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एक दशक गुजरे चार विद्यालय नहीं हुए हैंडओवर

Fri, 17 Dec 2021 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 11:51 PM IST
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हमीरपुर। वर्ष 2011-12 में जिले में करीब तीन करोड़ की लागत से सात कांशीराम मल्टी स्टोरी विद्यालय बनाए गए थे। इन्हें कार्यदायी संस्था ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ने बनाए थे। शासन ने 90 फीसदी धनराशि संबंधित विभाग को अवमुक्त कर दी थी। पर एक दशक गुजरने के बाद भी चार विद्यालय हैंडओवर नहीं हो सके हैं।
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297.28 लाख से बनने थे विद्यालय
जिले में दलित, पिछड़ों के बच्चों को शिक्षा दिलाए जाने के खातिर बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने शासन काल में 297 लाख की लागत से सात कांशीराम मल्टी स्टोरी विद्यालय बनाए जाने की स्वीकृति दी थी। जिसमें एक इकाई की लागत 41.04 लाख निर्धारित की गई थी। शासन ने 259.55 लाख की धनराशि कार्यदायी संस्था को अवमुक्त की। लेकिन सरकार बदलते ही इन विद्यालयों की फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी गईं। दस फीसदी भुगतान न मिलने से अभी तक चार स्कूल हैंडओवर ही नहीं कराए गए।
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इन ब्लाकों में बने विद्यालय
विकासखंड सुमेरपुर में दो, कुरारा एक, शहर में एक, मौदहा एक, सरीला एक, राठ में एक विद्यालय का निर्माण कराया गया। इनमें सुमेरपुर दो, मौदहा एक व सरीला सहित चार भवनों का आजतक हैंडओवर नहीं हुए हैं।
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भैंसापाली में तैनाती ड्यूटी कांशीराम में
प्राथमिक विद्यालय भैंसापाली में तैनात प्रधानाध्यापक राजाभइया कुशवाहा ने बताया कि मौजूदा समय में विद्यालय में कुल 80 बच्चे पंजीकृत हैं। उसकी तैनाती प्राथमिक विद्यालय भैंसापाली में है। पर संबद्ध कांशीराम स्कूल में हैं। कहा कि शिक्षकों की तैनाती न होने के कारण बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है।
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जिम्मेदार बोले-
जिले में सात कांशीराम विद्यालय बने हैं। जिनमें तीन विद्यालय शहर, कुरारा व राठ में संचालित हैं। वहीं चार विद्यालयों का अभी तक हैंडओवर नहीं हो सका है। कहा कि कार्यदायी संस्था को 90 फीसदी धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। दस फीसदी का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है।

- राकेश कुमार श्रीवास्तव, बीएसए
भवन निर्माण में 10 फीसदी भुगतान लटकने से शौचालय सहित अन्य निर्माण लटके हैं। इसके लिए लगातार पत्राचार कर रहे हैं। तीन माह पूर्व भी पत्राचार कर चुके हैं। अभी मामले का निस्तारण नहीं हुआ है।
-रजनीश, अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग
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