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Hamirpur News: चार स्पेन बने, 11 बाकी... तीन माह में कैसे होगा निर्माण
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फोटो20एचएएमपी 25 - सेगमेंट लॉन्चिंग करती मशीन पर काम करते श्रमिक। संवाद
हमीरपुर। रोहाइन नाला परियोजना के तहत बेतवा व यमुना नदी पर 302.75 करोड़ बजट से बनाए जा रहे चार समानांतर पुल नौ वर्ष बाद भी अधूरे हैं। पहले पियर बनाने में विभाग ने देरी की तो अब सेगमेंट की लॉन्चिंग का काम कराने वाली कंपनी धीमी गति से काम कर रही है। यही वजह है कि जो काम मार्च 2025 में पूरा होना था, वह सितंबर 2026 तक नहीं हो पाया।
रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। यमुना नदी पर बन रहे नए पुल की एक लेन में कुल 15 स्पेन बनाए जाने हैं। इनमें अब तक महज चार पर सेगमेंट लगाने का काम हुआ है, जबकि 11 स्पेन का काम अभी बाकी है। ऐसे में दिसंबर तक पुल को पूरा करने का दावा सवालों के घेरे में है। तीन माह से अधिक समय में काम पूरा कराना निर्माण एजेंसी के लिए बड़ी चुनौती है।
वर्ष 2016 में नेशनल हाईवे 34 पर यमुना नदी के पुल में खामी आई थी। इसके बाद आवागमन बंद कर दिया गया। मरम्मत के बाद पुल तो चालू कर दिया गया, लेकिन भविष्य में कोई खतरा होने पर समस्या खड़ी न हो इसके लिए नए पुल का प्रस्ताव तैयार किया गया। बाईपास पुल के लिए शासन को भेजे गए प्रस्ताव को वर्ष 2017 में स्वीकृति मिल गई। इसके बाद पुल की डिजाइन बदली गई और बजट 302.75 करोड़ कर दिया गया। सेतु निगम की ओर से पियर बनाने का काम शुरू किया गया। वर्ष 2023 में 45 करोड़ के बजट से सेगमेंट व लॉन्चिंग का ठेका परमानंद आडवाणी कंपनी को दिया गया। कंपनी ने दो नदियों पर चार समानांतर पुल पर एक ही लॉन्चिंग मशीन से काम शुरू किया। मार्च 2025 में काम को पूरा करना था, लेकिन रफ्तार इतनी धीमी रही कि एक लेन भी तैयार नहीं कर पाए। इसके बाद कंपनी को दिसंबर 2026 में काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। पुल में कुल 15 स्पेन बनाए जाने हैं। इनमें अब तक महज चार स्पेन पर सेगमेंट लगाने का काम पूरा हुआ है, जबकि 11 स्पेन का काम अभी बाकी है।
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दो शिफ्टों में चल रहा काम
यमुना नदी पर बन रहे नए पुल पर लॉन्चिंग का काम दो शिफ्टों में चल रहा है। काम जल्दी पूरा हो सके इसके लिए कंपनी की ओर से प्रयास किया जा रहा है। इंजीनियर सत्यम श्रीवास्तव का कहना है कि दिन में 15 से 17 मजदूरों से काम लिया जा रहा, जबकि रात के वक्त 10 से 13 मजदूर लगाए गए हैं। वहीं कास्टिंग यार्ड में 20 से 25 मजदूर काम कर रहे हैं।
मौसम डाल रहा अड़ंगा
यमुना नदी पर एक लेन के पुल पर चल रहा लॉन्चिंग के काम में मौसम सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। इंजीनियर का कहना है कि यहां पर मिट्टी ऐसी है कि जरा सी बारिश के बाद सेगमेंट लाना मुश्किल हो जाता है। कई बार वाहन फंस जाते हैं। बारिश के दिनों दो माह में एक स्पेन पूरा नहीं हो पाया है। मौसम साफ हो तो फिर काम की रफ्तार बढ़ेगी और पूरी उम्मीद है कि दिसंबर तक एक लेन तैयार कर दी जाएगी।
जाम से कब मिलेगी राहत?
पुराने यमुना पुल पर वाहनों का दबाव बढ़ने से आए दिन जाम की स्थिति बनती है। नए पुल से यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है, लेकिन निर्माण की धीमी गति ने जनपदवासियों का इंतजार और बढ़ा दिया है। पहले मार्च 2025 में एक लेन चालू करने की बात कही गई और इसके बाद अब दिसंबर 2026 दिसंबर का दावा है। ऐसे में लोगों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि इस बार दावा हकीकत में बदलेगा या नहीं।
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रविवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। यमुना नदी पर बन रहे नए पुल की एक लेन में कुल 15 स्पेन बनाए जाने हैं। इनमें अब तक महज चार पर सेगमेंट लगाने का काम हुआ है, जबकि 11 स्पेन का काम अभी बाकी है। ऐसे में दिसंबर तक पुल को पूरा करने का दावा सवालों के घेरे में है। तीन माह से अधिक समय में काम पूरा कराना निर्माण एजेंसी के लिए बड़ी चुनौती है।
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वर्ष 2016 में नेशनल हाईवे 34 पर यमुना नदी के पुल में खामी आई थी। इसके बाद आवागमन बंद कर दिया गया। मरम्मत के बाद पुल तो चालू कर दिया गया, लेकिन भविष्य में कोई खतरा होने पर समस्या खड़ी न हो इसके लिए नए पुल का प्रस्ताव तैयार किया गया। बाईपास पुल के लिए शासन को भेजे गए प्रस्ताव को वर्ष 2017 में स्वीकृति मिल गई। इसके बाद पुल की डिजाइन बदली गई और बजट 302.75 करोड़ कर दिया गया। सेतु निगम की ओर से पियर बनाने का काम शुरू किया गया। वर्ष 2023 में 45 करोड़ के बजट से सेगमेंट व लॉन्चिंग का ठेका परमानंद आडवाणी कंपनी को दिया गया। कंपनी ने दो नदियों पर चार समानांतर पुल पर एक ही लॉन्चिंग मशीन से काम शुरू किया। मार्च 2025 में काम को पूरा करना था, लेकिन रफ्तार इतनी धीमी रही कि एक लेन भी तैयार नहीं कर पाए। इसके बाद कंपनी को दिसंबर 2026 में काम पूरा करने का लक्ष्य दिया गया। पुल में कुल 15 स्पेन बनाए जाने हैं। इनमें अब तक महज चार स्पेन पर सेगमेंट लगाने का काम पूरा हुआ है, जबकि 11 स्पेन का काम अभी बाकी है।
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दो शिफ्टों में चल रहा काम
यमुना नदी पर बन रहे नए पुल पर लॉन्चिंग का काम दो शिफ्टों में चल रहा है। काम जल्दी पूरा हो सके इसके लिए कंपनी की ओर से प्रयास किया जा रहा है। इंजीनियर सत्यम श्रीवास्तव का कहना है कि दिन में 15 से 17 मजदूरों से काम लिया जा रहा, जबकि रात के वक्त 10 से 13 मजदूर लगाए गए हैं। वहीं कास्टिंग यार्ड में 20 से 25 मजदूर काम कर रहे हैं।
मौसम डाल रहा अड़ंगा
यमुना नदी पर एक लेन के पुल पर चल रहा लॉन्चिंग के काम में मौसम सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। इंजीनियर का कहना है कि यहां पर मिट्टी ऐसी है कि जरा सी बारिश के बाद सेगमेंट लाना मुश्किल हो जाता है। कई बार वाहन फंस जाते हैं। बारिश के दिनों दो माह में एक स्पेन पूरा नहीं हो पाया है। मौसम साफ हो तो फिर काम की रफ्तार बढ़ेगी और पूरी उम्मीद है कि दिसंबर तक एक लेन तैयार कर दी जाएगी।
जाम से कब मिलेगी राहत?
पुराने यमुना पुल पर वाहनों का दबाव बढ़ने से आए दिन जाम की स्थिति बनती है। नए पुल से यातायात व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है, लेकिन निर्माण की धीमी गति ने जनपदवासियों का इंतजार और बढ़ा दिया है। पहले मार्च 2025 में एक लेन चालू करने की बात कही गई और इसके बाद अब दिसंबर 2026 दिसंबर का दावा है। ऐसे में लोगों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि इस बार दावा हकीकत में बदलेगा या नहीं।