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Hamirpur News: साइबर अपराधियों को सिम बेचने वाला गिरफ्तार
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हमीरपुर। कूटरचित ई-केवाईसी के जरिए लोगों के नाम पर सिम कार्ड जारी कराकर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचने वाले गिरोह का साइबर थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में वांछित आरोपी आशीष (23) निवासी सिकंदरपुरा, थाना राठ को गिरफ्तार किया है। उसके कब्जे से आठ ब्लैंक सिम कार्ड बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार 16 सितंबर को पढ़ोरी गांव निवासी रानी पत्नी अरविंद की तहरीर पर साइबर थाना में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले के खुलासे के लिए साइबर थाना के उप निरीक्षक भरत कुमार, स्वाट टीम प्रभारी सचिन शर्मा, सर्विलांश सेल प्रभारी कृष्णदेव त्रिपाठी, साइबर सेल से अजीत सिंह की संयुक्त टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान आशीष का नाम सामने आया।
सूचना पर पुलिस टीम ने हमीरपुर-राठ रोड स्थित संकरी पीपल तिराहे के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक कंपनी में पीओएस एजेंट के तौर पर काम करता है। समूह लोन दिलाने के नाम पर लोगों की केवाईसी कराते समय उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड निकलवा लेता था। इसके बाद इन सिम कार्डों को साइबर अपराधियों को ऊंचे दामों पर बेच देता था।
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पुलिस की जांच में एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल के जरिए आरोपी द्वारा जारी तीन सिम कार्डों से तीन राज्यों में साइबर फ्रॉड की तीन घटनाओं का पता चला है। इनसे लाखों की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह द्वारा सक्रिय किए गए अन्य सिम कार्ड भी कई राज्यों में साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धाराएं 61, 338, 340(2) और टेलीकॉम एक्ट की धारा 42(3)(ई) बढ़ाई गई हैं। पुलिस ने विधिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय भेजा, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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पुलिस के अनुसार 16 सितंबर को पढ़ोरी गांव निवासी रानी पत्नी अरविंद की तहरीर पर साइबर थाना में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले के खुलासे के लिए साइबर थाना के उप निरीक्षक भरत कुमार, स्वाट टीम प्रभारी सचिन शर्मा, सर्विलांश सेल प्रभारी कृष्णदेव त्रिपाठी, साइबर सेल से अजीत सिंह की संयुक्त टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान आशीष का नाम सामने आया।
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सूचना पर पुलिस टीम ने हमीरपुर-राठ रोड स्थित संकरी पीपल तिराहे के पास से उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी एक कंपनी में पीओएस एजेंट के तौर पर काम करता है। समूह लोन दिलाने के नाम पर लोगों की केवाईसी कराते समय उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड निकलवा लेता था। इसके बाद इन सिम कार्डों को साइबर अपराधियों को ऊंचे दामों पर बेच देता था।
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पुलिस की जांच में एनसीआरपी और समन्वय पोर्टल के जरिए आरोपी द्वारा जारी तीन सिम कार्डों से तीन राज्यों में साइबर फ्रॉड की तीन घटनाओं का पता चला है। इनसे लाखों की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह द्वारा सक्रिय किए गए अन्य सिम कार्ड भी कई राज्यों में साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जाने की आशंका है।
पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर ने बताया कि आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धाराएं 61, 338, 340(2) और टेलीकॉम एक्ट की धारा 42(3)(ई) बढ़ाई गई हैं। पुलिस ने विधिक कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय भेजा, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।