{"_id":"5ec130358ebc3e9046022533","slug":"l-l-aa139","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्थानीय ग्रामीणों के अड़ंगेबाजी से मौरंग खदान बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्थानीय ग्रामीणों के अड़ंगेबाजी से मौरंग खदान बंद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमीरपुर। पारा कंडौर की खदान ग्रामीणों के अड़ंगे से पिछले दो दिनों से बंद चल रही है। खदान को जाने वाले रास्ते से वाहनों की आवाजाही को बंद करा दिया गया है। खदान संचालकों का कहना है कि खदान से बैलगाड़ी और ट्रैक्टर ट्राली से मौरंग की चोरी करने वाले स्थानीय कुछ असरदार लोग ग्रामीणों को उकसाकर खदान का संचालन प्रभावित करवा दिया है। इन्हीं लोगों की चोरी की वजह से खदान के रास्ते का पुल टूट गया है। जबकि इस रास्ते से खदान के ट्रकों की आवाजाही नहीं होती है। ग्रामीण इसे मुद्दा बनाकर खदान का संचालन बंद किए हैं। जिससे राजस्व की क्षति हो रही है। कुरारा क्षेत्र के अंतर्गत पारा कंडौर (टीकापुर) गांव की खदान संख्या 20/5 है। खदान जाने के दो रास्ते हैं। एक रास्ते में पुल पड़ता है। पट्टाधारक ओमप्रकाश, रामऔतार का कहना है कि पुल वाले रास्ते से खदानों के वाहनों की आवाजाही नहीं होती है। खदान आने-जाने वाले वाहनों का दूसरा रास्ता है। जिसमें कोई पुल नहीं है। जिस रास्ते में पुल है उस रास्ते से गांव के कुछ असरदार लोगों की शहर पर ट्रैक्टर ट्रालियों और बैलगाड़ियों से अरसे से मौरंग की चोरी कर निकलती हैं। इस मौरंग को खदान से कुछ दूर लाने के बाद डंप किया जाता है। फिर इन्हीं असरदार के इशारे पर ट्रकों में लोड कर चोरी से भेजा जाता है। इसी वजह से पुल भी ध्वस्त हुआ है। लेकिन अपनी चोरी छिपाने के लिए खदान संचालकों पर दोष मढ़ते हुए ग्रामीणों के साथ मिलकर खदान का संचालन बंद करा दिया गया है। जिससे राजस्व का नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
फोटो परिचय 17 एचएएमपी 8 खदान से बैलगाड़ी व ट्रैक्टर ट्राली निकलते हुए