{"_id":"5fd108f18ebc3e3ec81e51ff","slug":"political-hamirpur-news-knp5989275103","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट के आदेश की रिपोर्ट डीएम ने शासन को भेजी, जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं वंदना यादव ने डीएम को दी थी रिपोर्ट की कॉपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट के आदेश की रिपोर्ट डीएम ने शासन को भेजी, जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं वंदना यादव ने डीएम को दी थी रिपोर्ट की कॉपी
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हमीरपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर हाईकोर्ट की ओर से जारी आदेश की कापी पूर्व जिला पंचायत रहीं वंदना यादव ने बीते दिनों डीएम को सौंपकर आदेश के पालन कराए जाने की मांग की थी। इस मामले में डीएम ने विधिक सलाह लेने के साथ रिपोर्ट शासन को भेजी है। अब शासन के निर्देश के बाद ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी का फैसला होगा।
बतादें 12 मार्च 2018 को 11 जिला पंचायत सदस्यों ने जरिया क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य जयंती राजपूत के नेतृत्व में तत्कालीन डीएम राजेंद्र प्रसाद पांडेय को जिला पंचायत अध्यक्ष वंदना यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था। उसके बाद 2 अप्रैल 2018 को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शक्ति परीक्षण कराया गया। जिसमें कुल 18 सदस्यों में से 12 सदस्यों ने शक्ति परीक्षण में भाग लिया था। 11 मत अविश्वास पक्ष में पड़े थे। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पद को रिक्त मानते हुए 25 सितंबर 2018 को मतदान कराया गया।
जिसमें भाजपा समर्थित सदस्य जयंती राजपूत जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हुईं थी। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं वंदना यादव ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए अविश्वास प्रस्ताव व निर्वाचन प्रक्रिया को रद्द कर दिया। उच्च न्यायालय का आदेश मिलते ही वंदना यादव ने बीते दिनों डीएम को आदेश की प्रति सौंपकर जिला पंचायत अध्यक्ष के पद का चार्ज दिए जाने की मांग की। जिस पर डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने विधिक सलाह लेकर रिपोर्ट शासन को भेजी है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने कहा हाईकोर्ट के आदेश की प्रति संलग्न करके रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। जैसे दिशा निर्देश मिलेंगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बतादें 12 मार्च 2018 को 11 जिला पंचायत सदस्यों ने जरिया क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य जयंती राजपूत के नेतृत्व में तत्कालीन डीएम राजेंद्र प्रसाद पांडेय को जिला पंचायत अध्यक्ष वंदना यादव के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव दिया था। उसके बाद 2 अप्रैल 2018 को अविश्वास प्रस्ताव को लेकर शक्ति परीक्षण कराया गया। जिसमें कुल 18 सदस्यों में से 12 सदस्यों ने शक्ति परीक्षण में भाग लिया था। 11 मत अविश्वास पक्ष में पड़े थे। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार पद को रिक्त मानते हुए 25 सितंबर 2018 को मतदान कराया गया।
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जिसमें भाजपा समर्थित सदस्य जयंती राजपूत जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हुईं थी। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं वंदना यादव ने अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए अविश्वास प्रस्ताव व निर्वाचन प्रक्रिया को रद्द कर दिया। उच्च न्यायालय का आदेश मिलते ही वंदना यादव ने बीते दिनों डीएम को आदेश की प्रति सौंपकर जिला पंचायत अध्यक्ष के पद का चार्ज दिए जाने की मांग की। जिस पर डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी ने विधिक सलाह लेकर रिपोर्ट शासन को भेजी है। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद ने कहा हाईकोर्ट के आदेश की प्रति संलग्न करके रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। जैसे दिशा निर्देश मिलेंगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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