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Hamirpur News: हत्या के मामले में सात आरोपी दोषी करार

Tue, 13 Dec 2022 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Dec 2022 11:33 PM IST
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hatya ke mamle me 7 dosi karaar
हमीरपुर। 21 साल पुराने हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फौजदारी चंद्रभान सिंह की अदालत ने सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं साक्ष्यों के आधार पर दोनों पक्षों के पांच लोगों को दोषमुक्त किया है। अदालत गुरुवार को सजा सुनाएगी।
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सुमेरपुर थानाक्षेत्र के इंगोहटा निवासी वादी योगेंद्र कुमार दीक्षित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी व गांव के अशोक निगम, राजीव निगम, सोम निगम व सत्तीदीन कोरी से रंजिश चली आ रही है।
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सात अगस्त 2001 की शाम साढ़े छह बजे वह व उसके बड़े भाई महंत राम मनोहर दास, रामकिशोर दीक्षित, दिलीप कुमार, राजन दीक्षित, कल्लू दीक्षित व पुत्री मनीषा व प्रतीक्षा अपने खलिहान से घर को आ रहे थे। लुखरू कहार के मकान के पास गांव के अशोक निगम, शिक्षक राजीव निगम, एडवोकेट सोम निगम, सत्तीदीन कोरी, मलखान प्रजापति, देवेंद्र दीक्षित, फणींद्र दीक्षित, मुनव्वर, सुरेश व रमेश विश्वकर्मा सामने आ गए।
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तमंचा, बंदूक प फरसा लेकर एक राय होकर गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायर करके उसके चचेरे भाई कल्लू दीक्षित की हत्या कर दी। अन्य को फरसे व गोली मारकर घायल कर दिया। बताया कि सभी आरोपी जान माल की धमकी देते हुए अशोक निगम के दरवाजे से अंदर घुसकर पीछे के दरवाजे से निकलकर भाग गए। पुलिस ने 10 आरोपियों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था।
दूसरे पक्ष के वादी मनीराम प्रजापति ने पुलिस को दी तहरीर में सात अगस्त 2001 को उसका भाई मलखान अशोक निगम के घर से काम करके घर आ रहा था। तभी बच्चू लोहार के मकान के पास आरोपी महंत राम मनोहर दीक्षित, रामकिशोर दीक्षित, योगेंद्र दीक्षित व कल्लू दीक्षित लाठी डंडों से उसके भाई को मारपीट करने लगे। बताया कि जिस पर उसके भाई को गंभीर चोटें आई हैं। जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनीराम बुंदेला व जगदीश अनुरागी ने बताया कि अदालत ने सात आरोपियों अशोक निगम, राजीव निगम, सत्तीदीन कोरी, देवेंद्र दीक्षित, मुनव्वर, सुरेश व रमेश विश्वकर्मा, को दोषी करार दिया है। वहीं आरोपी एडवोकेट सोम निगम व फणींद्र दीक्षित को दोषमुक्त किया है। वहीं दूसरे पक्ष के महंत राम मनोहर दीक्षित, रामकिशोर व योगेंद्र दीक्षित को दोषमुक्त किया है। बताया की 15 दिसंबर गुरुवार को अदालत फैसला सुनाएगी।

तीनों सगे भाइयों ने दोषमुक्त होने पर खुशी
महंतराम मनोहर दीक्षित ने बताया कि घटना में हम तीनों भाइयों रामकिशोर व योगेंद्र को गंभीर चोटें आईं थी। हमें गलत फंसाया गया था, अदालत पर हमें भरोसा था जिसका परिणाम सामने हैं। दूसरे पक्ष के दोषमुक्त हुए अधिवक्ता सोम निगम का कहना है कि हम लोग मौके पर गलत फंसाया गया था। जबकि हमारे दरवाजे पर लोगों ने मारपीट कर हमारे नौकर मलखान की हत्या की थी। कहा कि फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
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