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नौ मृतक आश्रितों के खाते में पहुंची अनुग्रह धनराशि
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हमीरपुर। पंचायत चुनाव में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कार्मियों के नौ आश्रितों के खाते में अनुग्रह राशि पहुंच गई है।
अप्रैल 2021 में पंचायत चुनाव के दौरान कई कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई थी। वहीं कोरोना ड्यूटी व अन्य दुर्घटनाओं में भी कर्मचारियों की भी जान गई थी। ऐसे सभी कर्मचारियों के आश्रितों को शासन ने 30-30 लाख रुपये देने की बात कही थी। इस पर जिला प्रशासन ने सीडीओ/उप जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत सामने चुनाव ड्यूटी दौरान कोरोना से हुई मौतों पर मृतक आश्रितों ने अभिलेख प्रस्तुत किए थे। मुख्य विकास अधिकारी केके वैश्य और जिलाधिकारी डॉ. ज्ञानेश्वर त्रिपाठी के अनुमोदन के बाद नौ मृतकों के आश्रितों को धनराशि उनके खातों में भेजी गई है।
इनको मिली धनराशि
सीनियर असिस्टेंट माध्यमिक शिक्षा के आशुतोष श्रीवास्तव की पत्नी ऋचा श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य चंद्रभान सिंह चंदेल की पत्नी रामलली, प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार कौशल के पुत्रों प्रखर व प्रांजुल, पंचायती राज विभाग के लेखाकार मेघवा प्रजापति की पत्नी शकुंतला, एआरटीओ मो.हसीब की पत्नी शिफा, सिंचाई विभाग इरीगेशन सुपरवाइजर रामआसरे पाल की पत्नी कमला, सहकारिता विभाग के ब्रांच मैनेजर राम प्रकाश पटेल की पत्नी इंद्रा, बेसिक शिक्षा विभाग के प्रधानाध्यापक रतन पाल की पत्नी मंजुलता, खाद्य एवं रसद विभाग के क्लर्क सुरेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी लक्ष्मी देवी।
कोरोना में प्रधानाध्यापक के बाद पत्नी की भी हुई मौत
पिछले 17 अप्रैल को राठ कस्बा निवासी परिषदीय स्कूल के प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार कौशल के कोरोना से निधन के बाद उनकी पत्नी की एक मई को मौत हो गई। इसके चलते मृतक आश्रित उनके पुत्रों प्रखर और प्रांजुल को 15-15 लाख की धनराशि दी गई है।
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शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई धनराशि को नौ मृतकों के आश्रितों को सीधे उनके खाते में भेज दिया गया है। चुनाव में कोरोना संबंधी प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है।
- एसके शुक्ला, सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचायत
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अप्रैल 2021 में पंचायत चुनाव के दौरान कई कर्मचारियों की कोरोना संक्रमण से मृत्यु हो गई थी। वहीं कोरोना ड्यूटी व अन्य दुर्घटनाओं में भी कर्मचारियों की भी जान गई थी। ऐसे सभी कर्मचारियों के आश्रितों को शासन ने 30-30 लाख रुपये देने की बात कही थी। इस पर जिला प्रशासन ने सीडीओ/उप जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत सामने चुनाव ड्यूटी दौरान कोरोना से हुई मौतों पर मृतक आश्रितों ने अभिलेख प्रस्तुत किए थे। मुख्य विकास अधिकारी केके वैश्य और जिलाधिकारी डॉ. ज्ञानेश्वर त्रिपाठी के अनुमोदन के बाद नौ मृतकों के आश्रितों को धनराशि उनके खातों में भेजी गई है।
इनको मिली धनराशि
सीनियर असिस्टेंट माध्यमिक शिक्षा के आशुतोष श्रीवास्तव की पत्नी ऋचा श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य चंद्रभान सिंह चंदेल की पत्नी रामलली, प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार कौशल के पुत्रों प्रखर व प्रांजुल, पंचायती राज विभाग के लेखाकार मेघवा प्रजापति की पत्नी शकुंतला, एआरटीओ मो.हसीब की पत्नी शिफा, सिंचाई विभाग इरीगेशन सुपरवाइजर रामआसरे पाल की पत्नी कमला, सहकारिता विभाग के ब्रांच मैनेजर राम प्रकाश पटेल की पत्नी इंद्रा, बेसिक शिक्षा विभाग के प्रधानाध्यापक रतन पाल की पत्नी मंजुलता, खाद्य एवं रसद विभाग के क्लर्क सुरेंद्र प्रताप सिंह की पत्नी लक्ष्मी देवी।
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कोरोना में प्रधानाध्यापक के बाद पत्नी की भी हुई मौत
पिछले 17 अप्रैल को राठ कस्बा निवासी परिषदीय स्कूल के प्रधानाध्यापक कृष्ण कुमार कौशल के कोरोना से निधन के बाद उनकी पत्नी की एक मई को मौत हो गई। इसके चलते मृतक आश्रित उनके पुत्रों प्रखर और प्रांजुल को 15-15 लाख की धनराशि दी गई है।
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शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई धनराशि को नौ मृतकों के आश्रितों को सीधे उनके खाते में भेज दिया गया है। चुनाव में कोरोना संबंधी प्रकरण उनके संज्ञान में नहीं है।
- एसके शुक्ला, सहायक निर्वाचन अधिकारी पंचायत