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अंधा मोड़ पर धुंध ने ले ली दो मौरंग कारोबारियों की जान
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मृतक मुकेश पाल की फाइल फोटो।
- फोटो : HAMIRPUR
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हमीरपुर। शहर कोतवाली के राठ मार्ग पर शंकरी पीपल के पास एक बुलेट खाई में गिर जाने से दो मौरंग कारोबारियों की मौत हो गई, तीसरा साथी घायल है। घटना सोमवार रात की है। अंधा मोड़ पर घने कोहरे के चलते यह हादसा हुआ। यह भी कहा जा रहा कि यदि यहां रिफ्लेक्टर (लाल संकेतक) होता तो शायद बुलेट सवारों के साथ होने वाली यह घटना टल जाती। तीनों टीकापुर खदान से लौट रहे थे। चिकित्सकों ने घायल को लखनऊ रेफर कर दिया है। दूसरी ओर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। घटना से परिवारों में कोहराम मचा है।
ललपुरा थानाक्षेत्र में टीकापुर खदान है। मौरंग कारोबारी बिवांर थानाक्षेत्र के सायर निवासी मुकेश पाल (21), कानपुर के बिधनू निवासी प्रदीप सिंह (34) व आदित्य शुक्ला (30) सोमवार रात एक ही बुलेट से शहर लौट रहे थे। राठ मोड़ पर शंकरी पीपल के पास बुलेट अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। मुकेश पाल व प्रदीप सिंह की मौत हो गई जबकि आदित्य गंभीर घायल हुआ। रामचरित सिंह ने बताया कि भांजा प्रदीप व उसका घायल दोस्त आदित्य शुक्ला मौरंग कारोबार करते थे। कानपुर नगर के हंसपुरम में दोनों के मकान आसपास हैं। प्रदीप के एक बेटा शुुुभ (5) व एक बेटी बिट्टो (3) हैं। सोमवार को भांजे की स्कॉर्पियो खराब हो गई थी जिससे वह पड़ोसी की बुलेट लेकर निकला था। छोटा भाई संदीप सिंह पढ़ाई करता है। पिता अनिल सिंह गांव बिधनू में खेतीबाड़ी देखते हैं। घायल आदित्य की हालत गंभीर होने पर उन्हें कानपुर से लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाइक सवार हेलमेट लगाए थे जो घटनास्थल पर टूटा पड़ा मिला।
सेहरा बंधने के पहले ही छोड़ गया
मुकेश के पिता धर्मपाल ने बताया कि बेटे का एक ट्रक मौरंग के धंधे में लगा था। कानपुर से आए दोस्तों के साथ शाम पांच बजे के आसपास चला गया। रात में मौत की सूचना से वह हतप्रभ हैं। बताया तीन भाइयों में सबसे बड़ा होने पर घर की पूरी जिम्मेदारी मुकेश ही उठाता था। अभी शादी नहीं हुई थी। इस साल शादी करने की तैयारी कर रहे थे लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।
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रिफ्लेक्टर प्वाइंट है जरूरी
कोतवाल भरत कुमार ने बताया कि राठ रोड का यह अंधा मोड़ बेहद खतरनाक है। इस अंधा मोड़ पर घने कोहरे के चलते हादसा हुआ। राठ तिराहे पर बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है। मोड़ पर रिफ्लेक्टर प्वाइंट होना जरूरी है। यदि यह होता तो शायद इतनी बड़ी घटना टल जाती। यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। कार्यदायी संस्था को रिफ्लेक्टर प्वाइंट लगाने के लिए पत्र भी लिखा गया है।
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ललपुरा थानाक्षेत्र में टीकापुर खदान है। मौरंग कारोबारी बिवांर थानाक्षेत्र के सायर निवासी मुकेश पाल (21), कानपुर के बिधनू निवासी प्रदीप सिंह (34) व आदित्य शुक्ला (30) सोमवार रात एक ही बुलेट से शहर लौट रहे थे। राठ मोड़ पर शंकरी पीपल के पास बुलेट अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। मुकेश पाल व प्रदीप सिंह की मौत हो गई जबकि आदित्य गंभीर घायल हुआ। रामचरित सिंह ने बताया कि भांजा प्रदीप व उसका घायल दोस्त आदित्य शुक्ला मौरंग कारोबार करते थे। कानपुर नगर के हंसपुरम में दोनों के मकान आसपास हैं। प्रदीप के एक बेटा शुुुभ (5) व एक बेटी बिट्टो (3) हैं। सोमवार को भांजे की स्कॉर्पियो खराब हो गई थी जिससे वह पड़ोसी की बुलेट लेकर निकला था। छोटा भाई संदीप सिंह पढ़ाई करता है। पिता अनिल सिंह गांव बिधनू में खेतीबाड़ी देखते हैं। घायल आदित्य की हालत गंभीर होने पर उन्हें कानपुर से लखनऊ के लिए रेफर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बाइक सवार हेलमेट लगाए थे जो घटनास्थल पर टूटा पड़ा मिला।
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सेहरा बंधने के पहले ही छोड़ गया
मुकेश के पिता धर्मपाल ने बताया कि बेटे का एक ट्रक मौरंग के धंधे में लगा था। कानपुर से आए दोस्तों के साथ शाम पांच बजे के आसपास चला गया। रात में मौत की सूचना से वह हतप्रभ हैं। बताया तीन भाइयों में सबसे बड़ा होने पर घर की पूरी जिम्मेदारी मुकेश ही उठाता था। अभी शादी नहीं हुई थी। इस साल शादी करने की तैयारी कर रहे थे लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था।
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रिफ्लेक्टर प्वाइंट है जरूरी
कोतवाल भरत कुमार ने बताया कि राठ रोड का यह अंधा मोड़ बेहद खतरनाक है। इस अंधा मोड़ पर घने कोहरे के चलते हादसा हुआ। राठ तिराहे पर बाईपास का निर्माण कार्य चल रहा है। मोड़ पर रिफ्लेक्टर प्वाइंट होना जरूरी है। यदि यह होता तो शायद इतनी बड़ी घटना टल जाती। यहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं। कार्यदायी संस्था को रिफ्लेक्टर प्वाइंट लगाने के लिए पत्र भी लिखा गया है।

मृतक प्रदीप सिंह की फाइल फोटो।- फोटो : HAMIRPUR