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Hamirpur News: दो दिन तक मृत पड़े रहे छह गोवंश, किसी ने भी नहीं ली सुध

Thu, 03 Sep 2026 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 11:45 PM IST
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Six cattle remained dead for two days, no one took any notice.
फोटो 03 एचएएमपी 13- गहरौली पशु आश्रय स्थल में जांच करते सीवीओ और बीडीओ। संवाद
हमीरपुर/गहरौली। विकासखंड मुस्करा के गहरौली कस्बा स्थित पशु आश्रय स्थल में दो दिनों से छह गोवंश मृत पड़े थे। किसी जिम्मेदार ने उन्हें हटाने की सुध नहीं ली। ग्रामीणों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
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वायरल वीडियो में पशु आश्रय स्थल के अंदर करीब छह मृत गोवंश पड़े साफ दिखाई दे रहे हैं, हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करता है। वीडियो में कई गोवंश भूख-प्यास से तड़पते नजर आ रहे हैं।
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वीडियो वायरल होने के बाद अफसर सक्रिय हुए। बीडीओ राजीव सिंह ने वायरल वीडियो की पुष्टि की। उन्होंने एडीओ पंचायत और सचिव को एक दिन का कारण बताओ नोटिस जारी किया। दो चौकीदारों को भी हटा दिया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर बृहस्पतिवार को सीवीओ भूपेंद्र यादव और बीडीओ राजीव सिंह ने मृत गोवंशों को दफन करवाया। मौदहा एसडीएम करनवीर सिंह को खराब रास्ते के कारण ट्रैक्टर चलाकर गोशाला जाना पड़ा। गोशाला से लौटते समय ग्रामीणों ने एसडीएम का रास्ता रोका। उन्होंने गोशाला की दुर्दशा पर सवाल उठाए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पशु चिकित्सक नियमित इलाज के लिए नहीं आते हैं। क्षेत्रीय पशु चिकित्साधिकारी वंशराज पटेल ने 15 दिनों से रास्ता खराब होने के कारण गोशाला न पहुंच पाने की बात स्वीकार की। एसडीएम ने रास्ता सहित सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का आश्वासन दिया है।
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निरीक्षण पर मिले 225 गोवंश संरक्षित: अफसरों के निरीक्षण में करीब 225 गोवंश संरक्षित मिले, लेकिन परिसर में गहरा कीचड़ और जलभराव की स्थिति थी। छोटे और बड़े पशुओं को एक साथ रखने से छोटे गोवंशों के घायल होने की आशंका जताई गई। आश्रय स्थल पर भूसा और पानी की व्यवस्था मिली, लेकिन हरा चारा नहीं था। करीब 40 छोटे गोवंशों को अलग रखने की व्यवस्था की गई। अधिकारियों ने कुछ गोवंशों को दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करने की तैयारी की है। पशु चिकित्सकों के मुताबिक, कीचड़ में रहने से गोवंशों के पैरों, खुरों में संक्रमण, त्वचा संबंधी परेशानी और चोट की आशंका बढ़ जाती है।

जिले के 167 पशु आश्रय स्थलों पर संरक्षित 23,258 गोवंश: पिछले साल जिले में कुल 308 पशु आश्रय स्थल थे, लेकिन अब मात्र 167 आश्रय स्थल संचालित हैं। इनमें पशुपालन विभाग 23,258 गोवंश संरक्षित होने का दावा कर रहा है। प्रत्येक आश्रय स्थल पर 135 से अधिक गोवंश संरक्षित हैं, लेकिन ज्यादातर गोशालाएं दुर्दशा का शिकार हैं।

फोटो 03 एचएएमपी 13- गहरौली पशु आश्रय स्थल में जांच करते सीवीओ और बीडीओ। संवाद

फोटो 03 एचएएमपी 13- गहरौली पशु आश्रय स्थल में जांच करते सीवीओ और बीडीओ। संवाद

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