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दूसरे दिन भी अघोषित कर्फ्यू
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
Updated Tue, 28 Jul 2015 12:25 AM IST
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छेड़छाड़ से आहत छात्रा के आत्मदाह के बाद बवाल और पुलिस फायरिंग में एक की
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मौत के बाद बिवांर कस्बे में सोमवार को भी अघोषित कर्फ्यू जैसा माहौल रहा।
लोगों में दहशत बरकरार है।
दुकानदारों ने दूसरे दिन भी प्रतिष्ठान नहीं खोले। लोगों में इस बात का डर समाया है कि कहीं पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल न भेज दे। लोग पुलिस के इस कृत्य की निंदाकर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
बिवांर कस्बे में शनिवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने 34 लोगों को नामजद करते हुए अज्ञात 900 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ रिपोर्ट होने से लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों में नहीं दिख रहे हैं। चारो ओर सन्नाटा फैला है। हूटर बजाती नेताओं और पुलिस की गाड़ियां ही सन्नाटे को तोड़ रही हैं।
पुलिस की लाठियों की मार से कराह रहे मृतक छात्रा का परिवार घर जाने से डर रहा है। वह रविवार से भाजपा नेताओं के पास रहकर अपने को सुरक्षित महसूस कर रहा है।
छात्रा के नाना बाबू खरे का कहना हैं कि आरोपियों के घर की रखवाली पुलिस कर रही है। इससे वह लोग अपने को असुरिक्षत महसूस कर रहे हैं। पुलिस की लाठियां खाए यह लोग अपने घर को लौटने से डर रहे हैं।
उन्हें डर सता है कि जब उनकी बेटी का शव रात में छीनकर पुलिस यमुना नदी में फेंक सकती है तो उन लोगों को फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। उधर, पुलिस अब बवाल की पुनरावृत्ति नहीं होने देना चाह रही।
कस्बे से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक में भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। सुबह डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी बिवांर थाना पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष को इस कांड में नहीं फंसाया जाएगा। जांच करवाकर ऐसे नाम हटवा दिए जाएंगे।
दुकानदारों ने दूसरे दिन भी प्रतिष्ठान नहीं खोले। लोगों में इस बात का डर समाया है कि कहीं पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर जेल न भेज दे। लोग पुलिस के इस कृत्य की निंदाकर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं।
बिवांर कस्बे में शनिवार को हुए बवाल के बाद पुलिस ने 34 लोगों को नामजद करते हुए अज्ञात 900 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों के खिलाफ रिपोर्ट होने से लोग अपने घरों और प्रतिष्ठानों में नहीं दिख रहे हैं। चारो ओर सन्नाटा फैला है। हूटर बजाती नेताओं और पुलिस की गाड़ियां ही सन्नाटे को तोड़ रही हैं।
पुलिस की लाठियों की मार से कराह रहे मृतक छात्रा का परिवार घर जाने से डर रहा है। वह रविवार से भाजपा नेताओं के पास रहकर अपने को सुरक्षित महसूस कर रहा है।
छात्रा के नाना बाबू खरे का कहना हैं कि आरोपियों के घर की रखवाली पुलिस कर रही है। इससे वह लोग अपने को असुरिक्षत महसूस कर रहे हैं। पुलिस की लाठियां खाए यह लोग अपने घर को लौटने से डर रहे हैं।
उन्हें डर सता है कि जब उनकी बेटी का शव रात में छीनकर पुलिस यमुना नदी में फेंक सकती है तो उन लोगों को फिर से गिरफ्तार कर जेल भेज सकती है। उधर, पुलिस अब बवाल की पुनरावृत्ति नहीं होने देना चाह रही।
कस्बे से लेकर कलेक्ट्रेट परिसर तक में भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। सुबह डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी बिवांर थाना पहुंचे। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष को इस कांड में नहीं फंसाया जाएगा। जांच करवाकर ऐसे नाम हटवा दिए जाएंगे।