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Hamirpur News: बारिश में नासूर बने अंडरपास, 100 बीघा फसल जलमग्न
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फोटो 16 एचएएमपी 33- इंगोहटा के पास निर्माणाधीन अंडर पास संख्या 25 में भरा पानी। संवाद
हमीरपुर। कानपुर-बांदा रेल मार्ग के गेट नंबर 25 पर निर्माणाधीन रेलवे अंडरब्रिज क्षेत्र के किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। अंडरपास निर्माण के दौरान इंगोहटा-अरतरा मार्ग की दो पुलियां तोड़े जाने और समय पर दोबारा निर्माण न होने से जल निकासी ठप हो गई। वहीं किसानों की करीब 100 बीघा कृषि भूमि जलमग्न होने से फसलें सड़कर नष्ट हो गई हैं।
तेज बारिश से कई अंडरपास जलभराव से बंद हो जाते हैं। पानी निकलने के बाद भी कीचड़ के कारण पैदल, साइकिल और बाइक सवारों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इंगोहटा के किसान राघवेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अधूरे अंडरपास व पुलियों का निर्माण न होने से हो रहे नुकसान के बारे में अवगत कराया है। रामफूल, हरिया, गणेशा, मुरलीधर, गनपत, महादेव, सिद्धा, गजोधर, सम्मी, अनुरुद्ध, सुमिरन, कृपाल ने बताया कि रेलवे गेट संख्या 26 का अंडरब्रिज पानी से लबालब भरा हुआ है। किसानों के खेतों तक जाने का जरिया नहीं है। दर्जनों मजदूर रोजाना सुमेरपुर स्थिति फैक्टरी में ड्यूटी को जाते हैं लेकिन सारे रास्ते बंद होने से आवागमन ठप है। किसानों ने जल्द समस्या का समाधान कराए जाने की मुख्यमंत्री से मांग की है।
इसी प्रकार इचौली रेलवे अंडरपास से इचौली, नायकपुरवा, गुसियारी, कपसा, सुरौली, रतवा, अटघार, सिरसी, अकबई, फत्तेपुरवा, पचपहरा, जिगनौड़ा, खम्हरिया और खिरुही आदि गांवों की करीब 50 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। करहिया और खंडेह अंडरपास से खंडेh, फत्तेपुरवा, गुरदहा, टिकरी बुजुर्ग, अढ़ई पुरवा, घटकना और सिजवाही के करीब 20 हजार ग्रामीणों का आवागमन जुड़ा है। वहीं पढ़ोरी और अरतरा अंडरपास से सिसोलर, भटूरी, भुलसी, खैरी, टोला, लेवा, गाहरौली, तिलसरस, परछछ, अरतरा और तिंदुही समेत अन्य गांवों के ग्रामीण आवागमन करते हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन अंडरपास से पानी निकालने के लिए ठेकेदार को काम देता है लेकिन लापरवाही के चलते समय से पानी और कीचड़ नहीं हटाया जाता। इससे बरसात के दिनों में ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।
बरसात में गांव तक रह जाते सीमित
जब से अंडरपास बने हैं तब से बरसात में गांव तक ही सीमित रह जाते हैं। यदि कोई बीमार हो जाए तो वह भगवान भरोसे ही रहता है। रेलवे को पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए जिससे आवागमन बाधित न हो। -असरार अहमद खान, ग्राम प्रधान गुसियारी।
जलनिकासी की हो स्थायी व्यवस्था
गांव में बैंक, अस्पताल, इंटर कॉलेज होने के कारण हर रोज सैकड़ों लोग पैदल व वाहनों से निकलते हैं। हर रोज छात्र पैदल अंडरपास के कीचड़ से होकर निकलते हैं। रेलवे प्रशासन को पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए। - जय सिंह यादव, इचौली।
बारिश के चलते समस्या आ रही है। संबंधित ठेकेदारों को बोलकर कार्य में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जलनिकासी की व्यवस्था सभी अंडरपासों में की गई है। जहां भी समस्या है उसे दुरुस्त कराया जाएगा। -मनोज कुमार सिंह, मंडल जनसंपर्क अधिकारी।
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तेज बारिश से कई अंडरपास जलभराव से बंद हो जाते हैं। पानी निकलने के बाद भी कीचड़ के कारण पैदल, साइकिल और बाइक सवारों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इंगोहटा के किसान राघवेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर अधूरे अंडरपास व पुलियों का निर्माण न होने से हो रहे नुकसान के बारे में अवगत कराया है। रामफूल, हरिया, गणेशा, मुरलीधर, गनपत, महादेव, सिद्धा, गजोधर, सम्मी, अनुरुद्ध, सुमिरन, कृपाल ने बताया कि रेलवे गेट संख्या 26 का अंडरब्रिज पानी से लबालब भरा हुआ है। किसानों के खेतों तक जाने का जरिया नहीं है। दर्जनों मजदूर रोजाना सुमेरपुर स्थिति फैक्टरी में ड्यूटी को जाते हैं लेकिन सारे रास्ते बंद होने से आवागमन ठप है। किसानों ने जल्द समस्या का समाधान कराए जाने की मुख्यमंत्री से मांग की है।
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इसी प्रकार इचौली रेलवे अंडरपास से इचौली, नायकपुरवा, गुसियारी, कपसा, सुरौली, रतवा, अटघार, सिरसी, अकबई, फत्तेपुरवा, पचपहरा, जिगनौड़ा, खम्हरिया और खिरुही आदि गांवों की करीब 50 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। करहिया और खंडेह अंडरपास से खंडेh, फत्तेपुरवा, गुरदहा, टिकरी बुजुर्ग, अढ़ई पुरवा, घटकना और सिजवाही के करीब 20 हजार ग्रामीणों का आवागमन जुड़ा है। वहीं पढ़ोरी और अरतरा अंडरपास से सिसोलर, भटूरी, भुलसी, खैरी, टोला, लेवा, गाहरौली, तिलसरस, परछछ, अरतरा और तिंदुही समेत अन्य गांवों के ग्रामीण आवागमन करते हैं।
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ग्रामीणों का आरोप है कि रेलवे प्रशासन अंडरपास से पानी निकालने के लिए ठेकेदार को काम देता है लेकिन लापरवाही के चलते समय से पानी और कीचड़ नहीं हटाया जाता। इससे बरसात के दिनों में ग्रामीणों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है।
बरसात में गांव तक रह जाते सीमित
जब से अंडरपास बने हैं तब से बरसात में गांव तक ही सीमित रह जाते हैं। यदि कोई बीमार हो जाए तो वह भगवान भरोसे ही रहता है। रेलवे को पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करनी चाहिए जिससे आवागमन बाधित न हो। -असरार अहमद खान, ग्राम प्रधान गुसियारी।
जलनिकासी की हो स्थायी व्यवस्था
गांव में बैंक, अस्पताल, इंटर कॉलेज होने के कारण हर रोज सैकड़ों लोग पैदल व वाहनों से निकलते हैं। हर रोज छात्र पैदल अंडरपास के कीचड़ से होकर निकलते हैं। रेलवे प्रशासन को पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए। - जय सिंह यादव, इचौली।
बारिश के चलते समस्या आ रही है। संबंधित ठेकेदारों को बोलकर कार्य में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जलनिकासी की व्यवस्था सभी अंडरपासों में की गई है। जहां भी समस्या है उसे दुरुस्त कराया जाएगा। -मनोज कुमार सिंह, मंडल जनसंपर्क अधिकारी।

फोटो 16 एचएएमपी 33- इंगोहटा के पास निर्माणाधीन अंडर पास संख्या 25 में भरा पानी। संवाद

फोटो 16 एचएएमपी 33- इंगोहटा के पास निर्माणाधीन अंडर पास संख्या 25 में भरा पानी। संवाद

फोटो 16 एचएएमपी 33- इंगोहटा के पास निर्माणाधीन अंडर पास संख्या 25 में भरा पानी। संवाद