टीकरण नहीं दिया। 21 मार्च को एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य और तहसीलदार मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में संग्रह विभाग की टीम ने शुगर मिल के चीनी गोदाम संख्या सी को सील कर दिया था। जिसमें 1.38 लाख 29 कुंतल चीनी का स्टॉक रखा हुआ है। तहसील प्रशासन ने पैसे की अदायगी न होने पर गोदाम में रखी चीनी को नीलाम कराने के लिए चार अप्रैल की तारीख भी तय कर दी थी, लेकिन इसी बीच मिल प्रबंधन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर कर चीनी गोदाम पर लगी सील को खुलवाने की गुहार लगाई थी। लेकिन सुनवाई के बाद जस्टिस अमरेश्वर प्रताप शाही और शशिकांत की दो सदस्य खंडपीठ ने वसूली प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए शुगर मिल प्रबंधन की याचिका को खारिज कर दिया है। शुगर मिल के एजीएम जनसंपर्क दिनेश शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट ने चीनी गोदाम पर लगी सील खोलने से तो इंकार कर दिया है, लेकिन डीएम हापुड़ को सुनवाई कर मामले का निस्तारण करने का जिम्मा सौंप दिया है।
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गढ़मुक्तेश्वर। बैंक लोन की अदायगी न होने की एवज में सील किए गए चीनी गोदाम के खिलाफ दायर की गई शुगर मिल की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया, कोर्ट ने डीएम हापुड़ को मामले की सुनवाई करने के बाद निस्तारण करने का निर्देश भी दिया।
सिंभावली शुगर मिल ने अपने कामकाज को सुचारु रखने के मकसद से कोऑपरेटिव बैंक से कर्ज लिया था, जिसकी समय पर अदायगी न होने पर बैंक प्रबंधक ने मिल की प्रबंध निदेशक गुर सिमरन कौर मान के खिलाफ 26 करोड़ रुपये की रिकवरी तहसील के संग्रह विभाग को भेज दी थी। संग्रह विभाग ने कर्ज अदायगी में हो रही देरी को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन मिल की प्रबंध निदेशक ने इस संबंध में अपना कोई भी स्पष्टीकरण नहीं दिया। 21 मार्च को एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य और तहसीलदार मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में संग्रह विभाग की टीम ने शुगर मिल के चीनी गोदाम संख्या सी को सील कर दिया था। जिसमें 1.38 लाख 29 कुंतल चीनी का स्टॉक रखा हुआ है। तहसील प्रशासन ने पैसे की अदायगी न होने पर गोदाम में रखी चीनी को नीलाम कराने के लिए चार अप्रैल की तारीख भी तय कर दी थी, लेकिन इसी बीच मिल प्रबंधन ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दायर कर चीनी गोदाम पर लगी सील को खुलवाने की गुहार लगाई थी। लेकिन सुनवाई के बाद जस्टिस अमरेश्वर प्रताप शाही और शशिकांत की दो सदस्य खंडपीठ ने वसूली प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए शुगर मिल प्रबंधन की याचिका को खारिज कर दिया है। शुगर मिल के एजीएम जनसंपर्क दिनेश शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट ने चीनी गोदाम पर लगी सील खोलने से तो इंकार कर दिया है, लेकिन डीएम हापुड़ को सुनवाई कर मामले का निस्तारण करने का जिम्मा सौंप दिया है।
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