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Hamirpur News: स्वाइन फ्लू की जांच नहीं, डॉक्टर बिना मास्क कर रहे इलाज
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फोटो 03 एचएएमपी 36- जिला अस्पताल में बुखार ओपीडी में बिना मास्क उपचार करते चिकित्सक। संवाद
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हमीरपुर। जिले में स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ रहा है। सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में भी भारी इजाफा हुआ है। इसके बावजूद जिला अस्पताल में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। चिकित्सक भी बिना मास्क के ही मरीजों का उपचार कर रहे हैं। ज्यादातर स्वास्थ्यकर्मी भी इस बीमारी के प्रति गंभीर नहीं हैं।
बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे संवाद न्यूज एजेंसी ने अस्पताल की ओपीडी की पड़ताल की। इसमें स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता स्पष्ट नजर आई। स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए बनाया गया आइसोलेशन वार्ड भी अन्य बीमारियों के मरीजों से भरा मिला। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ओपीडी में कुल 816 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें 394 पुरुष, 307 महिलाएं और 115 बालरोगी शामिल थे। मेडिसिन ओपीडी में करीब 300 से अधिक मरीजों ने उपचार कराया। इन मरीजों में से 50 फीसदी सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार से संबंधित थे। इसके चलते मेडिसिन ओपीडी में बुखार के लिए अलग व्यवस्था की गई है। सीएमएस ने बुखार के मरीजों को कमरा नंबर 102 पर देखने के निर्देश दिए हैं। ऐसे हालात में भी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी बिना मास्क के ही उपचार करते मिले।
जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच करने के लिए बृहस्पतिवार को सीएमओ स्तर से किटें तो भेजी गई हैं। यदि किसी में लक्षण मिलते हैं तो किट से जांच कराई जाएगी। मास्क आदि की सारी व्यवस्थाएं हैं। बिना मास्क उपचार करना गलत है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -डॉ. आरएस प्रजापति, प्रभारी सीएमएस
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बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे संवाद न्यूज एजेंसी ने अस्पताल की ओपीडी की पड़ताल की। इसमें स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता स्पष्ट नजर आई। स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए बनाया गया आइसोलेशन वार्ड भी अन्य बीमारियों के मरीजों से भरा मिला। यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। ओपीडी में कुल 816 मरीजों ने पंजीकरण कराया। इनमें 394 पुरुष, 307 महिलाएं और 115 बालरोगी शामिल थे। मेडिसिन ओपीडी में करीब 300 से अधिक मरीजों ने उपचार कराया। इन मरीजों में से 50 फीसदी सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार से संबंधित थे। इसके चलते मेडिसिन ओपीडी में बुखार के लिए अलग व्यवस्था की गई है। सीएमएस ने बुखार के मरीजों को कमरा नंबर 102 पर देखने के निर्देश दिए हैं। ऐसे हालात में भी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी बिना मास्क के ही उपचार करते मिले।
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जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के मरीजों की जांच करने के लिए बृहस्पतिवार को सीएमओ स्तर से किटें तो भेजी गई हैं। यदि किसी में लक्षण मिलते हैं तो किट से जांच कराई जाएगी। मास्क आदि की सारी व्यवस्थाएं हैं। बिना मास्क उपचार करना गलत है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। -डॉ. आरएस प्रजापति, प्रभारी सीएमएस
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