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Hamirpur News: दो साल से ट्रेजरी में पड़ी शिक्षकों के एनपीएस की धनराशि
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संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। शिक्षकों के वेतन से काटी गई दो साल की नई पेंशन नीति (एनपीएस) धनराशि ट्रेजरी में पड़ी है। शासन से 14 फीसदी ग्रांट न मिलने से यह धनराशि मार्केट में नियम कंपनियों के माध्यम से नहीं लग पा रही है। जिससे शिक्षकों ने मिलने वाले लाभ में कमी का अंदेशा जताया है। 20216 में लागू नई पेंशन नीति के बाद से अब तक काटी जाने वाली धनराशि दिसंबर 2021 तक ही मार्केट में लगाई जा सकी है।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के अशासकीय विद्यालयों में करीब 50-60 शिक्षक ही पुरानी पेंशन वाले है। जिनके वेतन से 10 फीसदी जीपीएफ काटा जाता है। शेष नई पेंशन नीति के तहत 10 फीसदी एनपीएस काटा जाता है। जिसमें 14 प्रतिशत धनराशि सरकार मिलाकर धनराशि को तीन कंपनियों के माध्यम से मार्केट में लगाती है। शिक्षक के सेवानिवृत्त होने पर 30 से 40 प्रतिशत नकद भुगतान किया जाएगा। वहीं शेष पेंशन के रूप में दिया जाएगा।
बताया कि सरकार धनराशि मार्केट में लगाती है। अब तक शिक्षकों के वेतन से दिसंबर 2021 तक काटी गई धनराशि ही मार्केट में लगाई गई है जबकि वर्ष 2022 व 2023 की धनराशि ट्रेजरी में पड़ी है। ऐसे में शिक्षकों को मिलने वाला लाभ कम हो सकता है। सरकार से मिलने वाली ग्रांट प्राप्त न होने के कारण यह धनराशि रुकी है। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रयास से ही 2021 तक की धनराशि फाइनल हो सकी है। जिले में फिलहाल कोई ऐसा मामला नहीं आया जिसमें विभाग द्वारा सीधे किसी कंपनी को पैसा दिया हो। वहीं डीआईओएस केके ओझा ने बताया कि ग्रांट मिलते ही धनराशि संबंधित कंपनियों को भेज दी जाती है। समय-समय पर ग्रांट आती रहती है।
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हमीरपुर। शिक्षकों के वेतन से काटी गई दो साल की नई पेंशन नीति (एनपीएस) धनराशि ट्रेजरी में पड़ी है। शासन से 14 फीसदी ग्रांट न मिलने से यह धनराशि मार्केट में नियम कंपनियों के माध्यम से नहीं लग पा रही है। जिससे शिक्षकों ने मिलने वाले लाभ में कमी का अंदेशा जताया है। 20216 में लागू नई पेंशन नीति के बाद से अब तक काटी जाने वाली धनराशि दिसंबर 2021 तक ही मार्केट में लगाई जा सकी है।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के अशासकीय विद्यालयों में करीब 50-60 शिक्षक ही पुरानी पेंशन वाले है। जिनके वेतन से 10 फीसदी जीपीएफ काटा जाता है। शेष नई पेंशन नीति के तहत 10 फीसदी एनपीएस काटा जाता है। जिसमें 14 प्रतिशत धनराशि सरकार मिलाकर धनराशि को तीन कंपनियों के माध्यम से मार्केट में लगाती है। शिक्षक के सेवानिवृत्त होने पर 30 से 40 प्रतिशत नकद भुगतान किया जाएगा। वहीं शेष पेंशन के रूप में दिया जाएगा।
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बताया कि सरकार धनराशि मार्केट में लगाती है। अब तक शिक्षकों के वेतन से दिसंबर 2021 तक काटी गई धनराशि ही मार्केट में लगाई गई है जबकि वर्ष 2022 व 2023 की धनराशि ट्रेजरी में पड़ी है। ऐसे में शिक्षकों को मिलने वाला लाभ कम हो सकता है। सरकार से मिलने वाली ग्रांट प्राप्त न होने के कारण यह धनराशि रुकी है। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रयास से ही 2021 तक की धनराशि फाइनल हो सकी है। जिले में फिलहाल कोई ऐसा मामला नहीं आया जिसमें विभाग द्वारा सीधे किसी कंपनी को पैसा दिया हो। वहीं डीआईओएस केके ओझा ने बताया कि ग्रांट मिलते ही धनराशि संबंधित कंपनियों को भेज दी जाती है। समय-समय पर ग्रांट आती रहती है।
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