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वोटिंग में हुई बढ़ोतरी प्रत्याशियों का सिर दर्द बढ़ा रही
Updated Mon, 27 Nov 2017 01:30 AM IST
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सियासी आंकड़ेबाज भी गुणा भाग के फेर में उलझ रहे
गढ़मुक्तेश्वर। नगर निकाय चुनाव में वोटिंग में हुई बढ़ोतरी से प्रत्याशी पसोपेश में है। सियासी आंकड़ेबाज भी गुणा भाग के फेर में उलझे हुए हैं। क्योंकि जीत हार की वजह बनने वाली बढ़ी हुई वोटिंग किसके पक्ष में होगी यही सवाल हर किसी को परेशान कर रहा है।
निकाय चुनाव की वोटिंग में भले ही हापुड़ के मतदाता पिछली बार से भी फिसड्डी साबित हुए हों, लेकिन गढ़ के वोटरों ने हापुड़ और पिलखुवा को पछाड़कर जनपद में पहली पायदान हासिल की है। पूरी तरह लहर और मुद्दा विहीन चुनाव में वोटिंग का जो प्रतिशत बढ़ा है, उसे जीत हार में बेहद अहम माना जा रहा है। बढ़ी हुई वोट किसके पक्ष में गई, इसे लेकर प्रत्याशी, उनके समर्थक, चुनाव संचालन का जिम्मा संभालने वाले रणनीतिकार अपने पक्ष की बात तो कह रहे हैं, लेकिन सियासी आंकड़ेबाज कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं। भाजपा प्रत्याशी विजय शर्मा मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियों के सहारे बढ़ी वोटिंग को अपने पक्ष में मान रहे हैं, लेकिन बसपा के सोना सिंह और सपा के रुपेश पंडित का कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी लागू होने से उनके पक्ष में वोटिंग बढ़ी है। जबकि अखिल भारतीय हिंदू महासभा प्रत्याशी कमल त्यागी का कहना है कि भाजपा के टिकट वितरण में धांधली होने से 34 दावेदारों समेत समर्थकों ने उनके पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर मतदान का प्रतिशत बढ़ाया है।
गढ़मुक्तेश्वर। नगर निकाय चुनाव में वोटिंग में हुई बढ़ोतरी से प्रत्याशी पसोपेश में है। सियासी आंकड़ेबाज भी गुणा भाग के फेर में उलझे हुए हैं। क्योंकि जीत हार की वजह बनने वाली बढ़ी हुई वोटिंग किसके पक्ष में होगी यही सवाल हर किसी को परेशान कर रहा है।
निकाय चुनाव की वोटिंग में भले ही हापुड़ के मतदाता पिछली बार से भी फिसड्डी साबित हुए हों, लेकिन गढ़ के वोटरों ने हापुड़ और पिलखुवा को पछाड़कर जनपद में पहली पायदान हासिल की है। पूरी तरह लहर और मुद्दा विहीन चुनाव में वोटिंग का जो प्रतिशत बढ़ा है, उसे जीत हार में बेहद अहम माना जा रहा है। बढ़ी हुई वोट किसके पक्ष में गई, इसे लेकर प्रत्याशी, उनके समर्थक, चुनाव संचालन का जिम्मा संभालने वाले रणनीतिकार अपने पक्ष की बात तो कह रहे हैं, लेकिन सियासी आंकड़ेबाज कुछ भी बोल पाने की स्थिति में नहीं हैं। भाजपा प्रत्याशी विजय शर्मा मोदी और योगी सरकार की उपलब्धियों के सहारे बढ़ी वोटिंग को अपने पक्ष में मान रहे हैं, लेकिन बसपा के सोना सिंह और सपा के रुपेश पंडित का कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी लागू होने से उनके पक्ष में वोटिंग बढ़ी है। जबकि अखिल भारतीय हिंदू महासभा प्रत्याशी कमल त्यागी का कहना है कि भाजपा के टिकट वितरण में धांधली होने से 34 दावेदारों समेत समर्थकों ने उनके पक्ष में क्रॉस वोटिंग कर मतदान का प्रतिशत बढ़ाया है।
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