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ग्रामीणों को न्यू पीएचसी का लाभ नहीं
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गहरौली। बड़ी आबादी वाले गहरौली गांव में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तो है, लेकिन अस्पताल के कभी-कभी खुलने से मरीजों को 10 किमी दूर मुस्करा सीएचसी इलाज के लिए जाना पड़ता है। क्षेत्र पंचायत सदस्य ने सीएमओ को शिकायती पत्र भेजकर पीएचसी समय से खुलवाए जाने की मांग की है।
गहरौली का सरकारी अस्पताल हमेशा सुर्खियों में रहता है। लाखों की लागत से बना भवन बेकार साबित हो रहा है। जरा सी बारिश में छतें टपकने में लगती हैं। चारों तरफ से बाउंड्रीवाल भी ध्वस्त होती जा रही है। पीएचसी का स्टाफ और चिकित्सकों के समय से न पहुंचने पर 10 बजे के बाद अस्पताल का ताला खुलता है। यहां दो चिकित्सकों की कागजों पर तैनाती है।
एक एमबीबीएस चिकित्सक की तैनाती है जो 18 माह पूर्व ज्वाइन कर चले गए थे। उसके बाद एक दिन भी नहीं आए। एकमात्र होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अमित खरे तीन साल से सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन वह भी देर से आ पाते हैं। मंगलवार को चिकित्सक के इंतजार में बैठे मरीज देवेंद्र पाल, बैजनाथ राजपूत, प्रताप अहिरवार, मानसिंह राजपूत, मंगल प्रजापति व बीडीसी सदस्य राम सिंह पाल ने बताया सुबह 8 बजे से इंतजार कर रहे हैं।
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काफी इंतजार के बाद जब अस्पताल का ताला नहीं खुला तो 10 बजे फोन से सीएमओ को जानकारी दी है। डा. अमित खरे ने बताया गहरौली अस्पताल में सोमवार, मंगलवार व बुधवार व बाकी दिन भैसायं पीएचसी में ड्यूटी लगी है। ड्यूटी वाले दिन आते हैं। किन्हीं कारणों पर लेट हो जाते हैं।
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गहरौली का सरकारी अस्पताल हमेशा सुर्खियों में रहता है। लाखों की लागत से बना भवन बेकार साबित हो रहा है। जरा सी बारिश में छतें टपकने में लगती हैं। चारों तरफ से बाउंड्रीवाल भी ध्वस्त होती जा रही है। पीएचसी का स्टाफ और चिकित्सकों के समय से न पहुंचने पर 10 बजे के बाद अस्पताल का ताला खुलता है। यहां दो चिकित्सकों की कागजों पर तैनाती है।
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एक एमबीबीएस चिकित्सक की तैनाती है जो 18 माह पूर्व ज्वाइन कर चले गए थे। उसके बाद एक दिन भी नहीं आए। एकमात्र होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अमित खरे तीन साल से सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन वह भी देर से आ पाते हैं। मंगलवार को चिकित्सक के इंतजार में बैठे मरीज देवेंद्र पाल, बैजनाथ राजपूत, प्रताप अहिरवार, मानसिंह राजपूत, मंगल प्रजापति व बीडीसी सदस्य राम सिंह पाल ने बताया सुबह 8 बजे से इंतजार कर रहे हैं।
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काफी इंतजार के बाद जब अस्पताल का ताला नहीं खुला तो 10 बजे फोन से सीएमओ को जानकारी दी है। डा. अमित खरे ने बताया गहरौली अस्पताल में सोमवार, मंगलवार व बुधवार व बाकी दिन भैसायं पीएचसी में ड्यूटी लगी है। ड्यूटी वाले दिन आते हैं। किन्हीं कारणों पर लेट हो जाते हैं।